सड़क पर मदद के बहाने फोन मांगना भी हो सकता है साइबर जाल, जानें कैसे होती है ठगी, ऐसे रहें सेफ
सड़क, बस स्टैंड या बाजार जैसी सार्वजनिक जगहों पर कभी-कभी कोई अजनबी आपसे यह कहकर फोन मांग सकता है कि उसे सिर्फ एक मैसेज भेजना है या एक कॉल करनी है. अक्सर लोग मदद के तौर पर तुरंत फोन दे देते हैं. लेकिन साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक यह तरीका ठगों का नया हथकंडा बन रहा है, जिससे कुछ ही पलों में साइबर अपराध हो सकता है.
Cyber Fraud: कई बार सड़क, बस स्टैंड या किसी सार्वजनिक जगह पर कोई अजनबी आपसे कह सकता है – “भाई, मेरा फोन बंद है, बस एक मैसेज भेजना है” या “एक बटन दबाने में मदद कर दीजिए.” आम तौर पर लोग इसे सामान्य मानकर मदद कर देते हैं. लेकिन साइबर सुरक्षा एजेंसियां चेतावनी दे रही हैं कि यह तरीका अब साइबर ठगी का नया हथकंडा बनता जा रहा है. गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के साइबर जागरूकता प्लेटफॉर्म Cyber Dost ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि बिना सोचे-समझे अपना फोन किसी अजनबी को देना खतरे से खाली नहीं है.
क्या है यह ठगी?
यह एक तरह का सोशल इंजीनियरिंग स्कैम है, जिसमें ठग सीधे तकनीक का इस्तेमाल करने के बजाय लोगों की सहानुभूति और भरोसे का फायदा उठाते हैं. ठग किसी जरूरतमंद व्यक्ति की तरह व्यवहार करते हैं और मदद के नाम पर आपका फोन मांग लेते हैं. इसके बाद वे फोन से कोई मैसेज भेज सकते हैं, कॉल कर सकते हैं या किसी लिंक या ऐप पर क्लिक करवा सकते हैं, जिससे आपके फोन या अकाउंट से जुड़ी जानकारी उनके हाथ लग सकती है.
होती कैसे है ठगी?
इस तरह की ठगी आम तौर पर बहुत सामान्य स्थिति बनाकर की जाती है.
- कोई व्यक्ति कहता है कि उसका फोन बंद हो गया है या बैटरी खत्म हो गई है.
- वह आपसे “बस एक मैसेज भेजने” या “एक बटन दबाने” में मदद मांगता है.
- जैसे ही फोन हाथ में मिलता है, वह किसी खास नंबर पर कॉल या मैसेज कर सकता है, किसी लिंक पर क्लिक कर सकता है या आपके फोन में कुछ सेटिंग बदल सकता है.
- कई मामलों में ठग OTP या किसी अकाउंट से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश भी कर सकते हैं.
- इस तरह कुछ ही सेकंड में आपके फोन का इस्तेमाल किसी साइबर अपराध के लिए किया जा सकता है.
बचाव के तरीके
ऐसी स्थिति में सतर्क रहना सबसे जरूरी है.
- किसी भी अजनबी को अपना फोन सीधे हाथ में देने से बचें.
- अगर मदद करनी हो तो फोन खुद हाथ में रखकर स्पीकर पर कॉल कर दें.
- फोन में आए OTP, लिंक या मैसेज किसी के कहने पर भी न खोलें.
- अगर कोई संदिग्ध गतिविधि लगे तो तुरंत बातचीत खत्म करें और वहां से हट जाएं.
कैसे रहें सेफ?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल दुनिया में जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है.
- फोन में स्क्रीन लॉक और जरूरी सुरक्षा सेटिंग्स हमेशा चालू रखें.
- अनजान लोगों के सामने अपने फोन का इस्तेमाल सावधानी से करें.
- अगर किसी तरह की साइबर ठगी का शक हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं.
साइबर दुनिया में ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं. इसलिए मदद जरूर करें, लेकिन स्मार्ट और सतर्क रहकर—ताकि आपकी भलाई किसी ठगी का कारण न बन जाए.
