इस खास डिवाइस के जरिये हो रही ठगी, फिरौती की रकम वसूल रहे हैं ठग; सरकार ने जारी की चेतावनी
देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच सरकार ने रैनसमवेयर हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. खासकर नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज (NAS) डिवाइस को निशाना बनाए जाने के मामले बढ़ रहे हैं. इन हमलों में हैकर्स डेटा को लॉक कर फिरौती मांगते हैं, जिससे कंपनियों और संस्थानों को बड़ा नुकसान हो सकता है.
NAS Cyber Fraud: देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच सरकार ने एक नई चेतावनी जारी की है. बताया गया है कि रैनसमवेयर गिरोह अब नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज (NAS) डिवाइस को निशाना बना रहे हैं. ये डिवाइस आमतौर पर कंपनियों और संस्थानों में महत्वपूर्ण डेटा को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. ऐसे हमलों से डेटा चोरी, लॉक और फिरौती मांगने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.
क्या है NAS और क्यों बन रहा है निशाना?
NAS (नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज) एक ऐसा सिस्टम होता है जो किसी संगठन के नेटवर्क से जुड़कर कई लोगों को एक साथ डेटा स्टोर और एक्सेस करने की सुविधा देता है. यह एक तरह से निजी क्लाउड की तरह काम करता है. क्योंकि इसमें बड़ी मात्रा में जरूरी और संवेदनशील जानकारी होती है, इसलिए हैकर्स इसे आसानी से निशाना बना रहे हैं.
रैनसमवेयर हमले से क्या खतरा?
अगर किसी NAS डिवाइस पर हमला हो जाता है, तो साइबर अपराधी पूरे डेटा को एन्क्रिप्ट कर देते हैं यानी उसे लॉक कर देते हैं. इसके बाद वे डेटा वापस देने के बदले पैसे (रैनसम) की मांग करते हैं. कई मामलों में हमलावर डेटा चोरी कर उसे सार्वजनिक करने की धमकी भी देते हैं, जिससे कंपनियों को भारी नुकसान हो सकता है.
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सरकार ने क्या सावधानियां बताईं?
सरकार ने लोगों और संगठनों को कुछ जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है:
- NAS डिवाइस को सीधे इंटरनेट से कनेक्ट न करें
- मजबूत पासवर्ड रखें और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) चालू करें
- डिवाइस का सॉफ्टवेयर और सुरक्षा अपडेट समय-समय पर करें
- महत्वपूर्ण डेटा का ऑफलाइन या सुरक्षित बैकअप रखें
इसके अलावा, किसी भी साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने के लिए 1930 नंबर पर कॉल करने या आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई है.
