पावर सेक्टर में करंट! ₹5 ट्रिलियन के प्रोजेक्ट्स और सरकार का मेगा प्लान, इन 3 कंपनियों की झोली भरने को तैयार!
भारत में 2030 तक 500 GW ग्रीन एनर्जी लक्ष्य के चलते ₹5 लाख करोड़ के पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं. इस मेगा निवेश का सीधा फायदा Power Grid, Tata Power और Torrent Power जैसी कंपनियों को मिल सकता है, जिनकी ऑर्डर बुक मजबूत और ग्रोथ विजिबिलिटी साफ है.

Best Power Stocks to buy: भारत के पावर सेक्टर में इस समय एक बड़ी क्रांति देखी जा रही है. बिजनेस स्टैंडर्ड ने ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया कि देश में लगभग ₹5 लाख करोड़ (5 Trillion) के पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स या तो बिडिंग (Bidding) के चरण में हैं या उन पर काम चल रहा है. भारत सरकार ने साल 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करने के लिए बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार करना अनिवार्य हो गया है. इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर करने के लिए वित्त वर्ष 2026 में ही ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है.
इस बड़े बदलाव का सीधा फायदा उन कंपनियों को होने वाला है जिनके पास ‘ऑर्डर बुक’ मजबूत है. आइए विस्तार से जानते हैं उन 3 दिग्गज कंपनियों के बारे में जो इस सेक्टर में लीडर बनकर उभर रही हैं.
Power Grid Share Price
पावर ग्रिड भारत की सबसे बड़ी ट्रांसमिशन कंपनी है, जो देश के लगभग 84 फीसदी अंतर-राज्यीय नेटवर्क को नियंत्रित करती है. 23 मार्च 2026 के बिजनेस अपडेट के अनुसार, कंपनी की स्थिति बेहद मजबूत है.
- मजबूत पाइपलाइन: कंपनी के पास वर्तमान में ₹1.48 लाख करोड़ से ज्यादा के काम पाइपलाइन में है. इसमें से ₹49,000 करोड़ का काम अभी चल रहा है (CWIP).
- भविष्य का अनुमान: कंपनी का अनुमान है कि आने वाले दशकों में ₹15 लाख करोड़ के अवसर पैदा होंगे. अगर कंपनी इनमें से 50% प्रोजेक्ट भी जीतती है, तो उसके पास ₹7.5 लाख करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स आ सकते हैं.
- बड़ा निवेश: कंपनी ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए लगभग ₹82,000 करोड़ के कैपेक्स की योजना बनाई है.
पांच वर्षों में कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को 167 फीसदी से ज्यादा मुनाफा दिया है. मौजूदा वक्त में कंपनी के शेयर 312 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं.
Tata Power Share Price
टाटा पावर भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनी है, जो उत्पादन से लेकर वितरण तक हर क्षेत्र में सक्रिय है. Q3 FY26 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है:
- कुल क्षमता: कंपनी की कुल क्षमता (ऑपरेशनल + निर्माणाधीन) 26,346 MW तक पहुंच गई है.
- सोलर और विंड का दम: वर्तमान में इसकी ऑपरेशनल क्षमता में 4,906 MW सोलर और 1,221 MW विंड एनर्जी शामिल है. सबसे खास बात यह है कि निर्माणाधीन 10,036 MW क्षमता पूरी तरह से ‘क्लीन और ग्रीन’ है.
- ट्रांसमिशन नेटवर्क: टाटा पावर के पास 4,738 ckm का ऑपरेशनल ट्रांसमिशन नेटवर्क है और 2,573 ckm पर काम चल रहा है.
- रूफटॉप सोलर: कंपनी के पास थर्ड-पार्टी रूफटॉप सोलर सेगमेंट के लिए ₹1,174 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है.
- लक्ष्य 2045: कंपनी ने 2045 तक अपने थर्मल पोर्टफोलियो (कोयला आधारित बिजली) से पूरी तरह बाहर निकलने और 2030 तक 70% क्षमता ग्रीन एनर्जी से बनाने का लक्ष्य रखा है.
421 रुपये के इस शेयर ने निवेशकों को अबतक 344 फीसदी का रिटर्न दिया है.
Torrent Power Share Price
प्राइवेट सेक्टर की यह दिग्गज कंपनी भी ट्रांसमिशन और रिन्यूएबल क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है.
- बड़े प्रोजेक्ट्स: कंपनी ने गुजरात के खावड़ा में 4.5 GW रिन्यूएबल एनर्जी निकालने के लिए 400 kV की ट्रांसमिशन लाइन का प्रोजेक्ट जीता है, जिसकी लागत करीब ₹800 करोड़ है.
- सोलापुर प्रोजेक्ट: 1,500 MW बिजली ट्रांसमिशन के लिए सोलापुर प्रोजेक्ट भी टोरेंट पावर की झोली में आया है, जिसकी लागत ₹500 करोड़ है.
- पम्प्ड स्टोरेज: कंपनी महाराष्ट्र में ₹14,000 करोड़ के निवेश के साथ 3 GW का पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट विकसित कर रही है, जो 2028 तक तैयार होगा.
- रिन्यूएबल पाइपलाइन: कंपनी का लक्ष्य अपने रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को 5.95 GW तक ले जाना है, जिसके लिए ₹27,880 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है.
बीते पांच वर्षों में टोरेंट पावर के निवेशकों को शेयरों से 280 फीसदी से ज्यादा का मुनाफा मिला है. स्टॉक की मौजूदा कीमत 1506 रुपये है.
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निवेशकों के लिए क्या है खास?
पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में निवेश लंबी अवधि के लिए एक सुरक्षित विकल्प माना जा सकता है क्योंकि इन प्रोजेक्ट्स में रिटर्न की गारंटी सरकार और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क द्वारा तय होती है. हालांकि निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- प्रोजेक्ट में देरी: बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में अक्सर जमीन अधिग्रहण या अन्य कारणों से देरी हो सकती है.
- भारी कर्ज: यह सेक्टर काफी पूंजी वाला है, इसलिए कंपनियों के कर्ज (Debt) के स्तर पर नजर रखना जरूरी है.
- वैल्यूएशन: निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और शेयर की सही कीमत (Valuations) की जांच जरूर करें.
भारत जिस तरह से डिजिटल हब और डेटा सेंटर की ओर बढ़ रहा है, बिजली की मांग कभी कम नहीं होगी. ऐसे में पावर ट्रांसमिशन और ग्रिड अपग्रेड करने वाली ये कंपनियां आने वाले समय में निवेशकों के रडार पर प्रमुखता से रहेंगी.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.