ऑनलाइन दोस्ती पड़ सकती है भारी, साइबर ठगों के निशाने पर बच्चे, जानें कैसे रहें सेफ

ऑनलाइन दोस्ती बच्चों के लिए अब मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गंभीर खतरा बनती जा रही है. सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर साझा की गई मासूम तस्वीरों को साइबर अपराधी ठगी, मॉर्फिंग और पब्लिक शेमिंग के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे मामलों में बच्चे मानसिक तनाव और साइबरबुलिंग का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

cyber fraud Image Credit: @AI/Money9live

Cyber Fraud: सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते चलन के बीच बच्चों द्वारा ऑनलाइन दोस्तों के साथ तस्वीरें साझा करना अब एक गंभीर साइबर जोखिम बनता जा रहा है. हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बच्चों की सामान्य तस्वीरों को मॉर्फ (Morph) कर या गलत संदर्भ में इस्तेमाल कर उन्हें पब्लिक शेमिंग, साइबरबुलिंग और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनाया गया.

कैसे होता है Image Misuse और Morphing?

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह अपराध अक्सर बहुत साधारण तरीके से शुरू होता है:

बच्चों पर क्या असर पड़ता है?

मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसे मामलों में बच्चे:

बचाव के तरीके?

विशेषज्ञ और साइबर एजेंसियां माता-पिता को ये सलाह देती हैं कि

अगर ऐसा हो जाए तो क्या करें?

यदि किसी बच्चे की फोटो का दुरुपयोग या मॉर्फिंग हो चुकी है, तो घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाना जरूरी है.

तुरंत शिकायत दर्ज करें

Ministry of Home Affairs के तहत Indian Cyber Crime Coordination Centre, साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत करें. जरूरत पड़े तो स्कूल प्रशासन और काउंसलर को भी जानकारी दें.