कार की स्पीड से तय होता है पेट्रोल खर्च… जानिए कितनी रफ्तार देती है सबसे ज्यादा माइलेज

कई लोग मानते हैं कि तेज गाड़ी चलाने से समय बचता है, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादा स्पीड आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. रिसर्च के मुताबिक अगर कार सही स्पीड पर चलाई जाए, तो काफी हद तक ईंधन बचाया जा सकता है.

माइलेज Image Credit: @Canva/Money9live

Ideal car speed for Fuel Savings: देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों के बीच अब लोग कार चलाते समय सिर्फ स्पीड नहीं, बल्कि माइलेज का भी खास ध्यान देने लगे हैं. कई लोग मानते हैं कि तेज गाड़ी चलाने से समय बचता है, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादा स्पीड आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. रिसर्च के मुताबिक अगर कार सही स्पीड पर चलाई जाए, तो काफी हद तक ईंधन बचाया जा सकता है.

Wion के हवाले से ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार ज्यादातर पेट्रोल और डीजल कारों के लिए 50 से 60 मील प्रति घंटा यानी करीब 80 से 95 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड सबसे बेहतर मानी जाती है. इस स्पीड पर इंजन ज्यादा दबाव में नहीं आता और कार कम ईंधन खर्च करती है.

70 mph के बाद तेजी से बढ़ता है खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक अगर कार को 60 mph की जगह 70 mph की स्पीड पर चलाया जाए, तो लगभग 9 फीसदी ज्यादा ईंधन खर्च हो सकता है. वहीं 80 mph की रफ्तार पर कार चलाने से फ्यूल खपत करीब 25 फीसदी तक बढ़ सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह हवा का दबाव यानी Air Resistance है.

तेज स्पीड पर क्यों बढ़ती है फ्यूल खपत

  • एक्सपर्ट का कहना है कि 50 mph के बाद कार पर हवा का दबाव तेजी से बढ़ने लगता है.
  • जितनी ज्यादा स्पीड होगी, इंजन को उतनी ज्यादा ताकत लगानी पड़ेगी. इससे पेट्रोल और डीजल दोनों ज्यादा खर्च होते हैं.
  • यानी सिर्फ कार का वजन ही नहीं, बल्कि हवा से लड़ने में भी काफी ईंधन खर्च होता है.

बहुत धीमी स्पीड भी सही नहीं

सिर्फ तेज स्पीड ही नहीं, बहुत धीमी रफ्तार भी माइलेज खराब कर सकती है. अगर कार लो गियर में ज्यादा देर तक चलती है, तो इंजन की RPM बढ़ जाती है और ईंधन ज्यादा खर्च होता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 50 mph तक पहुंचते-पहुंचते कार को सबसे ऊंचे गियर में डाल देना चाहिए, ताकि इंजन कम मेहनत करे.

Cruise Control कैसे बचाता है पेट्रोल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाईवे पर Cruise Control का इस्तेमाल करने से कार एक समान स्पीड पर चलती रहती है. इससे बार-बार ब्रेक लगाने और अचानक एक्सेलरेशन देने की जरूरत कम पड़ती है, जिससे फ्यूल बचाने में मदद मिलती है.

Electric Vehicles यानी EVs के मामले में आदर्श स्पीड थोड़ी कम मानी जाती है. रिपोर्ट के अनुसार EV को 40 से 50 mph की स्पीड पर चलाने से बैटरी ज्यादा समय तक चलती है और ऊर्जा की खपत कम होती है.

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