AI के तूफान में इस टेक स्टॉक में दम, ब्रोकरेज ने दिया जोरदार टागरेट; कहा- सॉलिड डील का है सपोर्ट
MphasiS Share Target Price: AI से होने वाली एफिशिएंसी का कॉम्प्लेक्स ब्राउनफील्ड एंटरप्राइज एनवायरनमेंट में लिमिटेड महत्व है, और मौजूदा सर्विस मॉडल अभी भी काम का है. ब्रोकेरज का कहना है कि बड़े ग्लोबल BFSI GCCs ट्रेडिशनल बैक-एंड काम संभालते हैं, जबकि कॉम्प्लेक्स लेगेसी मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट्स को आउटसोर्स किया जाता रहता है.
MphasiS Share Target Price: टेक सेक्टर अभी मुश्किलों नजर आ रह है. लगातार अलग-अलग स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिल रही है. इंस्टीट्यूशनल रिसर्च ने MphasiS पर एड रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है. ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि AI में रुकावट अलग-अलग इंडस्ट्री में अलग-अलग तरह से होती है, फिर भी Mphasis एक मजबूत नियर-टू-मीडियम-टर्म आउटलुक बनाए हुए है, जिसे एक सॉलिड डील पाइपलाइन का सपोर्ट है. AI से होने वाली एफिशिएंसी का कॉम्प्लेक्स ब्राउनफील्ड एंटरप्राइज एनवायरनमेंट में लिमिटेड महत्व है, और मौजूदा सर्विस मॉडल अभी भी काम का है.
हालांकि, प्राइसिंग स्ट्रक्चर आउटकम-बेस्ड डिलीवरी पर ज्यादा फोकस के साथ बदल रहे हैं, जिसके लिए मजबूत एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी की जरूरत होती है.
लेगेसी मॉडर्नाइजेशन डील पाइपलाइन
ब्रोकेरज का कहना है कि बड़े ग्लोबल BFSI GCCs ट्रेडिशनल बैक-एंड काम संभालते हैं, जबकि कॉम्प्लेक्स लेगेसी मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट्स को आउटसोर्स किया जाता रहता है. Mphasis की लेगेसी मॉडर्नाइजेशन डील पाइपलाइन YoY दोगुनी हो गई है, जो इस ट्रेंड को दिखाती है. क्लाइंट्स अपने पसंदीदा LLMs चुन रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसे मॉडल-एग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म चाहिए जो मौजूदा सिस्टम के साथ इंटीग्रेट हो जाएं, न कि पूरे रीबिल्ड के लिए जाएं.
डिफ्लेशनरी प्रेशर
AI की वजह से डिफ्लेशनरी प्रेशर ने रिन्यूअल पर प्राइसिंग पर असर डाला है, जिससे डिस्काउंट अभी 10 फीसदी से बढ़कर 20 फीसदी हो गया है. इससे रिपीट बिजनेस में कमी आई है (80–85% तक गिर गया है) और लीकेज बढ़कर 20-22 फीसदी हो गया है. इसलिए, डबल डिजिट ग्रोथ हासिल करने की जिम्मेदारी अब नेट-न्यू डील जीतने पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है. बड़ी डील का समय 3-5 साल का होता है, और हायरिंग ऐसे टैलेंट पर फोकस करती है जिसे AI पर ट्रेन किया जा सके.
करेंसी डेप्रिसिएशन
मार्जिन एग्जीक्यूशन क्वालिटी पर निर्भर करता है, हालांकि AI इन्वेस्टमेंट से कोई बड़ा प्रेशर आने की उम्मीद नहीं है, और हेजिंग से जुड़े OCI नुकसान ने करेंसी डेप्रिसिएशन से होने वाले फायदे को कम कर दिया है. BFSI एक्सपोजर ज्यादा लेकिन स्थिर बना हुआ है, लॉजिस्टिक्स की दिक्कतें नॉर्मल हो गई हैं, और स्ट्रैटेजी मौजूदा अकाउंट्स को बढ़ाने पर जोर देती है, साथ ही एक मजबूत पाइपलाइन और AI-फर्स्ट लेगेसी मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम का फायदा उठाती है.
टारगेट प्राइस कितना
हमने FY27/28E के लिए अपनी कमाई के अनुमान में 4/8% की कटौती की है, और रेवेन्यू कन्वर्जन धीमा होने और मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है. ब्रोकरेज ने कहा कि हम 21x FY28E (पहले 25x) के आधार पर 2,660 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ADD रेटिंग बनाए रखते हैं.
EBIT मार्जिन आउटलुक स्थिर बना हुआ है
MphasiS ने पिछले चार साल में अपना EBIT मार्जिन 15-15.5% की रेंज में बनाए रखा है और उम्मीद है कि FY26E मार्जिन 14.8%-15.8% के एक छोटे बैंड के अंदर रहेगा. यह कंपनी के ग्रोथ-ड्रिवन इन्वेस्टमेंट को मार्जिन स्टेबिलिटी के साथ बैलेंस करने पर स्ट्रेटेजिक फोकस को दिखाता है. इस रेंज के अंदर फ्लेक्सिबिलिटी अपफ्रंट रैंप-अप, टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव, बड़ी डील और AI प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट पर टारगेटेड खर्च को मुमकिन बनाती है.
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि जब AI प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन कस्टमर की उम्मीदों के हिसाब से होगा, तो मार्जिन में सुधार होगा; और अगर एग्जीक्यूशन में कमी आती है, तो मार्जिन तेजी से खराब हो सकता है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27E में मार्जिन 15.5 फीसदी पर स्थिर रहेगा, जिसके बाद FY28E तक थोड़ा बढ़कर 15.7 फीसदी हो जाएगा.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
