व्हाइट विनेगर का ये है दमदार कमाल! टॉयलेट के दाग और बैक्टीरिया होंगे गायब; करें ये छोटा सा काम

अगर टॉयलेट और बाथरूम की बदबू, बैक्टीरिया और हार्ड वॉटर स्टेन्स से परेशान हैं, तो व्हाइट विनेगर आपके लिए असरदार और सस्ता समाधान हो सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, टॉयलेट बेस और आसपास के हिस्सों में बैक्टीरिया तेजी से जमा होते हैं, जिन्हें व्हाइट विनेगर आसानी से साफ करने में मदद करता है.

टॉयलेट क्लीनिंग Image Credit: AI/CANVA

White Vinegar Cleaning Tips: घर की सफाई करते समय ज्यादातर लोग टॉयलेट बाउल, सीट और फ्लश हैंडल को तो साफ कर लेते हैं, लेकिन एक ऐसी जगह है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. यह जगह है टॉयलेट बेस यानी टॉयलेट का निचला हिस्सा. यही हिस्सा बाथरूम का सबसे ज्यादा गंदा और बैक्टीरिया से भरा हिस्सा बन सकता है. ऐसे में अब विशेषज्ञ हर हफ्ते टॉयलेट के आसपास व्हाइट विनेगर छिड़कने की सलाह दे रहे हैं. टॉयलेट के नीचे और आसपास की ग्राउट लाइंस, फ्लोर सीम्स और पीछे की संकरी जगहों में धीरे-धीरे बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं. शुरुआत में ये दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ बदबू, दाग और संक्रमण का कारण बन सकते हैं. कई लोग तब तक सफाई नहीं करते, जब तक बाथरूम से बदबू आना शुरू न हो जाए. हालांकि, तब तक बैक्टीरिया काफी फैल चुके होते हैं.

विनेगर क्यों है असरदार

व्हाइट विनेगर में लगभग 5 फीसदी एसेटिक एसिड होता है, जो प्राकृतिक क्लीनिंग एजेंट की तरह काम करता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह मिनरल बिल्ड-अप, हार्ड वॉटर स्टेन्स और बदबू पैदा करने वाले तत्वों को तोड़ने में मदद करता है. साथ ही यह कठिन जगहों में बैक्टीरिया की ग्रोथ को भी धीमा करता है.

विनेगर हाउसहोल्ड सरफेसेज पर मौजूद कई तरह के बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी साबित होता है. सिरेमिक टाइल जैसी सतहों पर इसका असर कई कमर्शियल क्लीनर्स के बराबर पाया गया है. यही वजह है कि इसे बाथरूम क्लीनिंग के लिए एक आसान और सस्ता विकल्प माना जाता है.

कैसे करें इस्तेमाल

एक्सपर्ट्स के अनुसार, सफाई का तरीका बेहद आसान है. टॉयलेट बेस, उसके आसपास की फ्लोर और पीछे के हिस्से पर व्हाइट विनेगर स्प्रे करें. इसके बाद इसे 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें. फिर डैम्प क्लॉथ या पेपर टॉवल से साफ कर लें. अगर वहां पीले दाग या मिनरल डिपॉजिट्स ज्यादा हों, तो ब्रश से हल्का स्क्रब किया जा सकता है. जिन घरों में एक बाथरूम कई लोग इस्तेमाल करते हैं या जहां नमी ज्यादा रहती है, वहां यह प्रक्रिया हफ्ते में 2 से 3 बार करने की सलाह दी गई है.

लोग सफाई में सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं

क्लीनिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर लोग क्लीनिंग प्रोडक्ट्स को स्प्रे करते ही तुरंत पोंछ देते हैं, जबकि डिसइन्फेक्टेंट को असर दिखाने के लिए कुछ समय तक सरफेस पर रहना जरूरी होता है. गुड हाउसकीपिंग इंस्टीट्यूट की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कैरोलिन फोर्टे के अनुसार, टॉयलेट बाउल क्लीनर को कम से कम 5 मिनट तक छोड़ना चाहिए. वहीं टॉयलेट एक्सटीरियर, लिड और सीट पर स्प्रे करने के बाद करीब 10 मिनट तक इंतजार करना चाहिए, ताकि जर्म्स पूरी तरह खत्म हो सकें.

हार्ड वॉटर स्टेन्स हटाने में भी मददगार

अगर टॉयलेट बाउल में पीला रिंग या जिद्दी दाग बन गया है, तो विनेगर इसमें भी मदद कर सकता है. इसके लिए बाउल से पानी कम करके उसमें विनेगर डालें और रातभर छोड़ दें. सुबह उसमें बेकिंग सोडा डालकर स्क्रब करें. इससे मिनरल डिपॉजिट्स धीरे-धीरे टूटने लगते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तरीका केमिकल क्लीनर्स जितना तेज नहीं होता, लेकिन पोर्सिलेन को नुकसान पहुंचाए बिना सफाई कर देता है.

कितनी बार करनी चाहिए टॉयलेट क्लीनिंग

सामान्य दिनों में हफ्ते में एक बार गहरी सफाई काफी होती है. हालांकि, फ्लू सीजन या घर में किसी के बीमार होने पर हर 2 से 3 दिन में डिसइन्फेक्टिंग क्लीनिंग करनी चाहिए. इसके अलावा टॉयलेट ब्रश को इस्तेमाल के बाद गीले बंद कंटेनर में रखने की बजाय उसे ड्राई करना भी जरूरी बताया गया है, क्योंकि गीला ब्रश खुद बैक्टीरिया फैलाने का कारण बन सकता है.

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