ईरान ने अमेरिका का 48 घंटे का अल्टीमेटम ठुकराया, फिर कुवैत पर ड्रोन हमला…युद्ध विराम के नहीं दिख रहे आसार
पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकराने के बाद ईरान से जुड़े ड्रोन हमले ने कुवैत में हलचल मचा दी है. तेल क्षेत्र और सरकारी इमारतों को निशाना बनाए जाने से हालात और बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं.
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को एक महीने से ज्यादा हो गया है. तमाम कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद शांति की कोई किरण नहीं दिख रही है. शुक्रवार को अमेरिका ने तनाव कम करने के लिए अस्थायी युद्धविराम का अल्टीमेटम दिया, लेकिन ईरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. इसके तुरंत बाद शनिवार को कुवैत में ड्रोन हमले की खबर ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि फिलहाल तनाव कम होने के आसार बेहद कम हैं.
युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराया, बातचीत से भी दूरी
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि 6 अप्रैल तक हालात सामान्य किए जाएं, वरना “नतीजे बेहद गंभीर होंगे.” जैसे-जैसे डेडलाइन नजदीक आई, अमेरिका ने 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम दिया, खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट खोलने और समझौते की दिशा में कदम बढ़ाने को लेकर.
ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है. फार्स न्यूज एजेंसी ने नाम न बताए जाने के शर्त पर एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया कि यह प्रस्ताव एक मध्यस्थ देश के जरिए भेजा गया था, लेकिन ईरानी पक्ष ने इसे “अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान अब किसी अस्थायी राहत के बजाय स्थायी और गारंटीड युद्धविराम चाहता है.
इतना ही नहीं, ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि वह आने वाले दिनों में इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बातचीत में शामिल नहीं होगा. इससे यह संकेत मिलता है कि कूटनीतिक रास्ते फिलहाल बंद होते नजर आ रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी ईरान ने खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ईरान की नई सरकार ने युद्धविराम की मांग की है. ईरानी अधिकारियों ने इसे पूरी तरह गलत बताया.
कुवैत में ड्रोन हमला, तेल क्षेत्र में आग
सीजफायर प्रस्ताव ठुकराने के कुछ ही समय बाद कुवैत में ड्रोन हमले की घटना सामने आई. कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के मुताबिक, शुवैख तेल क्षेत्र परिसर में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई. इसी परिसर में तेल मंत्रालय और कंपनी का मुख्यालय भी स्थित है.
हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सरकारी दफ्तरों वाले एक अन्य कॉम्प्लेक्स को भी निशाना बनाया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ. दमकल और राहत टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी रहीं.
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इससे पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक अमेरिकी A-10 वॉरथॉग विमान को मार गिराने का दावा किया था, जिसकी पुष्टि अमेरिकी अधिकारियों ने भी की. इसी हफ्ते यह दूसरा मौका है जब ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है.
मध्यस्थता की कोशिशें नाकाम
तुर्की, मिस्र और कतर जैसे देश लगातार दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है.
