8th Pay Commission: Level 1-18 कर्मचारियों के लिए क्यों उठी One Rank, One Pension की मांग?

8वें वेतन आयोग से Level 1 से 18 तक के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें बढ़ी हैं. कर्मचारी संगठन One Rank, One Pension की मांग कर रहे हैं, ताकि समान पद और सेवा अवधि वालों की पेंशन में अंतर खत्म हो.

8वां वेतन आयोग

Highlights

  • Level 1-18 कर्मचारियों के लिए OROP की मांग उठी है
  • समान पद और सेवा वालों को समान पेंशन मिले
  • 8वें वेतन आयोग से पेंशन समानता की उम्मीद बढ़ी है

8वें वेतन आयोग के सामने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़ी कई मांगें रखी जा रही हैं. इनमें Level 1 से Level 18 तक के केंद्रीय कर्मचारियों के लिए One Rank, One Pension (OROP) लागू करने की मांग भी प्रमुख है. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि एक ही पद से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन सिर्फ रिटायरमेंट की तारीख अलग होने के कारण अलग नहीं होनी चाहिए.

क्या है One Rank, One Pension?

One Rank, One Pension यानी OROP का मतलब है कि समान पद या लेवल और समान पात्र सेवा अवधि वाले पेंशनभोगियों को रिटायरमेंट की तारीख अलग होने के बावजूद समान पेंशन मिले. मौजूदा व्यवस्था में अलग-अलग Pay Commission के समय रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन में अंतर हो सकता है.

अभी OROP का लाभ मुख्य रूप से Armed Forces के कर्मियों के अलावा सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों तथा CAG को मिलता है. केंद्र सरकार ने Armed Forces के लिए OROP को 2015 में लागू किया था, जिसका वित्तीय लाभ 1 जुलाई 2014 से प्रभावी किया गया था.

Level 1-18 के कर्मचारियों की क्या मांग है?

कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों का कहना है कि केंद्रीय सरकार के सिविल कर्मचारियों के लिए भी पेंशन में समानता की व्यवस्था होनी चाहिए. All India Defence Employees’ Federation (AIDEF) ने 8वें Pay Commission के सामने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है.

AIDEF के अनुसार, एक ही पद पर काम करने और समान सेवा देने वाले दो कर्मचारी अगर अलग-अलग समय पर रिटायर हुए हैं, तो केवल Pay Commission की अलग व्यवस्था के कारण उनकी पेंशन में बड़ा अंतर नहीं होना चाहिए.

Notional Pay Fixation का क्या मतलब है?

AIDEF ने पेंशन में समानता लाने के लिए Notional Pay Fixation का सुझाव दिया है. इसके तहत रिटायरमेंट के समय के पद या लेवल के साथ कर्मचारी की सेवा अवधि, मिले हुए इंक्रीमेंट, प्रमोशन और बाद में उस पद के अपग्रेड होने जैसी चीजों को ध्यान में रखने की मांग की गई है.

संगठन का सुझाव है कि पुराने पेंशनभोगियों की पेंशन तय करते समय सिर्फ उस समय के वेतनमान को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि संबंधित पद में बाद में हुए बदलावों को भी देखा जाना चाहिए.

क्या 8वें Pay Commission में यह लागू होगा?

फिलहाल यह कर्मचारी संगठनों की मांग है, लागू किया गया नियम नहीं. 8वां Pay Commission हितधारकों से सुझाव ले रहा है और अंतिम सिफारिशें आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पेंशन में समानता को लेकर क्या व्यवस्था बनती है.

इसलिए Level 1 से 18 तक के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए OROP की मांग फिलहाल एक प्रस्ताव के रूप में देखी जानी चाहिए, न कि किसी तय लाभ के रूप में.

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