रोल्स रॉयस और HAL का बड़ा कदम, होसुर में शुरू हुई नई एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग सुविधा; मजबूत होगी जेट इंजन मैन्युफैक्चरिंग

रोल्स रॉयस और एचएएल के संयुक्त उपक्रम आईएएमपीएल ने तमिलनाडु के होसुर में 12 एकड़ में फैली नई एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग सुविधा शुरू की है. इस प्लांट में जेट इंजन के लिए हाई प्रिसिजन कंप्रेसर और टरबाइन कंपोनेंट बनाए जाएंगे. कंपनी का कहना है कि इससे भारत की एयरोस्पेस सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी.

इस प्लांट में जेट इंजन के लिए हाई प्रिसिजन कंप्रेसर और टरबाइन कंपोनेंट बनाए जाएंगे. Image Credit:

HAL Joint Venture: रोल्स रॉयस और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के ज्वाइंट वेंचर IAMPL ने तमिलनाडु के होसुर में अपने मैन्युफैक्चरिंग हब का विस्तार किया है. कंपनी ने 12 एकड़ में फैली नई एडवांस फैसिलिटी शुरू की है. इसका मकसद भारत में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना और जेट इंजन के महत्वपूर्ण पुर्जों का प्रोडक्शन बढ़ाना है. कंपनी का कहना है कि यह प्रोजेक्ट घरेलू और वैश्विक एयरोस्पेस बाजार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी. इस विस्तार को मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. नई सुविधा से भारत की एयरोस्पेस सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

होसुर में शुरू हुई नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा

IAMPL ने तमिलनाडु के होसुर में 12 एकड़ में फैली नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा शुरू की है. इस आधुनिक प्लांट में जेट इंजन के लिए हाई प्रिसिजन कंप्रेसर और टरबाइन कंपोनेंट बनाए जाएंगे. कंपनी का कहना है कि इससे प्रोडक्शन क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी. यह सुविधा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी. नई यूनिट को एयरोस्पेस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

रोल्स रॉयस और HAL का संयुक्त उपक्रम

IAMPL रोल्स रॉयस और HAL का 50-50 फीसदी ज्वाइंट वेंचर है. यह कंपनी साल 2012 से आधुनिक जेट इंजन के लिए विशेष पुर्जों का मैन्युफैक्चिरिंग कर रही है. इससे पहले कंपनी बेंगलुरु में अपने प्लांट से ट्रेंट इंजन फैमिली के लिए कंपोनेंट बनाती रही है. अब होसुर विस्तार के जरिए कंपनी अपने कारोबार और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत कर रही है. इसका फायदा रक्षा और नागरिक विमानन दोनों क्षेत्रों को मिलेगा.

मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा

रोल्स रॉयस इंडिया के अधिकारियों ने कहा कि यह प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया अभियान के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाती है. कंपनी भारत को अपने रणनीतिक घरेलू बाजार के रूप में विकसित करना चाहती है. अधिकारियों के अनुसार भारत में मजबूत एयरोस्पेस और रक्षा प्रोडक्शन इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में यह अहम कदम है. कंपनी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई तकनीक और इंजीनियरिंग क्षमता विकसित करने पर जोर दे रही है.

वैश्विक सप्लाई चेन में बढ़ेगी भारत की भूमिका

कंपनी का कहना है कि IAMPL पहले से ही रोल्स रॉयस की वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा है. नई सुविधा शुरू होने के बाद भारत से सोर्सिंग को कई गुना बढ़ाने की योजना है. कंपनी के मुताबिक यह प्लांट दुनिया के अन्य प्रमुख इंजन निर्माताओं की जरूरतों को भी पूरा करेगा. इससे भारत की वैश्विक एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में भूमिका और मजबूत हो सकती है. साथ ही देश में एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा.

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रोजगार और तकनीक को मिलेगा फायदा

जानकारों का कहना है कि इस विस्तार से भारत में हाई टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा. नई सुविधा के जरिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं. साथ ही भारतीय इंजीनियरों और तकनीकी एक्सपर्ट को आधुनिक तकनीक पर काम करने का मौका मिलेगा. इससे देश की रक्षा और विमानन क्षेत्र की आत्मनिर्भरता मजबूत होने की उम्मीद है.