182 करोड़ के साइबर फ्रॉड मामले में तीन बैंक अधिकारी गिरफ्तार, शेल कंपनियों के नाम पर अकाउंट खोलकर करते थे ठगी
दो प्राइवेट बैंकों के तीन अधिकारियों को 182.37 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उन्होंने नियमों को दरकिनार कर फर्जी और शेल कंपनियों के नाम पर अकाउंट खुलवाए. इन खातों के जरिये देश भर में हुई साइबर ठगी की रकम को घुमाया गया.
Mule Accounts: गुजरात से साइबर फ्रॉड का एक चौकाने वाले मामला सामने आया है. जल्दी पैसा कमाने के लालच में दो प्राइवेट बैंकों के तीन अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखते हुए लोगों को ठगा. आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी अकाउंट खुलवाने में मदद की, जिनका इस्तेमाल करीब 182.37 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की रकम को इधर- उधर करने में किया गया. कच्छ ईस्ट साइबर क्राइम पुलिस ने शुक्रवार को तीनों बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि ये अधिकारी पहले पकड़े गए आरोपियों के कॉन्ट्रैक्ट में थे. इस मामले ने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
नए अकाउंट खोलने के नाम पर खेल
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में दो ब्रांच मैनेजर भी शामिल हैं. इन पर आरोप है कि इन्होंने टारगेट पूरा करने के दबाव में कई संदिग्ध अकाउंट खुलवाए. साइबर अपराधियों ने इस दबाव का फायदा उठाया और कमीशन का लालच देकर अधिकारियों को अपने साथ मिला लिया. जांच में कई चैट और बातचीत के सबूत मिले हैं, जिनसे इनके आपसी संपर्क का खुलासा हुआ.
फर्जी कंपनियों के नाम पर अकाउंट
जांच में पता चला कि कई करंट अकाउंट फर्जी फर्म और शेल कंपनियों के नाम पर खोले गए थे. गरीब और कम पढ़े लिखे गांव के लोगों के डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल किया गया. इनके नाम पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करवाए गए. कुछ जगह दुकाने किराए पर लेकर दिखाया गया कि वहां असली कारोबार चल रहा है, जबकि असल में यह केवल दिखावा था.
फ्रीज अकाउंट भी दोबारा चालू कराए
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि कई खातों को साइबर हेल्पलाइन में शिकायत आने के बाद फ्रीज कर दिया गया था. लेकिन आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने प्रक्रिया की कमियों का फायदा उठाकर इन खातों को दोबारा चालू करा दिया. इसके बाद इन्हीं खातों का फिर से साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया.
देश भर से जुड़ी शिकायतें
पुलिस के अनुसार अब तक 74 साइबर ठगी की शिकायतें इन खातों से जुड़ी पाई गई हैं. जांच में कुल 81 अकाउंट चिन्हित किए गए हैं. इन खातों के जरिए देश के अलग- अलग हिस्सों में हुई ठगी की रकम घुमाई गई. इससे पहले चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.
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साधारण शिकायत से खुला बड़ा रैकेट
यह जांच शुरुआत में एक किराया धोखाधड़ी की साधारण शिकायत से शुरू हुई थी. लेकिन जांच आगे बढ़ने पर एक बड़े साइबर वित्तीय गिरोह का खुलासा हुआ. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
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