बंद हुआ रेलवे का ये टिकटिंग एप्लिकेशन! अब सिर्फ RailOne ऐप से ही मिलेंगे प्लेटफार्म और अनारक्षित टिकट
भारतीय रेलवे ने आज यानी 1 मार्च 2026 से UTS टिकटिंग ऐप बंद कर दिया है. अब अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और सीजन पास सहित सभी सेवाएं RailOne सुपर ऐप पर उपलब्ध होंगी. रेलवे का दावा है कि इस बदलाव से यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सुविधाएं मिलेंगी और टिकटिंग प्रक्रिया आसान होगी.
UTS Railway App Shuts: भारतीय रेलवे ने आज यानी रविवार, 1 मार्च से टिकटिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है. अब तक अनारक्षित टिकट, प्लेटफार्म टिकट और सीजन पास के लिए इस्तेमाल होने वाला UTS ऐप बंद कर दिया गया है. इसकी जगह पर RailOne सुपर ऐप सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगा. इस फैसले का असर खासतौर पर उन लाखों यात्रियों पर पड़ेगा जो रोज लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं. रेलवे का कहना है कि यात्रियों को अलग-अलग काम के लिए अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है.
पहले रिजर्व टिकट के लिए IRCTC और अनारक्षित टिकट के लिए UTS ऐप का इस्तेमाल करना पड़ता था. इससे कई बार भ्रम और तकनीकी परेशानी होती थी. रेलवे की आईटी इकाई CRIS के अनुसार, अब सभी सुविधाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देने की दिशा में यह बड़ा कदम है.
क्या है RailOne सुपर ऐप?
RailOne को जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था. यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों पर उपलब्ध है. अब यही रेलवे की सभी प्रमुख डिजिटल सेवाओं का केंद्र बनेगा. इस ऐप के जरिए आप-
- अनारक्षित टिकट बुक कर सकते हैं
- प्लेटफॉर्म टिकट ले सकते हैं
- सीजन पास बनवा सकते हैं
- रिजर्वेशन टिकट बुक कर सकते हैं
- ट्रेन की लाइव लोकेशन देख सकते हैं
- यात्रा के दौरान खाना ऑर्डर कर सकते हैं
रेलवे डिजिटल पेमेंट पर 3 फीसदी तक की छूट भी दे रहा है, जिससे यात्रियों को थोड़ी बचत हो सकती है. अधिकारियों का दावा है कि इससे टिकट काउंटर पर भीड़ कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी.
R-Wallet बैलेंस का क्या होगा?
UTS ऐप बंद होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यात्रियों के R-Wallet बैलेंस को लेकर उठा. रेलवे ने साफ किया है कि किसी का पैसा फंसेगा नहीं. पुराना बैलेंस अपने आप RailOne ऐप में ट्रांसफर हो जाएगा. इसके लिए-
- नया RailOne ऐप डाउनलोड करें
- उसी मोबाइल नंबर और R-Wallet आईडी से लॉगिन करें
- 24 से 48 घंटे के भीतर बैलेंस अपडेट हो जाएगा
अगर किसी को समस्या आती है, तो हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है या ऐप के सपोर्ट सेक्शन में शिकायत दर्ज की जा सकती है. जरूरत पड़ने पर बैंक डिटेल्स जोड़कर रिफंड भी लिया जा सकता है.
रोज सफर करने वालों के लिए क्या बदलेगा?
मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में रोजाना लाखों लोग लोकल ट्रेनों पर निर्भर हैं. उनके लिए यह बदलाव अहम है. जो यात्री पहले से सीजन टिकट इस्तेमाल कर रहे हैं, उनका पास नए ऐप में स्वतः दिखाई देगा. हालांकि, शुरुआती दिनों में ज्यादा यूजर लोड के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं. ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी चुनौती बन सकती है, लेकिन रेलवे ने स्टेशन पर QR कोड स्कैन की सुविधा जारी रखने की बात कही है.
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