रेलवे ट्रैक के किनारे लिखे WL-W-T का क्या है मतलब, सिर्फ लोको पायटल ही समझते हैं ये कोड, टल जाती है दुर्घटना

ट्रेन से सफर करते समय आपने रेलवे ट्रैक के किनारे WL, W, C/O और T जैसे कई बोर्ड लगे देखे होंगे। ये साधारण दिखने वाले संकेतक वास्तव में ट्रेन चलाने और यात्रियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं. प्रत्येक बोर्ड लोको पायलट को खास निर्देश देता है.

Signs and Symbols at Railway Tracks Image Credit: Canva/ Money9

Signs and Symbols at Railway Tracks : भारतीय रेलवे का नेटवर्क हजारों किलोमीटर तक फैला हुआ है. ट्रेन की सुरक्षित और सुचारू आवाजाही के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे कई तरह के संकेतक बोर्ड लगाए जाते हैं. अक्सर यात्रियों की नजर इन बोर्डों पर पड़ती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इन पर लिखे अक्षरों का क्या मतलब होता है. WL, W, C/O और T जैसे बोर्ड लोको पायलट को जरूरी जानकारी और निर्देश देने का काम करते हैं. इस रिपोर्ट में इन सारे संकेतकों के बारे में बताया गया है.

WL बोर्ड: लेवल क्रॉसिंग से पहले हॉर्न का संकेत

रेलवे ट्रैक के किनारे लगा WL बोर्ड ‘Whistle for Level Crossing’ का संकेत होता है. इसका मतलब है कि आगे लेवल क्रॉसिंग (रेलवे फाटक) आने वाला है. इस बोर्ड को देखकर लोको पायलट को ट्रेन का हॉर्न बजाना होता है, ताकि फाटक के पास मौजूद लोगों और वाहनों को ट्रेन के आने की सूचना मिल सके. यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है.

W बोर्ड: सीटी या हॉर्न बजाने का निर्देश

W बोर्ड का अर्थ ‘Whistle’ होता है. यह संकेत लोको पायलट को किसी विशेष स्थान पर हॉर्न बजाने के लिए दिया जाता है. ऐसे बोर्ड अक्सर सुरंग, मोड़, घनी आबादी वाले क्षेत्र या ऐसे स्थानों के पास लगाए जाते हैं, जहां ट्रेन के आने की चेतावनी देना जरूरी होता है. यह दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में मदद करता है.

C/O बोर्ड: सावधानी बरतने का संकेत

C/O का मतलब ‘Caution Order’ होता है. यह बोर्ड लोको पायलट को आगे किसी विशेष परिस्थिति के बारे में सतर्क करता है. उदाहरण के तौर पर ट्रैक पर मरम्मत का काम चल रहा हो, अस्थायी गति प्रतिबंध लागू हो या कोई तकनीकी कारण हो. इस संकेत को देखकर लोको पायलट ट्रेन की गति कम करता है और निर्धारित निर्देशों का पालन करता है.

T बोर्ड: प्रतिबंध समाप्त होने की सूचना

T बोर्ड का अर्थ ‘Termination’ होता है. यह संकेत बताता है कि पहले लागू किया गया कोई अस्थायी गति प्रतिबंध या विशेष सावधानी वाला क्षेत्र अब समाप्त हो चुका है. इस बोर्ड को पार करने के बाद लोको पायलट ट्रेन को सामान्य निर्धारित गति से चला सकता है.