AI रेस में बड़ा मोड़, Nvidia ला रही है नया प्रोसेसर जो ChatGPT और OpenAI के लिए बदल देगा गेम, जानें क्या होगा असर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में Nvidia बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. कंपनी एक नया प्रोसेसर लॉन्च करने जा रही है, जो AI इंफरेंस को तेज और ज्यादा असरदार बनाएगा. इस नई तकनीक से OpenAI और ChatGPT जैसे टूल्स की स्पीड और क्षमता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब अगली बड़ी लड़ाई सिर्फ मॉडल बनाने की नहीं, बल्कि उन्हें तेज, सस्ता और ज्यादा असरदार तरीके से चलाने की है. इसी मोड़ पर Nvidia एक ऐसा कदम उठाने जा रही है, जो AI रेस की दिशा बदल सकता है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, Nvidia अगले महीने ही एक नया प्रोसेसर लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसे खास तौर पर AI के “इंफरेंस” कामों के लिए डिजाइन किया गया है. इस प्रोसेसर से OpenAI जैसी कंपनियां अपने AI टूल्स को कहीं ज्यादा तेजी से यूजर्स तक पहुंचा सकेंगी.
क्या है Nvidia का नया प्रोसेसर
Nvidia जिस नए सिस्टम पर काम कर रही है, वह Inference Computing के लिए तैयार किया जा रहा है. आसान भाषा में कहें तो, यह वह प्रोसेस है जिसमें AI मॉडल यूजर के सवालों का तुरंत जवाब देते हैं. अब तक Nvidia के हाई-एंड GPU मॉडल ट्रेनिंग के लिए बेहद कारगर रहे हैं, लेकिन जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल रियल टाइम कामों में बढ़ा है, वैसे-वैसे तेज इंफरेंस की जरूरत भी बढ़ी है.
रिपोर्ट के अनुसार, इस नए प्लेटफॉर्म को मार्च में कैलिफोर्निया के सैन जोस में होने वाली Nvidia GTC डेवलपर कॉन्फ्रेंस में पेश किया जाएगा. इसमें एक खास चिप भी शामिल होगी, जिसे AI स्टार्टअप Groq ने डिजाइन किया है.
क्यों जरूरी हो गया है इंफरेंस कंप्यूटिंग
AI रेस अब सिर्फ बड़े मॉडल बनाने तक सीमित नहीं है. ऑटोनॉमस कोडिंग, सॉफ्टवेयर-टू-सॉफ्टवेयर बातचीत और रियल टाइम AI टूल्स ने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.
- Google और Amazon पहले ही अपने-अपने AI चिप्स तैयार कर चुके हैं
- मौजूदा GPU सिस्टम कई मामलों में धीमे साबित हो रहे हैं
- कंपनियों को ऐसे चिप्स चाहिए जो कम समय में ज्यादा जवाब दे सकें
यही वजह है कि इंफरेंस कंप्यूटिंग अब AI की सबसे अहम जरूरत बन चुकी है.
OpenAI क्यों है Nvidia के लिए अहम
रिपोर्ट में कहा गया है कि ChatGPT बनाने वाली OpenAI Nvidia के नए सिस्टम की सबसे बड़ी ग्राहकों में से एक होगी. Reuters की एक अलग रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI मौजूदा Nvidia हार्डवेयर की स्पीड से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है, खासकर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे जटिल कामों में.
बताया गया है कि OpenAI भविष्य में अपनी करीब 10% इंफरेंस जरूरतों के लिए नए हार्डवेयर पर निर्भर रहना चाहती है. हाल ही में OpenAI ने Nvidia से “डेडिकेटेड इंफरेंस कैपेसिटी” खरीदने का भी ऐलान किया है.
बढ़ता दबाव और बदलता AI बाजार
अब तक Nvidia GPU बाजार में लगभग 90% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी ताकत बनी हुई थी. लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की नई मांगों ने कंपनी पर दबाव बढ़ा दिया है. OpenAI ने Amazon के Trainium चिप्स के साथ भी डील की है और Cerebras, Groq जैसे स्टार्टअप्स से बातचीत की थी.
हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक, Nvidia ने Groq के साथ 20 अरब डॉलर की लाइसेंसिंग डील कर OpenAI की दूसरी बातचीत पर ब्रेक लगा दिया. Nvidia पहले ही OpenAI में भारी निवेश की योजना जता चुकी है.
