चीनी उत्पादन में आया 7 फीसदी का बंपर उछाल, 27.39 मिलियन टन हुआ पार; महाराष्ट्र-कर्नाटक ने बढ़ाया ग्राफ
साल 2025-26 का चीनी सीजन भारत के लिए सकारात्मक नजर आ रहा है. नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र और कर्नाटक की मजबूत परफॉर्मेंस ने गिरावट वाले राज्यों की भरपाई कर दी है, जिससे कुल उत्पादन में अच्छी बढ़त देखने को मिली है.

India Sugar Production: भारत में चीनी उत्पादन को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. 2025-26 के मौजूदा सीजन में देश का कुल उत्पादन 7 फीसदी बढ़कर 27.39 मिलियन टन तक पहुंच गया है. नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (NFCSF) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बेहतर उत्पादन ने इस बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई है.
महाराष्ट्र बना सबसे बड़ा योगदानकर्ता
देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में इस बार शानदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. 15 अप्रैल तक यहां उत्पादन 23 फीसदी बढ़कर 9.92 मिलियन टन हो गया है, जबकि पिछले साल इसी समय यह 8.06 मिलियन टन था. यह उछाल पूरे देश के कुल उत्पादन को ऊपर ले जाने में सबसे बड़ा फैक्टर बना है.
कर्नाटक में भी मजबूत प्रदर्शन
कर्नाटक, जो देश में चीनी उत्पादन के बड़े राज्यों में आता है. यहां भी उत्पादन में अच्छी बढ़त देखने को मिली है. इस राज्य में चीनी उत्पादन 16.70 फीसदी बढ़कर 4.71 मिलियन टन पहुंच गया, जो पिछले साल 4.04 मिलियन टन था. यह दिखाता है कि दक्षिण भारत के राज्यों का योगदान लगातार मजबूत हो रहा है.
उत्तर प्रदेश में हल्की गिरावट
हालांकि, देश के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में इस बार उत्पादन में मामूली गिरावट दर्ज की गई है. यहां उत्पादन करीब 2 फीसदी घटकर 8.92 मिलियन टन रह गया है. इसके बावजूद राज्य का योगदान कुल उत्पादन में अभी भी काफी अहम बना हुआ है.
रिकवरी रेट में सुधार
खास बात ये भी रही कि इस सीजन में चीनी की औसत रिकवरी दर भी बेहतर रही है. 15 अप्रैल तक यह बढ़कर 9.55 फीसदी हो गई, जबकि पिछले साल इसी समय यह 9.37 प्रतिशत थी. जो दिखाता है कि मिलों की दक्षता में सुधार हुआ है.
मिलों की स्थिति और सीजन अपडेट
चीनी सीजन अक्टूबर से सितंबर तक चलता है. इस सीजन में अब तक 541 मिलों ने काम किया, जिनमें से 21 मिलों में अभी भी क्रशिंग जारी है, जबकि बाकी बंद हो चुकी हैं. खास बात यह है कि अब तक का उत्पादन 2024-25 के पूरे सीजन के 26.2 मिलियन टन के आंकड़े को पार कर चुका है.
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