साइबराबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एक हफ्ते में 12 ठग गिरफ्तार, निवेश के नाम पर सबसे अधिक ठगी

साइबराबाद पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने एक सप्ताह चले विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए विभिन्न राज्यों से 12 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. इस दौरान ट्रेडिंग और नौकरी से जुड़ी ऑनलाइन ठगी के कई मामलों का खुलासा हुआ, वहीं अदालत के माध्यम से पीड़ितों को ठगी की राशि वापस दिलाने के आदेश भी प्राप्त किए गए.

साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है. Image Credit:

Cyber Fraud: साइबराबाद पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने एक सप्ताह चले विशेष अभियान में अलग-अलग राज्यों से 12 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. 30 जनवरी से 5 फरवरी 2026 के बीच नौ अलग-अलग मामलों का पता लगाया गया. इस दौरान पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए अदालत से 406 रिफंड ऑर्डर भी हासिल किए गए.

ट्रेडिंग और नौकरी से जुड़ी ठगी के मामले सबसे ज़्यादा

द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में सबसे अधिक मामले ट्रेडिंग फ्रॉड के सामने आए. ऐसे पांच मामलों में सात आरोपियों को पकड़ा गया. इसके अलावा नौकरी से जुड़ी ठगी के दो मामलों में तीन गिरफ्तारियां हुईं. एक-एक मामला पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड और मैट्रिमोनियल फ्रॉड का भी दर्ज किया गया.

20.8 लाख की ऑनलाइन नौकरी ठगी का बड़ा खुलासा

सप्ताह का सबसे गंभीर मामला ऑनलाइन जॉब फ्रॉड का था, जिसमें एक महिला नौकरी चाहने वाली से 20.8 लाख रुपये ठग लिए गए. आरोपियों ने खुद को Naukri.com का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया और कहा कि नौकरी Deloitte में है. फर्जी इंटरव्यू कराया गया और आवेदन, इंटरव्यू व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे लिए गए. बाद में आरोपी गायब हो गए. जांच में पता चला कि पैसे कई म्यूल बैंक खातों के जरिए घुमाए गए थे.

दिल्ली से दो आरोपी गिरफ्तार

रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में दिल्ली से दो आरोपियों पुरुषोत्तम शर्मा (मुख्य साजिशकर्ता) और कुलदीप कुमार उर्फ सुनील को गिरफ्तार किया गया. कुलदीप सिम कार्ड और बैंक खाते उपलब्ध कराता था. Cyberabad Police ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी तरह का भुगतान न करें, क्योंकि असली कंपनियाँ फीस नहीं लेतीं. किसी भी साइबर ठगी की तुरंत शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करें.

ठगी के बाद क्या करना चाहिए?

अगर किसी फ्रॉड का शिकार हो गए तो घबराएं नहीं, तुरंत एक्शन लें. सबसे पहले बैंक को कॉल करके अकाउंट ब्लॉक करवाएं. UPI ऐप में हेल्प या कंप्लेंट सेक्शन से रिपोर्ट करें. फिर, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाएं (cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें. लोकल पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं. जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसे रिकवर होने की संभावना उतनी ज्यादा.