Retirement Corpus: ₹1 करोड़ से 25 साल तक हर महीने ₹70,000 मिलेंगे?

अगर रिटायरमेंट पर आपके पास ₹1 करोड़ का कॉर्पस है, तो क्या इससे 25 साल तक हर महीने ₹70,000 निकाले जा सकते हैं? रिटर्न, निकासी दर और महंगाई के हिसाब से पूरी गणना समझें.

रिटायरमेंट

Highlights

  • ₹1 करोड़ से ₹70,000 मासिक निकासी 25 साल मुश्किल है
  • 6% रिटर्न पर निकासी दर कॉर्पस की अवधि तय करती
  • महंगाई बढ़ने पर रिटायरमेंट कॉर्पस जल्दी खत्म हो सकता है

रिटायरमेंट के बाद हर महीने नियमित आमदनी की जरूरत होती है. ऐसे में सवाल है कि अगर आपके पास ₹1 करोड़ का रिटायरमेंट कॉर्पस है, तो क्या इससे 25 साल तक हर महीने ₹70,000 निकाले जा सकते हैं? गणना के मुताबिक, यह रकम लंबे समय तक चलाना मुश्किल हो सकता है.

₹1 करोड़ पर कितना पैसा निकाल सकते हैं?

अगर ₹1 करोड़ के कॉर्पस पर सालाना औसतन 6% रिटर्न मानें और हर साल की निकासी साल की शुरुआत में करें, तो 4% निकासी दर पर करीब ₹33,333 और 5% पर ₹41,667 मासिक निकाले जा सकते हैं. 6% निकासी पर ₹50,000 और 7% पर करीब ₹58,333 मासिक निकासी संभव है.

इस गणना में 7% निकासी दर पर कॉर्पस करीब 28 साल चल सकता है. लेकिन 8% यानी करीब ₹66,667 प्रति माह निकालने पर यह रकम करीब 21 साल में खत्म हो सकती है. इसलिए ₹70,000 मासिक निकासी 25 साल तक बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा.

महंगाई को नजरअंदाज करना पड़ेगा महंगा

रिटायरमेंट प्लानिंग में सिर्फ रिटर्न और निकासी देखना पर्याप्त नहीं है. महंगाई भी आपकी जरूरतों को लगातार बढ़ाती है. उदाहरण के लिए, 5% सालाना महंगाई मानें तो आज के ₹58,333 की खरीदारी क्षमता 20 साल बाद काफी कम हो जाएगी.

अगर हर साल निकासी को महंगाई के हिसाब से बढ़ाया जाए, तो ₹1 करोड़ का कॉर्पस और जल्दी खत्म हो सकता है. गणना के अनुसार, 6% रिटर्न और 5% महंगाई मानने पर शुरुआती ₹30,000 मासिक निकासी करीब 33 साल और ₹35,000 की निकासी करीब 27 साल चल सकती है. वहीं ₹40,000 से शुरुआत करने पर कॉर्पस करीब 24 साल में खत्म हो सकता है.

कॉर्पस को अलग-अलग हिस्सों में बांट सकते हैं

रिटायरमेंट के बाद पूरे ₹1 करोड़ को एक ही निवेश विकल्प में लगाने के बजाय Bucket Strategy अपनाई जा सकती है. इसमें नजदीकी जरूरतों का पैसा अपेक्षाकृत स्थिर और लिक्विड विकल्पों में रखा जाता है, जबकि लंबी अवधि की रकम को ज्यादा रिटर्न की संभावना वाले निवेशों में रखा जा सकता है.

यह भी पढ़ें- हर महीने EMI में जा रही है आधी सैलरी, अपनाएं ये 5 तरीके; कर्ज के जाल से निकलने में आएंगे काम