क्या 1 मई को फिर से बढ़ेंगे LPG सिलेंडर, होर्मुज अभी भी है बंद, जानें कितने दिन का है रिजर्व

एलपीजी की कीमतों का फिलहाल पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई पर निर्भर है. अब तक LPG सिलेंडर के दाम तीन बार बढ़ चुके हैं. फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में थोड़ी नरमी जरूर दिख रही है, लेकिन यह कब तक रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 1 मई से फिर से एलपीजी महंगा हो जाएगा.

LPG सिलेंडर Image Credit: @PTI

LPG price hike India May 2026: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भारत में LPG सिलेंडर की कीमत पर डायरेक्ट असर डाला है. 1 अप्रैल 2026 को कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में देश के अलग-अलग शहरों में बढ़ोतरी देखी गई थी. दिल्ली में करीब 194 रुपये, कोलकाता में 218 रुपये और चेन्नई में 203 रुपये तक कीमतें बढ़ीं. वहीं घरेलू सिलेंडर भी अब तक करीब 60 रुपये महंगा हो चुका है. फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में थोड़ी नरमी जरूर दिख रही है, लेकिन यह कब तक रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है.

अब तक LPG सिलेंडर के दाम तीन बार बढ़ चुके हैं, जिसमें घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम 7 मार्च को 114.50 और 1 अप्रैल को करीब 203 तक बढ़ाए गए हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 1 मई से फिर से एलपीजी महंगा हो जाएगा.

सप्लाई संकट अभी भी बना हुआ है

दरअसल, मौजूदा स्थिति में सबसे बड़ी दिक्कत सप्लाई की है. हॉर्मुज स्ट्रेट में फंसे एलपीजी कार्गो के कारण भारत अभी तक उतनी गैस नहीं जुटा पा रहा है, जितनी संकट से पहले खपत होती थी. कीमतों पर इसका सीधा असर दिख रहा है. सरकार ने फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद भारत ने घरेलू एलपीजी उत्पादन 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ाकर करीब 46,000 टन प्रतिदिन कर दिया, लेकिन यह अभी भी करीब 1,00,000 टन प्रतिदिन की मांग से काफी कम है, जो संकट से पहले थी.

सरकार के कदम, लेकिन दबाव बरकरार

सरकार ने हालात संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं. सरकारी रिफाइनरियों को कम मुनाफे के बावजूद एलपीजी उत्पादन बढ़ाने को कहा गया है. घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कमर्शियल सेक्टर की सप्लाई को सामान्य स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित किया है.

इसके अलावा, लोगों को पाइप्ड गैस की ओर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, देश में एलपीजी की कुल मिलाकर पर्याप्त आपूर्ति है.

बाहर से सप्लाई बढ़ाने की कोशिश

भारत अब तक पश्चिम एशिया के अलावा दूसरे देशों से एलपीजी मंगाने की कोशिश कर रहा है. अटलांटिक बेसिन और दूसरे क्षेत्रों से सप्लाई शिफ्ट की जा रही है ताकि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो सके. सरकारी कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने मई-जून के लिए अमेरिका से स्पॉट कार्गो खरीदे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने अमेरिका भारत को रिकॉर्ड 4,71,000 टन एलपीजी भेजने वाला है.

तो क्या 1 मई से फिर बढ़ेंगे दाम?

मौजूदा हालात को देखें तो साफ है कि सप्लाई अभी भी दबाव में है और वैश्विक हालात पूरी तरह स्थिर नहीं हुए हैं. ऐसे में 1 मई से कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, अगर अमेरिका और दूसरे देशों से सप्लाई तेजी से आती है और तनाव कम रहता है, तो राहत भी मिल सकती है.

अब तक कितना है रिजर्व ?

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2026 के आखिरी तक भारत सरकार ने एलपीजी (LPG) के पर्याप्त स्टॉक का दावा किया है. पश्चिम एशिया तनाव के बीच, देश के पास लगभग एक महीने (लगभग 30 दिन) की आपूर्ति के लिए एलपीजी का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है.

1 मई से और क्या बदल सकता है?

मई की शुरुआत में सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि नियमों में भी बदलाव की चर्चा है. एलपीजी बुकिंग सिस्टम में बदलाव हो सकता है, जिसमें ओटीपी आधारित डिलीवरी, ई-केवाईसी की सख्ती और बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव शामिल हो सकते हैं. इन बदलावों का मकसद सिस्टम को बेहतर बनाना और दुरुपयोग रोकना है.

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