विजय केडिया ने साल भर बाद इस स्मॉलकैप स्टॉक में दोबारा ली एंट्री, खरीदे 10000000 शेयर, 47% डिस्काउंट पर हो रहा ट्रेड
दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने पांच तिमाहियों बाद पटेल इंजीनियरिंग में दोबारा एंट्री की है. 1.01% हिस्सेदारी के खुलासे के बाद शेयर में तेजी आई. इसकी ऑर्डर बुक मजबूत है और यह शेयर 47 फीसदी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं. आइये जानते हैं कि केडिया ने कितने शेयर खरीदे हैं.
शेयर बाजार में दिग्गज निवेशकों की हर चाल पर निवेशकों की नजर रहती है. जब ऐसे निवेशक किसी शेयर में दोबारा एंट्री करते हैं, तो बाजार में हलचल तेज हो जाती है. ऐसा ही कुछ देखने को मिला दिग्गज निवेशक विजय केडिया की ताजा निवेश रणनीति में, जहां उन्होंने करीब पांच तिमाहियों के अंतराल के बाद एक बार फिर स्मॉलकैप शेयर Patel Engineering Limited में एंट्री ली है. इसके बाद से इस शेयर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली है.
शेयर का हाल
बुधवार के कारोबारी सत्र में हाइड्रोपावर, टनलिंग और इरिगेशन सेगमेंट में मजबूत मौजूदगी रखने वाली इस कंपनी के शेयर बीएसई पर 3.16% फीसदी उछले और ये 27.43 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब 2,708.5 करोड़ रुपये है. इसका 52 वीक हाई 51.86 रुपये है, यानी बीते एक साल में यह शेयर करीब 47.10 फीसदी टूट चुका है.
केडिया ने खरीदे कितने शेयर
कंपनी ने एक्सचेंज को अपनी Q3 FY26 की शेयरहोल्डिंग पैटर्न की जानकारी दी है. इसमें खुलासा हुआ कि विजय केडिया ने अपनी निवेश कंपनी Kedia Securities Private Limited के जरिए पटेल इंजीनियरिंग में 1.01 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. केडिया के पास अब कंपनी के 1,00,25,099 इक्विटी शेयर हैं.
विजय केडिया ने जून 2024 में इस शेयर से पूरी तरह एग्जिट कर लिया था. उस समय उनके पास 1.42 फीसदी हिस्सेदारी थी. उनकी यह वापसी ऐसे वक्त में हुई है, जब पटेल इंजीनियरिंग का शेयर अपने 52-वीक हाई 51.86 रुपये (20 जनवरी 2025) से करीब 47 फीसदी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है.
कंपनी के नतीजे
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू Q2 FY26 में सालाना आधार पर करीब 3 फीसदी बढ़कर 1,208 करोड़ रुपये रहा जो Q2 FY25 में 1,174 करोड़ रुपये था. हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 73 करोड़ रुपये से घटकर 64.7 करोड़ रुपये रह गया, यानी करीब 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
ऑर्डर बुक
कंपनी की मजबूती उसकी 15,146.4 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक से झलकती है, जो इसके मौजूदा मार्केट कैप से पांच गुना से ज्यादा है. इसमें सबसे बड़ा योगदान हाइड्रोइलेक्ट्रिक सेगमेंट का है, जिसकी हिस्सेदारी 62 फीसदी (9,373.4 करोड़ रुपये, 16 प्रोजेक्ट्स) है. इसके अलावा इरिगेशन सेगमेंट 20 फीसदी, अन्य सेगमेंट 9 फीसदी, टनलिंग 7 फीसदी और रोड सेगमेंट 2 फीसदी योगदान देता है. कुल मिलाकर कंपनी के पास 50 बड़े प्रोजेक्ट्स हैं. पटेल इंजीनियरिंग अब तक 85 से ज्यादा डैम, 40 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और 300 किलोमीटर से अधिक टनलिंग का काम पूरा कर चुकी है.
इसे भी पढ़े: Vedanta के शेयरों ने बनाया रिकॉर्ड हाई, Nuvama का टारगेट 800 रुपये के पार, एक हफ्ते में क्यों भागा स्टॉक?
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.