दिल्ली में बिना ट्रेनिंग नहीं मिलेगा ई- रिक्शा रजिस्ट्रेशन, एक लाइसेंस पर एक ही वाहन; 15 मई से बदल जाएंगे नियम

दिल्ली सरकार 15 मई से ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू करने जा रही है. नई पॉलिसी के तहत अब एक लाइसेंस पर केवल एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर होगा. ड्राइवरों के लिए 10 दिन की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है. सरकार बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा पर सख्त कार्रवाई करेगी. साथ ही पुराने रजिस्ट्रेशन की भी जांच होगी.

नई पॉलिसी के तहत अब एक लाइसेंस पर केवल एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर होगा. Image Credit: money9live

Delhi E-Rickshaw Policy: दिल्ली सरकार 15 मई से नई ई-रिक्शा पॉलिसी लागू करेगी, इस पॉलिसी में कई सख्त नियम लागू किए जाएंगे. सरकार का मकसद अनधिकृत ई- रिक्शा पर रोक लगाना और ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाना है. नई पॉलिसी के तहत अब एक लाइसेंस धारक के नाम पर सिर्फ एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर होगा. इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए 10 दिन की ट्रेनिंग भी अनिवार्य कर दी गई है. परिवहन विभाग ने कहा है कि नई पॉलिसी से फर्जी रजिस्ट्रेशन और नियम तोड़ने वालों पर लगाम लगेगी. सरकार अब ई-रिक्शा की संख्या और उनके रूट को भी कंट्रोल करने की तैयारी कर रही है.

नियम में होगा बड़ा बदलाव

नई पॉलिसी के तहत अब एक व्यक्ति अपने लाइसेंस पर केवल एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर करा सकेगा. सरकार का कहना है कि पहले कई लोग अपने नाम पर कई वाहन रजिस्टर कराकर उन्हें किराये पर चलवाते थे, जिससे नियमों का उल्लंघन बढ़ रहा था. अब इस सिस्टम पर रोक लगाने की तैयारी है. हालांकि ट्रांसपोर्ट कंपनियों और संस्थानों के अंदर चलने वाले ई कार्ट ऑपरेटरों को इस नियम से छूट मिलेगी. ऐसे संस्थान पहले की तरह कई वाहन रजिस्टर करा सकेंगे.

अब 10 दिन की ट्रेनिंग होगी जरूरी

ई-रिक्शा चलाने वालों के लिए सरकार ने ट्रेनिंग को अनिवार्य कर दिया है. रजिस्ट्रेशन से पहले सभी आवेदकों को 10 दिन की ट्रेनिंग पूरी करनी होगी. यह ट्रेनिंग निर्धारित केंद्रों पर दी जाएगी. परिवहन विभाग 15 मई से ट्रेनिंग सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी दोबारा शुरू करेगा. सरकार का मानना है कि ट्रेनिंग से ड्राइवरों में ट्रैफिक नियमों की समझ बढ़ेगी और सड़कों पर सुरक्षा बेहतर होगी.

पुराने रजिस्ट्रेशन की भी होगी जांच

दिल्ली परिवहन विभाग उन लोगों की पहचान करने की तैयारी में है जिनके नाम पर पहले से कई ई- रिक्शा रजिस्टर हैं. रिपोर्ट के मुताबिक फिटनेस जांच के दौरान ऐसे रजिस्ट्रेशन की समीक्षा की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें रद्द भी किया जा सकता है. इसके अलावा बिना वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहे ई- रिक्शा पर भी सख्त कार्रवाई होगी. सरकार का कहना है कि अनधिकृत वाहनों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा.

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रूट और संख्या तय करने की तैयारी

नई ड्राफ्ट ई- रिक्शा पॉलिसी में सरकार ई-रिक्शा की संख्या और उनके ऑपरेशनल क्षेत्र को भी कंट्रोल करना चाहती है. अधिकारियों के मुताबिक कई इलाकों में जरूरत से ज्यादा ई-रिक्शा चल रहे हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही है. अब मांग और ट्रैफिक की स्थिति के आधार पर अलग- अलग इलाकों में ई-रिक्शा की संख्या तय की जा सकती है. साथ ही कुछ रूट भी निर्धारित किए जा सकते हैं ताकि ऑपरेशन सही तरीके से हो सके.