दुकानों पर नहीं बिकता है यह आम, केवल होती है नीलामी, जो ज्यादा पैसा देगा उसे ही मिलेगा

मियाज़ाकी आम की खेती अन्य आमों की तरह नहीं की जाती है. पेड़ों पर फल आते ही सभी फलों को जालीदार नेट से बांध दिया जाता है. इससे आम को नुकसान पहुंचने की संभावना कम हो जाती है. ऐसे एक मियाज़ाकी आम का वजन 350 ग्राम तक होता है. बड़ी बात यह है कि मियाज़ाकी आम दुकानों पर नहीं मिलता है.

आम Image Credit: GettyImages

जब भी टेस्टी, महंगे और लजीज आम की बात होती है, तो लोगों के जेहन में सबसे पहले दशहरी, लंगड़ा, चौसा और अल्फांसो का नाम आता है. लोगों को लगता है कि ये आम की बेहतरीन किस्में हैं और सबसे अधिक कीमत भी इनकी ही है. लेकिन ऐसी बात नहीं है. दुनिया में आम की एक ऐसी भी किस्म है, जिसकी कीमत लाखों रुपये किलो है. इस आम की दुकानों पर बिक्री भी नहीं होती है. केवल उसकी नीलामी की जाती है.

दरअसल, हम जिस आम की बात करने जा रहे हैं, उसका नाम मियाजाकी है. इस आम को दुनिया का सबसे महंगा आम माना गया है. यह खाने में जितना टेस्टी है उतना ही शरीर के लिए फायदेमंद भी. इसका रंग भी सामान्य आम से अलग होता है. इसका रेट विदेशों में लाखों रुपये किलो होता है. एक किलो आम के लिए लोगों को दो से पौने तीन लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. दुनिया के अमीर लोग ही केवल मियाजाकी आम को खाते हैं.

इस देश में पहले शुरू हुई खेती

ऐसे मियाजाकी आम की खेती की शुरुआत सबसे पहले जापान में हुई थी. जापान के मियाज़ाकी शहर में सबसे पहले इसे उगाया गया. इसलिए इसका नाम मियाज़ाकी रख दिया गया. ऐसे मियाज़ाकी शहर का मौसम इस आम की खेती के लिए बहुत ही उपयुक्त है. इसकी खेती अप्रैल से अगस्त महीने के बीच की जाती है. कई लोग जापान में मियाजाकी आम को सूर्य का अंडा भी कहते हैं. कहा जाता है यह आम सूरज की तेज धूप और हल्की बारिश में पकता है. इसके चलते यह बैंगनी रंग का हो जाता है.

खाने में भी बहुत है टेस्टी

हालांकि, मियाज़ाकी आम का मूल नाम ताइयो नो तमागो है. जापानी भाषा में इसका अर्थ होता है ‘एग ऑफ द सन’. यानी सूर्य का अंडा. ऐसे मियाज़ाकी आम की कीमत दो से पौने तीन लाख रुपये तक हो सकती है. यह आम अपनी स्वादिष्टता और सुगंध के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. हालांकि, अब भारत में भी किसान इसकी खेती करने लगे हैं. खास बात यह है कि मियाज़ाकी आम को खाने पर अनानास और नारियल का भी हल्का फ्लेवर आता है.

इस आम की होती है नीलामी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मियाज़ाकी आम की खेती अन्य आमों की तरह नहीं की जाती है. पेड़ों पर फल आते ही सभी फलों को जालीदार नेट से बांध दिया जाता है. इससे आम को नुकसान पहुंचने की संभावना कम हो जाती है. ऐसे एक मियाज़ाकी आम का वजन 350 ग्राम तक होता है. बड़ी बात यह है कि मियाज़ाकी आम दुकानों पर नहीं मिलता है. इसकी नीलामी की जाती है. जो सबसे अधिक बोली लगाता है, उसे ही यह आम मिलता है.

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