IPO स्कीम के नाम पर ₹11.13 करोड़ की ठगी, 8 लोग गिरफ्तार; जानें इस फ्रॉड से कैसे रहें सुरक्षित
साइबर ठग अब निवेश के नाम पर लोगों को बड़े पैमाने पर निशाना बना रहे हैं. महाराष्ट्र और राजस्थान में शेयर बाजार और IPO में फिक्स रिटर्न का झांसा देकर एक 61 वर्षीय व्यक्ति से 11.13 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने इस अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
IPO Schemes Fraud: साइबर चोर हर दिन लोगों को ठगने के लिए कोई न कोई नया तरीका इजाद कर रहे हैं. इन्हीं में एक मशहूर तरीका है निवेश पर रिटर्न के नाम पर लोगों को ठगना. साइबर अपराधी निश्चित रिटर्न देने के नाम पर लोगों को पहले पैसे निवेश करने का झांसा देते हैं. शुरुआती समय में वे कुछ रिटर्न भी देते हैं, लेकिन जैसे ही निवेश की रकम मोटी होने लगती है, ठगी का अहसास होने लगता है. जब निवेशक पैसे निकालने की कोशिश करते हैं, तो उनसे टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर फिर से मोटी रकम की मांग की जाती है. हाल ही में महाराष्ट्र और राजस्थान में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी होने की खबर सामने आई है.
11.13 करोड़ रुपये की ठगी
फ्रॉड की खबरों पर नजर रखने वाली वेबसाइट 420 के अनुसार, इस नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब 61 साल के प्रल्हाद हागे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. हागे ने 4 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच IPO स्कीम और शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 52 ट्रांजेक्शन किए. इसमें उन्होंने कुल 11.13 करोड़ रुपये का भुगतान किया. ठगों ने उन्हें फिक्स रिटर्न देने का झांसा देकर ठगी को अंजाम दिया.
8 लोग हिरासत में
जांच के दौरान पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान अभय बालासाहेब पाटिल, शिवतेज राजेंद्र पोटे, महेश करबासापाप उडचाने, राहुल बहादुरप्रसाद मौर्य, युवराज उर्फ संतोष, सतीश मुदलियार, पंकज मंगू गिरीगोसावी और प्रह्लाद पृथ्वीराज गदारी के रूप में हुई. इसके अलावा राजस्थान के एक अन्य आरोपी की भी पहचान की जा रही है.
आरोपियों में से कुछ मुंबई के कोल्हापुर, वाघोली, लोहेगांव, दहिसर और राजस्थान के कुछ हिस्सों के निवासी हैं, जो इस धोखाधड़ी नेटवर्क की अंतरराज्यीय प्रकृति को दर्शाता है.
इस ठगी से कैसे रहें सुरक्षित?
इस तरह की ठगी से बचने के लिए निवेश करते समय बेहद सावधानी बरतना जरूरी है. शेयर बाजार में कभी भी निश्चित या गारंटीड रिटर्न नहीं होता, इसलिए ऐसे किसी भी ऑफर से सावधान रहें जो तय मुनाफे का वादा करे. व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर भेजे गए लिंक और ऐप के जरिए निवेश करने से बचें और किसी भी कंपनी या निवेश सलाहकार की SEBI रजिस्ट्रेशन जरूर जांच लें. कम समय में ज्यादा मुनाफा देने के दावों पर भरोसा न करें और अनजान बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने से बचें. यदि किसी तरह का संदेह हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं.
