इन 5 कारणों से बाजार में तबाही! सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूटा, निवेशकों के डूबे ₹7 लाख करोड़

कच्चे तेल की महंगी कीमतों और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. सोमवार को रुपया 21 पैसे की गिरावट के साथ 96.17 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.96 पर बंद हुआ था. शुक्रवार को पहली बार रुपया 96 प्रति डॉलर के अहम लेवल के नीचे फिसला था.

क्यों टूटा बाजार? Image Credit: Canva

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया. सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 1,015.52 अंक यानी 1.35 प्रतिशत गिरकर 74,222.84 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 311.85 अंक यानी 1.32 प्रतिशत टूटकर 23,331.65 पर पहुंच गया. बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव रहा. इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है. इससे अमेरिका-ईरान तनाव और गहरा गया. इस गिरावट के बाद निवेशकों के शुरुआती आधे घंटे में करीब 7 लाख करोड़ डूब गए.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

ब्रेंट क्रूड सोमवार को बढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जो पिछले दो हफ्तों का उच्च स्तर है. तेल कीमतों में तेजी से महंगाई और भारत के इंपोर्ट बिल को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका असर बाजार पर दिखा.

टार्गेटेड ड्रोन हमले ने बढ़ाया टेंशन

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रविवार को हुए एक टार्गेटेड ड्रोन हमले ने पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया, जिससे ग्लोबल मार्केट सेंटिमेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ा है. अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पहले से ही अनिश्चितता के दौर में है, क्योंकि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद दोनों पक्ष अब तक किसी ठोस समाधान पर नहीं पहुंच सके हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जल्द कार्रवाई करने की चेतावनी दी है, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा है. उन्होंने Truth Social पर लिखा कि ईरान के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है, उन्हें जल्दी कदम उठाना चाहिए, वरना उनके पास कुछ नहीं बचेगा. समय बहुत महत्वपूर्ण है.

रुपये में रिकॉर्ड कमजोरी

कच्चे तेल की महंगी कीमतों और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. सोमवार को रुपया 21 पैसे की गिरावट के साथ 96.17 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.96 पर बंद हुआ था. शुक्रवार को पहली बार रुपया 96 प्रति डॉलर के अहम लेवल के नीचे फिसला था.

एशियन मार्केट में भारी बिकवाली

सुबह एशियाई बाजारों में दबाव का माहौल देखने को मिला. गिफ्ट निफ्टी 151 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. जापान का निक्केई इंडेक्स 639 अंक टूट गया, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग में करीब 451 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई. सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम इंडेक्स भी 0.57 प्रतिशत फिसला. हालांकि, ताइवान के बाजार में करीब 400 अंकों की बढ़त देखने को मिली.

इंडिया VIX में बढ़त

फियर गेज या वोलैटिलिटी इंडेक्स 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 19.92 के स्तर पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और डर के संकेत देता है.

इसे भी पढ़ें-बाजार में भारी बिकवाली, सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा टूटा, रुपया 96.17 पर खुला; ऑटो स्टॉक्स फिसले

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.