तय सीमा से ज्यादा तंबाकू उगाया है? अब नहीं लगेगा जुर्माना, इस राज्य के किसानों को मिली बड़ी राहत
आंध्र प्रदेश के FCV तंबाकू किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. 2025-26 सीजन में तय सीमा से ज्यादा उगाई गई फसल और बिना रजिस्ट्रेशन वाली ‘अनधिकृत’ फसल भी अब Tobacco Board के नीलामी प्लेटफॉर्म पर बेची जा सकेगी. ऐसी बिक्री पर अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगेगा.
Highlights
- तय सीमा से ज्यादा उगाई गई FCV तंबाकू फसल अब अधिकृत नीलामी प्लेटफॉर्म पर बेची जा सकेगी.
- ऐसी बिक्री पर अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगेगा. केवल सामान्य सर्विस चार्ज लागू होंगे.
- 24 सितंबर तक 111.64 मिलियन किलोग्राम तंबाकू बिक चुका है.
आंध्र प्रदेश के फ्ल्यू-क्योर्ड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. अब किसान 2025-26 सीजन में तय सीमा से ज्यादा उगाई गई तंबाकू की फसल को भी तंबाकू बोर्ड के नीलामी प्लेटफॉर्म पर बेच सकेंगे. इसके अलावा ऐसे किसान जिन्होंने Tobacco Board में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनके द्वारा उगाई गई ‘अनधिकृत’ फसल को भी बेचने की अनुमति दी गई है. खास बात यह है कि ऐसी बिक्री पर अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगेगा और केवल Tobacco Board Act के तहत लागू सामान्य सर्विस चार्ज ही देना होगा.
केंद्र सरकार ने दी बिक्री की मंजूरी
Commerce Ministry ने जारी Gazette Notification में Tobacco Board को इस संबंध में मंजूरी दी है. इसके तहत Board में रजिस्टर्ड किसान अपनी तय सीमा से ज्यादा उगाई गई FCV तंबाकू फसल को अधिकृत नीलामी केंद्रों पर बेच सकेंगे. वहीं, Board में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले किसानों की ‘अनधिकृत’ फसल भी इन प्लेटफॉर्म पर बेची जा सकेगी.
Tobacco Board के Chairman Yashwanth Chidipothu के मुताबिक, इस फैसले से ज्यादा तंबाकू पैदा करने वाले किसानों को अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा. साथ ही रजिस्टर्ड खरीदार भी ऐसी फसल को कानूनी तरीके से खरीद सकेंगे.
पहले अतिरिक्त फसल पर लग सकता था जुर्माना
Tobacco Board हर सीजन के लिए FCV तंबाकू की उत्पादन सीमा तय करता है. किसान अगर इस सीमा से ज्यादा फसल उगाते हैं या बिना रजिस्ट्रेशन के तंबाकू की खेती करते हैं, तो ऐसी फसल को आम तौर पर Board की नीलामी में बेचने की अनुमति नहीं होती थी. बिक्री की स्थिति में किसानों पर अतिरिक्त शुल्क या जुर्माना लग सकता था.
आंध्र प्रदेश के किसान लंबे समय से अतिरिक्त फसल को लेकर राहत की मांग कर रहे थे. अब केंद्र की मंजूरी के बाद उन्हें अपनी अतिरिक्त फसल अधिकृत नीलामी प्लेटफॉर्म पर बेचने का रास्ता मिल गया है.
24 सितंबर तक कितनी तंबाकू फसल बिकी?
24 सितंबर तक 111.64 मिलियन किलोग्राम तंबाकू की बिक्री हो चुकी थी. यह अनुमानित कुल उत्पादन का 47.30 फीसदी है. इस बिक्री के दौरान 148 नीलामी दिवस पूरे हो चुके थे. इस सीजन में अब तक तंबाकू की औसत कीमत ₹213.27 प्रति किलोग्राम रही है. इसकी तुलना में 2024-25 सीजन में अंतिम औसत कीमत 248.86 रुपये प्रति किलोग्राम थी.
शुरुआत में बिक्री को लेकर आई थी परेशानी
सीजन की शुरुआत में तंबाकू किसानों को फसल बेचने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बाजार में ज्यादा फसल उपलब्ध होने, पिछले सीजन का स्टॉक बचा होने, निर्यात मांग कमजोर रहने और खरीद की रफ्तार धीमी होने से स्थिति चुनौतीपूर्ण रही. इसके अलावा कम गुणवत्ता और सामान्य से अलग तरह के तंबाकू की उपलब्धता बढ़ने से भी बिक्री पर असर पड़ा. हालांकि हाल के हफ्तों में स्थिति में सुधार हुआ है.
नो-बिड में भी आई कमी
शुरुआत में जिन तंबाकू लॉट पर खरीदार बोली नहीं लगा रहे थे, यानी ‘नो-बिड’, उनका स्तर करीब 40 फीसदी तक पहुंच गया था. अब यह घटकर करीब 10 फीसदी रह गया है. वहीं, तंबाकू की बिक्री और स्टॉक निकालने की रफ्तार भी बढ़ी है. अब हर हफ्ते करीब 10-11 मिलियन किलोग्राम तंबाकू की बिक्री हो रही है.
अच्छी क्वालिटी के तंबाकू के दाम बढ़े
अच्छी क्वालिटी वाले तंबाकू की कीमतों में भी हाल के दिनों में सुधार देखने को मिला है. Northern Light Soils (NLS) तंबाकू की कीमत हाल की नीलामी में करीब ₹346 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई. केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं. Commerce Ministry ने Tobacco Board और कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ नीलामी की स्थिति की समीक्षा भी की है. इसका मकसद खरीद की रफ्तार बढ़ाना और पूरे सीजन की बिक्री को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है.
इसे भी पढ़ें- 8th Pay Commission: Level 1-18 कर्मचारियों के लिए क्यों उठी One Rank, One Pension की मांग?
Latest Stories
किसानों के लिए बड़ी खबर, रबी सीजन से पहले 4 लाख टन तक खाद मंगाएगा KRIBHCO
PM Kisan की अगली किस्त दिवाली से पहले या बाद? किसानों को कब मिलेंगे ₹2000, जानें अपडेट
कैंसर की जांच वाली टेक्नोलॉजी अब खेतों में करेगी कमाल, ये सेंसर बदलेगा खेती का तरीका
