गर्मियों में कार को छांव में पार्क करना कितना फायदेमंद, क्या धूप में कार खड़ी करने से उड़ जाता है पेट्रोल, जानिए सच

गर्मी में कार को धूप में पार्क करने से आधुनिक वाहनों में पेट्रोल का खास नुकसान नहीं होता, क्योंकि नई कारों में इवेपोरेटिव एमिशन कंट्रोल सिस्टम लगाया जाता है जो पेट्रोल की भाप को बाहर निकलने से रोकता है. हालांकि छांव में कार पार्क करने से केबिन ठंडा रहता है और एयर कंडीशनर पर कम दबाव पडता है, जिससे ईंधन की बचत हो सकती है.

धूप में पार्क करने से आधुनिक वाहनों में पेट्रोल का खास नुकसान नहीं होता. Image Credit: CANVA

Car Parking: गर्मी के मौसम में लोग अक्सर अपनी कार को धूप की बजाय छांव में पार्क करना पसंद करते हैं. आम धारणा यह है कि तेज धूप में कार खड़ी करने से पेट्रोल तेजी से उड़ जाता है और ईंधन का नुकसान होता है. लेकिन आधुनिक कारों में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीक इस समस्या को काफी हद तक खत्म कर चुकी है. अब ज्यादातर नई कारों में ऐसा सिस्टम लगाया जाता है जो पेट्रोल की भाप को बाहर निकलने से रोकता है. हालांकि छांव में कार पार्क करने के कई दूसरे फायदे जरूर हैं. इससे कार का केबिन ठंडा रहता है और एयर कंडीशनर पर कम दबाव पडता है. जानकारों का कहना है कि सही रखरखाव से कार की माइलेज और प्रदर्शन बेहतर बनाए रखा जा सकता है.

नई कारों में पेट्रोल नहीं होता बर्बाद

आजकल बनने वाली ज्यादातर कारों में इवेपोरेटिव एमिशन कंट्रोल सिस्टम लगाया जाता है. यह सिस्टम फ्यूल टैंक को पूरी तरह सील रखता है और पेट्रोल की भाप को बाहर निकलने से रोकता है. गर्मी के कारण बनने वाली भाप को सिस्टम के अंदर सुरक्षित रखा जाता है. इसके बाद इंजन स्टार्ट होने पर वही भाप दोबारा जलाई जाती है. इससे पेट्रोल का नुकसान लगभग खत्म हो जाता है. इसलिए धूप में कार खड़ी करने से नई कारों में पेट्रोल तेजी से खत्म नहीं होता.

50 डिग्री में भी सुरक्षित

आधुनिक कारों के फ्यूल टैंक और पाइपलाइन को बेहद गर्म मौसम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है. ये सिस्टम 40 से 50 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सहन कर सकते हैं. तेज गर्मी में भी पेट्रोल की भाप बाहर नहीं निकलती. सील्ड सिस्टम ईंधन को सुरक्षित बनाए रखता है. इसी वजह से गर्मियों में भी पेट्रोल के उड़ने का खतरा बहुत कम होता है. कार कंपनियां सुरक्षा और पर्यावरण दोनों को ध्यान में रखकर यह तकनीक इस्तेमाल करती हैं.

छांव में पार्किंग से मिलते हैं दूसरे फायदे

भले ही पेट्रोल का नुकसान न हो लेकिन छांव में कार पार्क करना फिर भी फायदेमंद माना जाता है. छांव में खड़ी कार का केबिन काफी ठंडा रहता है. इससे कार स्टार्ट करते समय एयर कंडीशनर पर कम दबाव पड़ता है. कम एसी इस्तेमाल होने से ईंधन की बचत हो सकती है. जानकारों के मुताबिक इससे करीब 15 फीसदी तक फ्यूल की बचत संभव है. इसके अलावा कार के अंदर बैठने में भी आराम मिलता है.

पुरानी कारों में हो सकता है हल्का नुकसान

1990 के दशक से पहले बनी पुरानी कारों में आधुनिक इवेपोरेटिव सिस्टम नहीं होता था. उन वाहनों में वेंटेड फ्यूल कैप इस्तेमाल किए जाते थे. ऐसे में तेज गर्मी के दौरान थोड़ी मात्रा में पेट्रोल की भाप बाहर निकल सकती थी. हालांकि इससे होने वाला आर्थिक नुकसान बहुत कम होता था. आज के समय में ज्यादातर कारों में आधुनिक तकनीक मौजूद है. इसलिए नई गाडियों में यह समस्या लगभग खत्म हो चुकी है.

छांव से कार के इंटीरियर को भी फायदा

अगर कार को पेड़ के नीचे या गेराज में पार्क किया जाए तो केबिन का तापमान करीब 10 डिग्री तक कम रह सकता है. इससे डैशबोर्ड और सीटों को धूप से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. तेज धूप से कार के इंटीरियर का रंग फीका पड़ सकता है. साथ ही बैटरी और कूलिंग सिस्टम पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ता है. इसलिए लंबे समय तक कार को बेहतर स्थिति में रखने के लिए छांव में पार्किंग फायदेमंद मानी जाती है.

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खराब फ्यूल सिस्टम से घट सकती है माइलेज

अगर कार का पेट्रोल कैप ढीला हो या इवेपोरेटिव सिस्टम खराब हो जाए तो पेट्रोल की भाप बाहर निकल सकती है. इससे माइलेज पर असर पड़ता है और ईंधन की खपत बढ़ सकती है. कई बार कार में चेक इंजन लाइट भी जलने लगती है. जानकार सलाह देते हैं कि समय समय पर कार की सर्विस करवाना जरूरी है. इससे फ्यूल सिस्टम सही तरीके से काम करता रहता है और माइलेज बेहतर बनी रहती है.