Vedanta की बड़ी तैयारी! अब दिखेगा बाजार में तगड़ा एक्शन, डीमर्जर के बाद खेल करेगी कंपनी
वेदांता ऑयल एंड गैस ने भारत में कच्चे तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है. कंपनी वित्त वर्ष 2029 तक अपना उत्पादन बढ़ाकर 1.5 लाख बैरल ऑयल इक्विवेलेंट प्रतिदिन से अधिक करना चाहती है. इसके लिए वह करीब 700 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6,000 करोड़) का निवेश करेगी. यह पैसा नए ऑयल वेल्स की ड्रिलिंग, पुराने तेल क्षेत्रों में नई तकनीक अपनाने, डीप गैस प्रोजेक्ट्स और नए क्षेत्रों की खोज पर खर्च किया जाएगा. अगर यह योजना सफल रहती है, तो भारत का आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी.
हालांकि, इस योजना के सामने कई चुनौतियां भी हैं. पिछले 10 वर्षों में वेदांता का उत्पादन लगातार घटा है क्योंकि उसके कई बड़े ऑयल फील्ड पुराने हो चुके हैं. अब कंपनी एन्हांस्ड ऑयल रिकवरी (Enhanced Oil Recovery) जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर पुराने क्षेत्रों से अधिक तेल निकालने की कोशिश करेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना की सफलता पूरी तरह इसके सही क्रियान्वयन, नई तकनीक के परिणाम और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी. यदि कंपनी अपने लक्ष्य हासिल कर लेती है, तो इसका फायदा न केवल वेदांता बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी मिल सकता है.
