ऑनलाइन दोस्ती पड़ सकती है भारी, साइबर ठगों के निशाने पर बच्चे, जानें कैसे रहें सेफ
ऑनलाइन दोस्ती बच्चों के लिए अब मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गंभीर खतरा बनती जा रही है. सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर साझा की गई मासूम तस्वीरों को साइबर अपराधी ठगी, मॉर्फिंग और पब्लिक शेमिंग के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे मामलों में बच्चे मानसिक तनाव और साइबरबुलिंग का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
Cyber Fraud: सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते चलन के बीच बच्चों द्वारा ऑनलाइन दोस्तों के साथ तस्वीरें साझा करना अब एक गंभीर साइबर जोखिम बनता जा रहा है. हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बच्चों की सामान्य तस्वीरों को मॉर्फ (Morph) कर या गलत संदर्भ में इस्तेमाल कर उन्हें पब्लिक शेमिंग, साइबरबुलिंग और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनाया गया.
कैसे होता है Image Misuse और Morphing?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह अपराध अक्सर बहुत साधारण तरीके से शुरू होता है:
- बच्चे ऑनलाइन गेम, सोशल मीडिया या चैट ऐप्स पर बने अनजान दोस्तों से अपनी तस्वीरें साझा कर देते हैं.
- कुछ मामलों में बदले या निजी दुश्मनी के चलते तस्वीरों को साधारण एडिटिंग ऐप्स, AI टूल्स या फर्जी प्रोफाइल्स.
- के जरिए अश्लील या अपमानजनक रूप में बदल दिया जाता है. इसके बाद इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स.
- मैसेजिंग ग्रुप्स में फैलाया जाता है. इसका मकसद होता है बच्चे को शर्मिंदा करना, डराना या मानसिक दबाव में लाना.
बच्चों पर क्या असर पड़ता है?
मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसे मामलों में बच्चे:
- खुद को दोषी मानने लगते हैं.
- स्कूल या दोस्तों से कटने लगते हैं.
- एंग्जायटी, डिप्रेशन और डर का शिकार हो सकते हैं.
- कुछ गंभीर मामलों में खुद को नुकसान पहुंचाने तक की सोच आ सकती है.
बचाव के तरीके?
विशेषज्ञ और साइबर एजेंसियां माता-पिता को ये सलाह देती हैं कि
- बच्चों को समझाएं कि ऑनलाइन किसी अनजान व्यक्ति के साथ फोटो साझा न करें.
- उन्हें बताएं कि एक बार फोटो शेयर हो जाने के बाद उस पर कंट्रोल नहीं रहता.
- बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नजर रखें, लेकिन जासूसी नहीं, बातचीत करें.
अगर ऐसा हो जाए तो क्या करें?
यदि किसी बच्चे की फोटो का दुरुपयोग या मॉर्फिंग हो चुकी है, तो घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाना जरूरी है.
- सबूत सुरक्षित रखें – स्क्रीनशॉट, लिंक, चैट्स
- बच्चे को अकेला न छोड़ें, उसे भावनात्मक सहारा दें
तुरंत शिकायत दर्ज करें
Ministry of Home Affairs के तहत Indian Cyber Crime Coordination Centre, साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत करें. जरूरत पड़े तो स्कूल प्रशासन और काउंसलर को भी जानकारी दें.




