रिचार्ज खत्म तो OTP भी बंद, मोबाइल यूजर्स की परेशानी पर संसद में उठा बड़ा सवाल

मोबाइल रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल और जरूरी मैसेज बंद होने की समस्या को संसद में उठाया गया है.आम आदमी पार्टी के सांसद Raghav Chadha ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियां 28 दिन के रिचार्ज प्लान के जरिये ग्राहकों से ज्यादा पैसे वसूल रही हैं.रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग कॉल और ओटीपी बंद होने से लोगों को बैंकिंग और अन्य जरूरी सेवाओं में परेशानी होती है.

इनकमिंग कॉल और जरूरी मैसेज बंद होने की समस्या को संसद में उठाया गया है. Image Credit: Internet

अगर आपका मोबाइल रिचार्ज खत्म हो जाता है तो सबसे पहले दिक्कत इनकमिंग कॉल और जरूरी मैसेज बंद होने से होती है. इसी समस्या को लेकर संसद में प्रीपेड रिचार्ज प्लान का मुद्दा उठाया गया है. आम आदमी पार्टी के सांसद राघव राघव चड्ढा ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों से 28 दिन के प्लान के जरिये ज्यादा पैसे वसूल रही हैं. साथ ही रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग कॉल बंद करना भी गलत बताया गया है. उनका कहना है कि मोबाइल आज आम लोगों की जरूरी जरूरत बन चुका है.

क्यों बंद हो जाती है इनकमिंग कॉल

जब आपका प्रीपेड रिचार्ज खत्म होता है तो आउटगोइंग कॉल बंद होना सामान्य बात है. लेकिन कई कंपनियां इनकमिंग कॉल भी बंद कर देती हैं. इसका मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति उस नंबर पर आपको कॉल नहीं कर सकता. इससे कई बार जरूरी बातचीत भी नहीं हो पाती. संसद में इस व्यवस्था को कंज्यूमर के साथ गलत व्यवहार बताया गया है.

मैसेज नहीं मिलने से बढ़ती है परेशानी

आज ज्यादातर बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाएं OTT पर आधारित हैं. अगर आपके फोन पर इनकमिंग सेवा बंद हो जाती है तो OTT और जरूरी मैसेज भी नहीं मिल पाते. इससे बैंकिंग, पेमेंट और कई जरूरी काम अटक सकते हैं. आपात स्थिति में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो सकती है. इसी वजह से इस नियम पर सवाल उठाए गए हैं.

28 दिन का रिचार्ज प्लान

ज्यादातर टेलीकॉम कंपनियां 28 दिन का रिचार्ज प्लान देती हैं. इसका मतलब है कि ग्राहकों को हर 28 दिन में रिचार्ज कराना पड़ता है. एक साल में 12 महीने होते हैं लेकिन 28 दिन के हिसाब से ग्राहकों को 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है. यानी साल में एक अतिरिक्त रिचार्ज का खर्च बढ़ जाता है.

रिचार्ज प्लान 30 दिन का होना चाहिए

संसद में यह सुझाव दिया गया कि रिचार्ज प्लान की वैधता कैलेंडर महीने के हिसाब से होनी चाहिए. यानी प्लान की अवधि 30 या 31 दिन होनी चाहिए. इससे ग्राहकों को बार- बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा.

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अब जरूरत बन चुका है मोबाइल

सांसद ने कहा कि मोबाइल फोन अब लग्जरी नहीं बल्कि आम नागरिक की जरूरत बन चुका है. लोग बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और रोजमर्रा के कामों के लिए मोबाइल पर निर्भर हैं. इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को ग्राहकों के हितों का ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने सरकार से भी इस मुद्दे पर जरूरी कदम उठाने की मांग की है ताकि उपभोक्ताओं के अधिकार सुरक्षित रह सकें.