ये हैं दुनिया के टॉप 10 पावरफुल पासपोर्ट, सिंगापुर को 192 देशों में मिलती है वीजा-फ्री एक्सेस, देखें लिस्ट
आज के दौर में पासपोर्ट सिर्फ पहचान पत्र नहीं, बल्कि वैश्विक यात्रा की आजादी का पैमाना बन गया है. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रैंकिंग में सिंगापुर एक बार फिर दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट साबित हुआ है. रिपोर्ट ने एशिया के बढ़ते दबदबे और देशों के बीच बढ़ती यात्रा असमानता को भी उजागर किया है.
Henley Passport Index 2026: आजकल पासपोर्ट सिर्फ यात्रा का एक कागज नहीं रहा, बल्कि यह बताता है कि आप दुनिया में कितनी आसानी से घूम-फिर सकते हैं. हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 ने हाल ही में अपनी नई रैंकिंग जारी की है. इस इंडेक्स में किसी देश के पासपोर्ट की ताकत इस बात से तय होती है कि उसके धारक बिना वीजा के कितने देशों में जा सकते हैं. लंदन स्थित हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा जारी इस इंडेक्स के अनुसार, सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे शक्तिशाली है, जिसके धारकों को 192 देशों में बिना वीजा के प्रवेश की सुविधा मिलती है. आइए जानते हैं कि दुनिया के टॉप 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट वाले देश कौन-कौन से हैं.
सिंगापुर फिर नंबर-1, एशिया का दबदबा कायम
2026 में Singapore को दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट मिला है, जिसके नागरिक 192 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं. एशिया की पकड़ भी मजबूत हो रही है. Japan और South Korea संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 188 देशों में वीजा-फ्री पहुंच हासिल है. यूरोपीय देशों का वर्चस्व भी टॉप रैंकिंग में दिखा, हालांकि United Arab Emirates एक बड़ा अपवाद रहा. यूएई ने पिछले दो दशकों में 57 स्थान की छलांग लगाते हुए पांचवां स्थान हासिल किया और इसके पासपोर्ट पर 184 देशों में वीजा-फ्री प्रवेश संभव है. Australia, Canada और Malaysia भी टॉप 10 में शामिल रहे, जबकि United States 2025 के अंत में गिरावट के बाद 10वें स्थान पर वापसी करने में सफल रहा.
ये हैं टॉप 10 पावरफुल पासपोर्ट
| रैंक | देश | कितने देशों में फ्री एक्सेस |
|---|---|---|
| 1 | सिंगापुर | 192 |
| 2 | जापान, दक्षिण कोरिया | 188 |
| 3 | डेनमार्क, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड | 186 |
| 4 | ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे | 185 |
| 5 | हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, संयुक्त अरब अमीरात | 184 |
| 6 | क्रोएशिया, चेकिया, एस्टोनिया, माल्टा, न्यूजीलैंड, पोलैंड | 183 |
| 7 | ऑस्ट्रेलिया, लातविया, लिकटेंस्टीन, यूनाइटेड किंगडम | 182 |
| 8 | कनाडा, आइसलैंड, लिथुआनिया | 181 |
| 9 | मलेशिया | 180 |
| 10 | संयुक्त राज्य अमेरिका | 179 |
ये हैं सबसे कमजोर पासपोर्ट
| रैंक | देश | कितने देशों में फ्री एक्सेस |
|---|---|---|
| 101 | अफगानिस्तान | 24 |
| 100 | सीरिया | 26 |
| 99 | इराक | 29 |
| 98 | पाकिस्तान, यमन | 31 |
| 97 | सोमालिया | 33 |
| 96 | नेपाल | 35 |
| 95 | बांग्लादेश | 37 |
| 94 | इरीट्रिया, उत्तर कोरिया, फिलिस्तीनी क्षेत्र | 38 |
| 93 | लीबिया, श्रीलंका | 39 |
| 92 | ईरान | 40 |
भारत की धीमी वापसी
भारतीय पासपोर्ट की बात करें तो भारत 2000 के दशक में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में था, लेकिन बाद के वर्षों में इसकी रैंकिंग में गिरावट आई. 2026 में भारत 80वें स्थान पर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में पांच पायदान की बढ़त है. भारतीय नागरिकों को अब 55 देशों में वीजा-फ्री पहुंच मिलती है. यह सुधार कई वर्षों के ठहराव के बाद भारत के पासपोर्ट की मजबूती में धीरे-धीरे हो रही वापसी का संकेत देता है.