तू डाल–डाल, मैं पात-पात… ट्रंप ने ठोंका 10% टैरिफ, तो EU ने निकाल लिया ‘ट्रेड बाजूका’ वाला हथियार
रविवार को ब्रसेल्स में आपात बैठक हुई, जहां 27 देशों के प्रतिनिधियों ने मिलकर जवाबी कदमों पर चर्चा की. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साफ कहा कि अब वक्त आ गया है कि यूरोप अपनी ताकत दिखाए. इस पूरे विवाद ने अमेरिका और यूरोप के दशकों पुराने रिश्तों में दरार डाल दी है.
EU loads ‘trade bazooka’: अटलांटिक के दोनों किनारों पर राजनीति और व्यापार की हवा गरमा गई है. वजह है ग्रीनलैंड. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी है, क्योंकि ये देश डेनमार्क के Autonomous क्षेत्र ग्रीनलैंड का समर्थन कर रहे हैं. इसके जवाब में यूरोपीय संघ ने अपनी सबसे ताकतवर व्यापारिक हथियार, ‘ट्रेड बाजूका’ पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया है.
रविवार को ब्रसेल्स में आपात बैठक हुई, जहां 27 देशों के प्रतिनिधियों ने मिलकर जवाबी कदमों पर चर्चा की. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साफ कहा कि अब वक्त आ गया है कि यूरोप अपनी ताकत दिखाए. इस पूरे विवाद ने अमेरिका और यूरोप के दशकों पुराने रिश्तों में दरार डाल दी है और आने वाले दिनों में वैश्विक व्यापार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.
ट्रंप की टैरिफ धमकी से तनाव बढ़ा
शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि 1 फरवरी से डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर जून तक ग्रीनलैंड पर कोई समझौता नहीं हुआ तो यह टैरिफ 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा. ट्रंप का तर्क है कि आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड बेहद जरूरी है. लेकिन यूरोपीय देशों का कहना है कि किसी Sovereign क्षेत्र पर कब्जे की बात स्वीकार्य नहीं है. इसी वजह से तनाव तेजी से बढ़ गया है.
EU का ‘ट्रेड बाजूका’ क्या है
European Union जिस हथियार पर विचार कर रहा है, उसे आधिकारिक तौर पर Anti-Coercion Instrument यानी ACI कहा जाता है. इसे ‘ट्रेड बाजूका’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह EU को मजबूत जवाबी कार्रवाई का अधिकार देता है. इसके तहत यूरोप अमेरिका पर काउंटर टैरिफ लगा सकता है. अमेरिकी कंपनियों को यूरोपीय बाजार से बाहर कर सकता है और EU के बड़े सरकारी ठेकों में अमेरिकी कंपनियों की भागीदारी रोक सकता है.
इसके अलावा export control जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं. Reuters के मुताबिक EU पहले से तय 93 अरब यूरो के जवाबी टैरिफ को भी लागू करने पर विचार कर रहा है, जिसे साल 2025 में अस्थायी रूप से रोक दिया गया था. रविवार को 8 यूरोपीय देशों ने ज्वाइंट बयान जारी कर डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एकजुटता दिखाई. उन्होंने कहा कि आर्कटिक की सुरक्षा पूरे NATO के लिए साझा जिम्मेदारी है.
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