RBI का बड़ा फैसला! ₹50000 तक के डिजिटल फ्रॉड के शिकार ग्राहकों को मिलेगा मुआवजा, जानें क्लेम का तरीका
डिजिटल फ्रॉड और UPI स्कैम के बढ़ते मामलों के बीच RBI ने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है. 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले नए नियमों के तहत पात्र पीड़ितों को ₹50,000 तक के नुकसान पर अधिकतम ₹25,000 का मुआवजा मिलेगा. यह नियम ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और अन्य डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के मामलों पर लागू होगा.

Digital Fraud Refund: डिजिटल ट्रांजैक्शन के इस दौर में अगर आप भी ऑनलाइन धोखाधड़ी या किसी झांसे का शिकार होकर अपनी कमाई गंवा चुके हैं, तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) आपके लिए राहत लेकर आया है. केंद्रीय बैंक ने डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े नियमों का दायरा बड़ा कर दिया है. अब अगर कोई आपसे कोई फ्रॉड करता है या डरा-धमकाकर पैसे ट्रांसफर करवा लेता है, तो उसकी भरपाई बैंक को करनी होगी.
आइए जानते हैं कि RBI के इस नए फैसले से आम ग्राहकों को क्या फायदे मिलने वाले हैं:
छोटे फ्रॉड पर मिलेगा 25,000 रुपये तक का मुआवजा
नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई ग्राहक किसी झांसे में आकर फ्रॉड का शिकार हो जाता है और उसे 50,000 रुपये तक का नुकसान होता है, तो वह मुआवजे का हकदार होगा. ऐसे मामलों में पीड़ित को उसके कुल नुकसान का 85% हिस्सा वापस मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 25,000 रुपये तय की गई है. हालांकि, कोई भी ग्राहक अपने जीवनकाल में सिर्फ एक बार ही इस मुआवजे का दावा कर सकेगा.
धमकी और धोखे से हुए ट्रांसफर भी दायरे में शामिल
आरबीआई ने साफ किया है कि इस बार नियमों को काफी सख्त और व्यापक बनाया गया है. इसमें अब वे मामले भी शामिल होंगे जहां किसी तीसरे पक्ष ने धोखे से आपके क्रेडेंशियल्स (पासवर्ड या ओटीपी) चुराकर ट्रांजैक्शन किया हो. इसके अलावा, अगर किसी ग्राहक को डरा-धमकाकर या मजबूरी में कोई ट्रांजैक्शन कराया गया है, तो उसे भी इस सुरक्षा के दायरे में रखा जाएगा.
45 दिनों के भीतर बैंकों को सुलझाना होगा मामला
अब बैंक फ्रॉड की शिकायतों को ठंडे बस्ते में नहीं डाल पाएंगे. घरेलू डिजिटल फ्रॉड के मामलों में बैंकों को 45 दिनों के भीतर जांच पूरी कर जिम्मेदारी तय करनी होगी. वहीं, विदेशी (क्रॉस-बॉर्डर) ट्रांजैक्शन से जुड़े मामलों के लिए यह समयसीमा 60 दिन तय की गई है. अगर बैंक इस तय समय में जांच पूरी नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें ग्राहक को इसकी ठोस वजह बतानी होगी.
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क्रेडिट कार्ड यूजर्स पर भी नए नियम
- क्रेडिट कार्ड पर तुरंत राहत: अगर क्रेडिट कार्ड से कोई धोखाधड़ी होती है, तो शिकायत मिलने के 5 दिनों के भीतर बैंक को विवादित रकम के बराबर ‘शैडो रिवर्सल’ (अस्थायी क्रेडिट) देना होगा.
- 500 रुपये से ऊपर SMS जरूरी: आरबीआई ने बैंकों के लिए 500 रुपये से अधिक के हर ट्रांजैक्शन पर तुरंत SMS अलर्ट भेजना अनिवार्य रखा है, ताकि बिना स्मार्टफोन या इंटरनेट वाले ग्राहक भी सुरक्षित रह सकें.
RBI के ये नए और संशोधित नियम 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगे.