भारत का फॉरेक्स रिजर्व 7.79 अरब डॉलर गिरा, फिर कमजोर हुआ रुपया; संभालने में जुटा RBI

Reserve Bank of India के अनुसार 1 मई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.79 अरब डॉलर घटकर 690.69 अरब डॉलर रह गया. इसी दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले 25 पैसे कमजोर होकर 94.47 पर बंद हुआ. RBI रुपये में ज्यादा गिरावट रोकने के लिए बाजार में लगातार हस्तक्षेप कर रहा है. विदेशी मुद्रा संपत्ति और गोल्ड रिजर्व दोनों में कमी दर्ज की गई है.

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.79 अरब डॉलर घटकर 690.69 अरब डॉलर रह गया. Image Credit: Freepik

India Forex Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार 1 मई को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 7.79 अरब डॉलर घटकर 690.69 अरब डॉलर रह गया. इसी दौरान रुपये पर भी दबाव देखने को मिला और भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 25 पैसे कमजोर होकर 94.47 पर बंद हुई. पश्चिम एशिया तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के कारण मुद्रा बाजार में दबाव बना हुआ है. RBI लगातार बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये की बड़ी गिरावट रोकने की कोशिश कर रहा है. इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर असर दिखाई दे रहा है.

लगातार दूसरे सप्ताह घटा विदेशी मुद्रा भंडार

RBI के आंकड़ों के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.794 अरब डॉलर घट गया है. इसके बाद कुल फॉरेक्स रिजर्व 690.693 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इससे पहले भी पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की गई थी. फरवरी 2026 में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था. लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार दबाव देखने को मिल रहा है. वैश्विक बाजार की अस्थिरता का असर भारतीय रिजर्व पर भी दिखाई दे रहा है.

रुपये में आई कमजोरी

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के साथ साथ रुपये में भी कमजोरी दर्ज की गई. शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 25 पैसे टूटकर 94.47 पर बंद हुआ. इससे पहले 5 मई को रुपया 95.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था. जानकारों का मानना है कि डॉलर की मजबूती और वैश्विक तनाव का असर भारतीय मुद्रा पर पड़ रहा है. विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी रुपये पर दबाव बढ़ा रही है. RBI बाजार में हस्तक्षेप कर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है.

RBI कर रहा है बाजार में हस्तक्षेप

भारतीय रिजर्व बैंक लगातार विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर रहा है. केंद्रीय बैंक का मकसद रुपये में ज्यादा उतार चढ़ाव को रोकना है. इसके लिए RBI अपने विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर रहा है. जानकारों का कहना है कि अगर RBI हस्तक्षेप नहीं करे तो रुपये में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. हालांकि लगातार डॉलर बेचने से विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आ रही है. आने वाले समय में RBI की रणनीति पर बाजार की नजर बनी रहेगी.

विदेशी मुद्रा संपत्ति में भी गिरावट

RBI के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी मुद्रा संपत्ति यानी (Foreign Currency Assets) में भी गिरावट दर्ज की गई. यह 2.797 अरब डॉलर घटकर 551.825 अरब डॉलर रह गई. विदेशी मुद्रा संपत्ति फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा होती है. डॉलर समेत दूसरी विदेशी मुद्राओं की कीमतों में बदलाव का असर भी इस पर पड़ता है. वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता से इस हिस्से पर दबाव बना हुआ है. यही वजह है कि कुल रिजर्व में कमी देखने को मिली.

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सोने के भंडार में भी आई कमी

भारत के गोल्ड रिजर्व में भी गिरावट दर्ज की गई है. RBI के अनुसार सोने का भंडार 5.021 अरब डॉलर घटकर 115.216 अरब डॉलर रह गया. वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों और रिजर्व मैनेजमेंट पॉलिसी का असर इस पर देखा जा रहा है. जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय में केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व को संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है. हालांकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण आने वाले समय में बाजार में उतार चढ़ाव बना रह सकता है.