इन 3 सोलर स्टॉक्स का मजबूत है ऑर्डर बुक, पाइपलाइन में कई प्रोजेक्ट्स; जानें- शेयरों के नाम
Solar Stocks: 31 मार्च 2026 तक भारत की स्थापित नॉन-फॉसिल-फ्यूल बिजली क्षमता पहले ही 283.46 GW तक पहुंच चुकी थी, जिसका मुख्य कारण सोलर और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट में लगातार हो रही वृद्धि है. जिन कंपनियों के पास मजबूत ऑर्डर बुक हैं, उन्हें अगले कुछ वर्षों के लिए बेहतर रेवेन्यू विजिबिलिटी और एग्जीक्यूशन पाइपलाइन नजर आ रही है.
Solar Stocks: भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर अब एक बड़े एग्जीक्यूशन फेज में प्रवेश कर रहा है, क्योंकि सरकार 2030 तक 500 गीगावॉट (GW) नॉन-फॉसिल-फ्यूल क्षमता के अपने लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. 31 मार्च 2026 तक भारत की स्थापित नॉन-फॉसिल-फ्यूल बिजली क्षमता पहले ही 283.46 GW तक पहुंच चुकी थी, जिसका मुख्य कारण सोलर और अन्य रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट में लगातार हो रही वृद्धि है.
क्षमता में इस तेज विस्तार के चलते, सोलर वैल्यू चेन में – मॉड्यूल निर्माताओं और EPC प्लेयर्स से लेकर रिन्यूएबल बिजली उत्पादकों तक – बड़े पैमाने पर ऑर्डर आ रहे हैं. इससे जिन कंपनियों के पास मजबूत ऑर्डर बुक हैं, उन्हें अगले कुछ वर्षों के लिए बेहतर रेवेन्यू विजिबिलिटी और एग्जीक्यूशन पाइपलाइन नजर आ रही है. ऐसे तीन स्टॉक्स पर नजर डालते हैं, जिनका ऑर्डर बुक काफी मजबूत है.
वारी एनर्जीज (Waaree Energies)
Waaree Energies एक इंटीग्रेटेड सोलर एनर्जी और एनर्जी ट्रांजिशन कंपनी है. यह दुनिया की सबसे बड़ी नॉन-चाइनीज सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी है. यह कंपनी पूरी क्लीन एनर्जी वैल्यू चेन में काम करती है.
इसके मुख्य बिजनेस में सोलर PV मॉड्यूल और सेल बनाना शामिल है. यह तेजी से बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, सोलर इन्वर्टर, ट्रांसफॉर्मर, ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर, और ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन (T&D) सेवाओं के क्षेत्र में अपना विस्तार कर रही है. यह EPC और मेंटेनेंस सेवाएं भी देती है.
वारी एनर्जीज का ऑर्डर बुक
इक्विटीमास्टर के अनुसार, Waaree के पास 31 मार्च 2026 तक 530 अरब रुपये का ऑर्डर बुक है. यह ऑर्डर बुक, FY26 के 265.4 अरब रुपये के रेवेन्यू के आधार पर, लगभग 2 साल के रेवेन्यू की विजिबिलिटी देता है. इस ऑर्डर बुक का लगभग 65-70% हिस्सा विदेशी लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स का है, जिनकी डिलीवरी अगले 3-4 साल में होनी है.
खास बात यह है कि इस 530 अरब रुपये के आंकड़े में उनके रिटेल सेगमेंट को शामिल नहीं किया गया है, जो फिलहाल उनके कुल रेवेन्यू में लगभग 20% का योगदान देता है. कंपनी के पास 100+ GW की लगातार ऑर्डर पाइपलाइन बनी हुई है. इसके अलावा, अपने EPC सेगमेंट में, कंपनी के पास फिलहाल लगभग 3 GWp के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है.
प्रीमियर एनर्जीज (Premier Energies)
Premier Energies भारत में सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली एक जानी-मानी और पूरी तरह से इंटीग्रेटेड कंपनी है. यह कंपनी ट्रांसफॉर्मर, BESS और सोलर इन्वर्टर के बाजारों में कदम रखकर, क्लीनटेक के सभी तरह के समाधान देने वाली कंपनी बनने के लिए अपने पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ा रही है.
अभी इस कंपनी की सालाना क्षमता सोलर सेल के लिए 3.6 GW और सोलर मॉड्यूल के लिए 5.4 GW है. इसका लक्ष्य इंगट, वेफर, सेल और मॉड्यूल, इन सभी क्षेत्रों में अपनी क्षमता को बढ़ाकर 10 GW से अधिक करना है.
कंपनी का ऑर्डर बुक
इक्विटीमास्टर के अनुसार, कंपनी के पास अभी 9.4 GW के ऑर्डर हैं, जिनकी कीमत 137.2 अरब रुपये है. इससे कंपनी को अगले लगभग दो साल तक की कमाई का अंदाजा मिल जाता है. ये सभी ऑर्डर (100%) भारत के ही हैं. इनमें से 54% ऑर्डर सोलर सेल के लिए और 46% ऑर्डर सोलर मॉड्यूल के लिए हैं. अभी कंपनी की सोलर सेल बनाने की क्षमता का लगभग 90% हिस्सा पहले ही बिक चुका है. कंपनी को उम्मीद है कि वह अपने कुल ऑर्डर का 70-75% हिस्सा अगले 12 महीनों के अंदर पूरा कर लेगी.
स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी
SWREL एक जानी-मानी सोलर EPC कंपनी है. यह कंपनी बड़े पैमाने के सोलर और फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए ‘कॉन्सेप्ट से कमीशन तक’ की पूरी EPC और बैलेंस ऑफ सिस्टम (BoS) सेवाएं देती है. हाल ही में, SWREL ने अपने समाधानों का विस्तार करते हुए उनमें हाइब्रिड एनर्जी, विंड EPC और BESS को भी शामिल किया है. कंपनी के पास 27.3 GWp का EPC पोर्टफोलियो है और इसकी मौजूदगी 28 देशों में है.
ऑर्डर बुकिंग के मामले में FY26 SWREL के लिए एक रिकॉर्ड तोड़ने वाला साल रहा. FY26 में कंपनी को 12 नए ऑर्डर मिले, जिनकी कुल DC सोलर क्षमता लगभग 5.2 GW थी, साथ ही एक BESS प्रोजेक्ट (790 MWh) भी मिला. पैसों के हिसाब से, नए EPC ऑर्डर में साल-दर-साल (YoY) 43% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और यह 100.6 अरब रुपये तक पहुंच गया.
मजबूत ऑर्डर फ्लो और बुक
इक्विटीमास्टर के अनुसार, मजबूत ऑर्डर फ्लो के कारण, कंपनी की पेंडिंग ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो 118.1 अरब रुपये थी. इसमें से 78 फीसदी ऑर्डर घरेलू हैं, जबकि बाकी 22 फीसदी ऑर्डर अंतरराष्ट्रीय हैं.
FY26 के 75.5 अरब रुपये के रेवेन्यू के आधार पर, यह ऑर्डर बुक कंपनी को एक साल से कुछ ज्यादा समय तक के लिए रेवेन्यू की गारंटी देती है. SWREL का लक्ष्य FY27 के आखिर तक अपनी ऑर्डर बुक को बढ़ाकर लगभग 140 अरब रुपये तक पहुंचाना है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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