6, 7 या 10 kg की वॉशिंग मशीन में इससे ज्यादा कपड़े डालेंगे तो नहीं होंगे साफ, जानें क्या है सही कैपेसिटी

वॉशिंग मशीन में कपड़े ठीक से साफ क्यों नहीं होते और इसकी सबसे बड़ी वजह ओवरलोडिंग होती है. 6, 7, 8 और 10 किलो वॉशिंग मशीन की सही क्षमता समझना जरूरी है. तय कैपेसिटी के अनुसार कपड़े धोने से बेहतर सफाई होती है, मशीन की लाइफ बढ़ती है और पानी व बिजली की भी बचत होती है.

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Washing Machine Capacity: वॉशिंग मशीन आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुकी है, लेकिन ज्यादातर लोग इसकी सबसे अहम बात यानी कैपेसिटी को ठीक से नहीं समझते. अक्सर हम यह सोच लेते हैं कि जब ड्रम में कपड़े आ ही रहे हैं तो थोड़ा और डाल देने में क्या दिक्कत है. लेकिन यहीं से समस्या शुरू होती है. कपड़े ठीक से साफ न होना, सही से न धुलना या मशीन पर ज्यादा दबाव पड़ना, इसकी बड़ी वजह ओवरलोडिंग ही होती है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि वॉशिंग मशीन की कैपेसिटी का असल मतलब क्या है और किस किलो की मशीन में एक बार में कितना कपड़ा धोना सही रहता है. चलिए जानते हैं.

वॉशिंग मशीन की कैपेसिटी का असली मतलब क्या होता है?

हर वॉशिंग मशीन पर उसकी क्षमता लिखी होती है, जैसे 6 किलो, 6.5 किलो, 7 किलो, 8 किलो या 10 किलो. यह वजन इस बात को दिखाता है कि मशीन एक साइकल में अधिकतम कितने किलो सूखे कपड़े सही तरीके से धो सकती है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ड्रम में जितने कपड़े फिट हो जाएं, उतने ही डाल दिए जाएं. सही तरीका यह माना जाता है कि ड्रम को सिर्फ करीब 70 से 80 प्रतिशत तक ही भरा जाए. ऐसा करने से कपड़ों को घूमने, हिलने और पानी व डिटर्जेंट के सही सर्कुलेशन के लिए पर्याप्त जगह मिलती है. जब कपड़े जरूरत से ज्यादा भर दिए जाते हैं, तो धुलाई सही से नहीं हो पाती.

6 से 7 किलो वॉशिंग मशीन में कितने कपड़े धो सकते हैं?

अगर आपकी वॉशिंग मशीन 6 से 7 किलो की है, तो इसमें एक बार में करीब 20 छोटे से मीडियम साइज के कपड़े धोए जा सकते हैं. इस कैपेसिटी की मशीनें आमतौर पर छोटे परिवारों या रोजमर्रा की हल्की धुलाई के लिए बनाई जाती हैं.

उदाहरण के तौर पर, एक वॉश में आप 2 शर्ट, 2 पैंट या जींस, 2 हल्के तौलिए, 2 पिलो कवर और 1 बेडशीट आराम से धो सकते हैं. इससे ज्यादा कपड़े डालने पर कपड़ों को घूमने की जगह नहीं मिलती और सफाई पर सीधा असर पड़ता है.

7 से 8 किलो वॉशिंग मशीन में कितने कपड़े धो सकते हैं?

7 से 8 किलो की वॉशिंग मशीन में कपड़ों के टाइप के हिसाब से करीब 30 से 40 कपड़े धोए जा सकते हैं. यह कैपेसिटी थोड़ी बड़ी फैमिली के लिए बेहतर मानी जाती है. इस तरह की मशीन में आप एक साथ 3 शर्ट, 3 जींस या पैंट, 3 तौलिए, 3 पिलो कवर और 2 बेडशीट धो सकते हैं. हालांकि यहां भी यह ध्यान रखना जरूरी है कि मशीन को जरूरत से ज्यादा न भरें, क्योंकि ओवरलोडिंग से ड्रम पर दबाव बढ़ता है और धुलाई कमजोर हो जाती है.

8 से 9 किलो वॉशिंग मशीन बड़े परिवारों के लिए

अगर आपकी वॉशिंग मशीन 8 से 9 किलो की है, तो यह बड़े परिवारों के लिए एक अच्छा ऑप्शन मानी जाती है. इस कैपेसिटी की मशीनें एक बार में करीब 40 कपड़े आसानी से धो सकती हैं. ज्यादा कपड़े होने के बावजूद इन मशीनों में कपड़ों को घूमने और साफ होने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है, जिससे धुलाई बेहतर होती है.

10 किलो या उससे ज्यादा की वॉशिंग मशीन

10 किलो या उससे ज्यादा कैपेसिटी वाली वॉशिंग मशीनें उन घरों के लिए सही होती हैं, जहां 5 या उससे ज्यादा लोग रहते हैं या जहां कपड़ों के साथ-साथ भारी लिनन भी ज्यादा धोना पड़ता है. ये मशीनें एक बार में 50 से ज्यादा कपड़े धो सकती हैं.

उदाहरण के तौर पर, इसमें 4 शर्ट, 4 पैंट या जींस, 4 हल्के तौलिए, 4 पिलो कवर और 3 बेडशीट आराम से धोई जा सकती हैं. इस कैपेसिटी की मशीनें भारी बेडशीट और मोटे तौलियों के लिए भी परफेक्ट मानी जाती हैं.

ओवरलोडिंग से क्यों बचना जरूरी है

अक्सर हमें लगता है कि मशीन में अभी और कपड़े आ सकते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. कपड़ों को सही तरीके से साफ होने के लिए हिलने और घूमने की जगह चाहिए. ओवरलोडिंग से न सिर्फ कपड़े ठीक से साफ नहीं होते, बल्कि मशीन की लाइफ पर भी असर पड़ता है. इसके साथ ही पानी और बिजली की खपत भी बढ़ जाती है.

सही कैपेसिटी चुनना क्यों जरूरी है?

वॉशिंग मशीन की सही क्षमता को समझना बेहतर धुलाई के लिए बेहद जरूरी है. ऐसे में अगर आप मशीन की तय कैपेसिटी के अनुसार कपड़े धोते हैं, तो कपड़े ज्यादा साफ होते हैं, समय और एनर्जी दोनों की बचत होती है और मशीन भी लंबे समय तक सही चलती है. इसलिए वॉशिंग मशीन चुनते या इस्तेमाल करते समय उसकी कैपेसिटी को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए.

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