किसानों को बड़ी खुशखबरी, KCC कर्ज पर ब्याज दर में जारी रहेगी छूट, केंद्रीय कैबिनेट ने लिया फैसला

बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मौजूदा 1.5 फीसदी ब्याज अनुदान के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के लिए MISS को जारी रखने का निर्णय लिया है. सरकार के इस फैसले से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से सस्ती दर पर कर्ज मिलता रहेगा. समय पर कर्ज अदा करने वाले किसानों को ब्याज दर में 3 फीसदी की छूट दी जाती है. ऐसे में किसानों को 7 नहीं, बल्कि 4 फीसदी के दर से ही ब्याज चुकाना पड़ता है.

Kisan Credit Card Image Credit: Money9

बुधवार को केंद्र सरकार ने किसानों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तोहफा दिया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चालू वित्त वर्ष  के लिए संशोधित ब्याज छूट योजना (Modified Interest Subvention Scheme,MISS) के तहत ब्याज दर में छूट को जारी रखने का निर्णय लिया है. सरकार के इस फैसले से किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से सस्ती दर पर कर्ज मिलता रहेगा. आइए जानते हैं कि MISS है क्या? इसमें मिलने वाले छूट? और किस दर पर मिलता है कर्ज?

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मौजूदा 1.5 फीसदी ब्याज अनुदान के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के लिए MISS को जारी रखने का निर्णय लिया है।

क्या है MISS?

संशोधित ब्याज छूट योजना (Modified Interest Subvention Scheme, MISS) केंद्र सरकार की एक योजना है. इस योजना के तहत किसानों को ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ की मदद से 3 लाख रुपये तक अल्पावधि के लिए कर्ज मिलता है. इसका ब्याज दर 7 फीसदी है. साथ ही कर्ज देने वाली संस्थानों को 1.5 फीसदी ब्याज अनुदान भी मिलता है. 

3% ब्याज में मिल सकता है छूट?

कर्ज लेने वाले वैसे किसान जो समय पर ऋण अदा कर देते हैं, उन्हें ब्याज दर में 3 फीसदी की छूट दी जाती है. इस हिसाब से समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को 7 नहीं, बल्कि 4 फीसदी के दर से ही ब्याज चुकाना पड़ता है. इसके अलावा पशुपालन और मछली पालन के लिए, लिए गए कर्ज पर ब्याज लाभ 2 लाख रुपये तक लागू है.

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कितने किसानों को मिल रहा लाभ?

अभी देश में 7.75 करोड़ से अधिक KCC अकाउंट हैं. 2014 में किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को 4.26 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया था. दिसंबर 2024 तक यह बढ़कर 10 लाख करोड़ से अधिक हो गया. समग्र रूप से किसानों को वित्त वर्ष 2013-14 में 7.3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज मुहैया कराया गया था जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 25.49 लाख करोड़ हो गया.

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