मेटल स्टॉक्स में हाहाकार, Hindustan Copper से Vedanta तक में 6% तक की बड़ी गिरावट; आखिर क्यों टूटा पूरा सेक्टर
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट के साथ निवेशकों की बड़ी रकम डूब गई. खास बात यह रही कि हिंदुस्तान कॉपर, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक और एनएमडीसी जैसे बड़े मेटल शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई. ऐसे समय में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अचानक मेटल शेयर क्यों गिरने लगे.
Metal Stocks: 23 मार्च को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली और इसका सबसे ज्यादा असर मेटल सेक्टर पर पड़ा. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट के साथ निवेशकों की बड़ी रकम डूब गई. खास बात यह रही कि हिंदुस्तान कॉपर, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक और एनएमडीसी जैसे बड़े मेटल शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई. ऐसे समय में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अचानक मेटल शेयर क्यों गिरने लगे.
क्या यह सिर्फ एक दिन की गिरावट है या इसके पीछे कोई बड़ा कारण है. दरअसल, इस गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण एक साथ काम कर रहे हैं. कमजोर मांग, मजबूत डॉलर, बढ़ती ब्याज दरें और महंगे कच्चे तेल जैसे फैक्टर मिलकर मेटल सेक्टर पर दबाव बना रहे हैं.
मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
23 मार्च को शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए. इस गिरावट में मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा. निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 4 प्रतिशत गिर गया. मेटल शेयरों की गिरावट की सबसे बड़ी वजह चीन से कमजोर मांग है. चीन दुनिया का सबसे बड़ा मेटल उपभोक्ता है. वहां मांग कम होने से एल्युमिनियम जैसी धातुओं का स्टॉक बढ़ गया है. इससे सप्लाई ज्यादा और मांग कम हो गई है, जो कीमतों के लिए निगेटिव है.
| कंपनी का नाम | 23 मार्च 2026 इंट्राडे बदलाव (%) |
|---|---|
| हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड | -6.65% |
| जिंदल स्टील लिमिटेड | -6.40% |
| एनएमडीसी लिमिटेड | -6.14% |
| स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) | -5.61% |
| वेलस्पन कॉर्प लिमिटेड | -4.90% |
| जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड | -4.69% |
| नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) | -4.56% |
| टाटा स्टील लिमिटेड | -4.52% |
| हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड | -4.49% |
| लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड | -4.42% |
| अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड | -4.40% |
| वेदांता लिमिटेड | -4.17% |
| जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड | -3.80% |
| हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड | -3.37% |
| एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड | -3.03% |
सोना-चांदी में गिरावट से भी बढ़ा दबाव
हाल के दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट आई है. यह भी मेटल सेक्टर के लिए खराब संकेत है. जब कीमती धातुएं गिरती हैं, तो पूरे सेक्टर पर दबाव आता है. अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने के संकेत मिल रहे हैं. इससे बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत हो गया है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो मेटल महंगे हो जाते हैं और उनकी मांग कम हो जाती है. इससे कीमतों पर दबाव आता है.
महंगा तेल और बढ़ती लागत
वेस्ट एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. इससे मेटल कंपनियों की लागत बढ़ जाती है. प्रोडक्शन और ट्रांसपोर्ट दोनों महंगे हो जाते हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है. भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर रिकॉर्ड स्तर के पास पहुंच गया है. इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है. हालांकि कमजोर रुपया एक्सपोर्ट कंपनियों के लिए अच्छा होता है, लेकिन इस समय निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
