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2 मार्च को कहां पहुंच सकता है सोने-चांदी का भाव? एक्सपर्ट्स की राय- 3-6% की गैप-अप रैली संभव, जानें वजह

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव और अमेरिका की एंट्री के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है. विश्लेषकों का मानना है कि 2 मार्च को बाजार खुलते ही सोना और चांदी में 3-6 फीसदी तक की शुरुआती तेजी देखने को मिल सकती है, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं.

सोना चांदी Image Credit: @AI

Gold Silver Outlook Monday, 2 March 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता गहरा गई है. ऐसे माहौल में विश्लेषकों का मानना है कि जब सोमवार यानी 2 मार्च को बाजार खुलेंगे, तो सोना और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है. निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों, यानी ‘सेफ हेवन’ एसेट्स की ओर रुख कर सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ “बड़े सैन्य अभियान” की घोषणा की है, जो इजरायल की तेहरान पर कार्रवाई के बाद शुरू हुआ.

हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने हालात को और विस्फोटक बना दिया. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों- बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई पर हमले किए. इस घटनाक्रम ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

कितनी तेजी आ सकती है?

विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार को बुलियन मार्केट में 3 से 6 फीसदी तक की शुरुआती तेजी संभव है. एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, “ईरान से जुड़े ताजा सैन्य घटनाक्रम और कूटनीतिक समाधान की कम होती उम्मीदों ने निवेशकों को सोना-चांदी की ओर धकेला है. बाजार में गैप-अप ओपनिंग के संकेत साफ दिख रहे हैं.” उनका कहना है कि जब वैश्विक इक्विटी बाजार दबाव में आते हैं, तो निवेशक पारंपरिक सुरक्षित विकल्पों जैसे सोना और चांदी में निवेश बढ़ाते हैं. यही वजह है कि कीमती धातुओं में मजबूती बनी हुई है.

घरेलू और वैश्विक बाजार में प्रदर्शन

पिछले सप्ताह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च कॉन्ट्रैक्ट की चांदी में करीब 8.7 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जबकि अप्रैल डिलीवरी वाले सोने में 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़त रही. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान दिखा. कॉमेक्स पर चांदी में 12 फीसदी से अधिक और सोने में लगभग 3 फीसदी की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई. जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर के अनुसार, “जियो पॉलिटिकल टेंशन, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद और ईटीएफ में निवेश बढ़ने से बुलियन को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है.” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में ट्रेड टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने वैश्विक अनिश्चितता को और बढ़ाया है.

कच्चे तेल और होर्मुज का असर

एनर्जी मार्केट भी इस तनाव से अछूता नहीं है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है. तेल महंगा होने से मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है, जो सोने की मांग को और सहारा देता है. हालांकि विश्लेषकों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सप्ताहांत में कूटनीतिक समाधान या तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं, तो शुरुआती तेजी के बाद मुनाफावसूली भी देखी जा सकती है.

इस हफ्ते किन फैक्टर्स पर नजर?

इस सप्ताह कई अहम वैश्विक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे. इनमें अलग-अलग देशों के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस PMI, अमेरिकी रिटेल सेल्स, नॉन-फार्म पेरोल डेटा, यूरोजोन महंगाई और बेरोजगारी के आंकड़े, साथ ही यूरोपीय सेंट्रल बैंक की बैठक शामिल हैं. ध्यान रहे कि घरेलू कमोडिटी बाजार मंगलवार को होली के कारण बंद रहेंगे, जिससे सोमवार की चाल और भी अहम हो जाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में हालात स्थिर नहीं होते, सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. निवेशकों को सलाह है कि वे ऊंचे स्तरों पर एंट्री से पहले जोखिम का आकलन करें और लंबी अवधि की रणनीति के साथ ही निवेश करें.

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