सुनिल सिंघानिया ने इन 2 कंपनियों पर लगाया दांव, 50000 करोड़ के एक्सपोर्ट टारगेट से होगा फायदा, शेयरों पर रखें नजर
सुनिल सिंघानिया ने PSU दिग्गजों से हटकर प्राइवेट डिफेंस कंपनियों पर दांव लगाया है. उन्होंने Dynamatic Technologies और DCM Shriram Industries में निवेश बढ़ाया है. यह कदम ऐसे समय आया है जब भारत 2029 तक 50000 करोड़ रुपये के डिफेंस एक्सपोर्ट लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है.
Sunil Singhania: देश के डिफेंस सेक्टर में इस समय बड़ा बदलाव दिख रहा है. जब सुनिल सिंघानिया जैसे सुपर इन्वेस्टर PSU दिग्गजों से हटकर प्राइवेट डिफेंस कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं. सिंगानिया ने जिन दो कंपनियों पर खास भरोसा जताया है, वे हैं Dynamatic Technologies और डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज. इससे संकेत मिलता है कि डिफेंस सेक्टर में अगली बड़ी ग्रोथ प्राइवेट खिलाड़ियों से आ सकती है. दिग्गज निवेशक के सरकारी कंपनियों हटकर के प्राइवेट प्लेयर पर दांव लगाने से बाजार सतर्क हो गया है और ये दोनों स्टॉक निवेशकों के रडार पर आ गए हैं.
डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां
सिंगानिया लंबे समय से Dynamatic Technologies में निवेश बनाए हुए हैं और हाल में उन्होंने DCM Shriram Industries में भी हिस्सेदारी ली है. ऐसे निवेशक आमतौर पर गहरी रिसर्च और लंबी अवधि के नजरिए से दांव लगाते हैं. उनका फोकस उन कंपनियों पर दिख रहा है जो डिफेंस टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस और इंडिजिनाइजेशन से जुड़ी हैं. यह केवल ट्रेड नहीं बल्कि थीमैटिक इन्वेस्टमेंट का संकेत देता है.
Dynamatic Technologies
डायनामैटिक टेक्नोलॉजीज अब केवल हाइड्रोलिक्स या ऑटो कंपोनेंट कंपनी नहीं रही. कंपनी एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में टियर वन सप्लायर के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है. यह एएमसीए और एलसीए तेजस जैसे प्रोग्राम से जुड़ी हुई है और ग्लोबल एयरोस्पेस कंपनियों के साथ काम कर रही है. हालांकि इसका पीई रेशियो काफी हाई है, लेकिन बाजार इसे डिफेंस टेक कंपनी के रूप में वैल्यू कर रहा है. कंपनी के शेयरों में 25 फरवरी को 0.17 फीसदी की गिरावट के साथ 9929 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को 5 साल में 1226 फीसदी का रिटर्न दिया है.
DCM Shriram Industries
DCM Shriram Industries ट्रेडिशनल कारोबार से निकलकर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रही है. कंपनी आर्मर्ड व्हीकल और ड्रोन सिस्टम पर काम कर रही है. इसका वैल्यूएशन अपेक्षाकृत कम है, जिससे यह वैल्यू प्ले के रूप में दिखती है. हालांकि डिमर्जर और मैनेजमेंट बदलाव जैसे फैक्टर निवेशकों के लिए नजर रखने वाले बिंदु हैं. कंपनी के शेयरों में 25 फरवरी को 1.07 फीसदी की तेजी के साथ 35 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसके शेयरों में 61 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.
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50000 करोड़ डिफेंस एक्सपोर्ट टारगेट
भारत ने 2029 तक 50000 करोड़ रुपये का डिफेंस एक्सपोर्ट लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य को हासिल करने में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका बढ़ने वाली है. सरकार मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दे रही है. ऐसे में टेक्नोलॉजी, डिजाइन और आईपी क्षमता रखने वाली कंपनियां ज्यादा फायदा उठा सकती हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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