अब सोने पर 400% तक बढ़ी देनदारी, जानें हर खरीद पर कितना ज्यादा देना होगा पैसा, तुरंत पड़ गया ₹14000 का बोझ
केंद्र सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर बड़ा झटका दिया है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद भारत में सोने की कीमत ₹1.63 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.96 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई है. जानिए अब ज्वेलरी खरीदना कितना महंगा होगा.
अगर आप शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए. केंद्र सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और कीमती धातुओं के बढ़ते आयात पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी में भारी इजाफा कर दिया है, जिससे घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं.
सरकार के इस फैसले का असर बाजार पर तुरंत देखने को मिला है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बाजार में प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत अब ₹1,63,270 के स्तर पर पहुंच गई है. वहीं प्रति किलोग्राम चांदी की कीमत अब ₹2,96,270 हो गई है.
इंपोर्ट ड्यूटी में क्या हुआ बदलाव?
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नई दरें 13 मई 2026 से प्रभावी हो गई हैं. बेसिक कस्टम ड्यूटी में 100% और सेस (AIDC) में 400% की भारी वृद्धि की गई है. सरकार ने आयात शुल्क की संरचना को पूरी तरह बदल दिया है:
- बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD): पहले यह 5% थी, जिसे अब बढ़ाकर 10% कर दिया गया है.
- AIDC (कृषि अवसंरचना विकास सेस): इसे 1% से बढ़ाकर अब 5% कर दिया गया है.
- कुल प्रभावी ड्यूटी: इस बदलाव के बाद सोने-चांदी पर प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी 6% से सीधे बढ़कर 15% हो गई है.
कैसे देनें होंगे ये टैक्स?
नई व्यवस्था के तहत, जब आप ज्वैलरी शोरूम में जाएंगे, तो अंतिम बिल पर लगने वाले टैक्स का बोझ काफी बढ़ जाएगा. मुख्य रूप से आपको ये टैक्स चुकाने होंगे:
- इंपोर्ट ड्यूटी (15%): यह कीमत में पहले से ही जुड़ जाएगी क्योंकि ज्वैलर्स को आयात के वक्त ही इसे चुकाना होगा.
- GST (3%): गहनों की कुल कीमत और मेकिंग चार्जेस पर 3% का वस्तु एवं सेवा कर (GST) अलग से देय होगा.
- मेकिंग चार्जेस: ज्वैलर के मेकिंग चार्जेस पर भी टैक्स और मार्जिन का असर दिखेगा.
ड्यूटी बढ़ने के कारण सोने की ‘लैंडेड वैल्यू’ (आयात के बाद की कीमत) में करीब ₹14,000 प्रति 10 ग्राम तक का उछाल आ सकता है. यदि हम बेस प्राइस 1,63,270 रुपये मानकर चलें, तो नई टैक्स व्यवस्था के तहत आपकी जेब पर अब इतना असर होगा:
| विवरण (Component) | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था | बदलाव (Actual Rise) |
| बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) | 5% | 10% | 100% की वृद्धि (दोगुनी) |
| कृषि सेस (AIDC) | 1% | 5% | 400% की वृद्धि (5 गुना) |
| कुल प्रभावी ड्यूटी | 6% | 15% | 150% की वृद्धि (2.5 गुना) |
| ड्यूटी की कुल राशि | ₹9,796.20 | ₹24,490.50 | ₹14,694.30 का सीधा अंतर |
| ड्यूटी के बाद कुल कीमत | ₹1,73,066.20 | ₹1,87,760.50 | — |
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सरकार ने क्यों लिया यह सख्त फैसला?
केंद्र सरकार का प्राथमिक उद्देश्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर पड़ रहे दबाव को कम करना है. वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने रिकॉर्ड $71.98 बिलियन का सोना आयात किया है. वैश्विक अनिश्चितता, ईरान युद्ध का तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण डॉलर बचाना सरकार की प्राथमिकता बन गया है. जानकारों का मानना है कि आयात में 30-40% की कमी आने से देश को सालाना $20-25 बिलियन की बचत हो सकती है.
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