खेती-किसानी से जुड़े स्टार्टअप को रफ्तार देगा 750 करोड़ रुपये का एग्रीश्योर फंड और कृषि निवेश पोर्टल

एग्रीश्योर कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवीन, प्रौद्योगिकी संचालित, उच्च जोखिम, उच्च प्रभाव वाली गतिविधियों का समर्थन करने के लिए एक फंड है. भारत सरकार और नाबार्ड इस फंड के प्रायोजक ​​हैं. 750 करोड़ रुपये के फंड में भारत सरकार और नाबार्ड की हिस्सेदारी 250-250 करोड़ रुपये है, जबकि 250 करोड़ रुपये निजी निवेशकों से जुटाए जाएंगे.

सरकार लैपटॉप आयात की मौजूदा नीति जारी रख सकती है. Image Credit: PixelsEffect/E+/Getty Images

स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिहाज से भारत दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है. खासतौर पर फिनटेक, लॉजिस्टिक और ईकॉम के क्षेत्र में भारत में स्टार्टअप की भरमार है. लेकिन, देश के सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाले कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप का उतना चलन नहीं है. सरकार ने इस बात को ध्यान में रखकर एग्रीश्योर फंड और कृषि निवेश पोर्टल की शुरुआत की है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार 3 सितंबर को इन दोनों पहलों को शुरू किया. इनके तहत कृषि मंत्रालय नबार्ड और निजी क्षेत्र के निवेशकों के साथ मिलकर 750 करोड़ रुपये का एक फंड बना रहे हैं. इस फंड से कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप को आसान शर्तों और किफायती दर पर कर्ज मुहैया कराया जाएगा. आइये जानते हैं शिवराज सिंह ने इनके बारे में क्या कहा, और कैसे ये दोनों पहल देश के कृषि क्षेत्र का कायापलट करने की क्षमता रखती हैं.

कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसान प्राण समान

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, तो किसान इसके प्राण समान है. देश की जीडीपी में 18 % योगदान के साथ आज भी किसान सबसे बड़ा उत्पादक है. इसके अलावा किसान सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है, क्योंकि देश के 50% से ज्यादा लोग खेती पर जिंदा हैं .

किसानों की आय दोगुनी करने के 4 सूत्र

कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि पीएम मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का अभियान शुरू किया हैं. इसके लिए उनके पास 4 सूत्र हैं. पहला उत्पादन बढ़ाना, जिसके लिए अच्छे बीज जरूरी हैं. उत्पादन की लागत कम करना उनका दूसरा संकल्प है. तीसरा संकल्प उपज का सही मूल्य दिलाना है. चौथा सूत्र फसल का विविधीकरण है.

एग्रीश्योर फंड और कृषि निवेश पोर्टल पर क्या कहा

शिवराज सिंह चौहान ने कहा विकसित भारत का निर्माण विकसित खेती के बिना नहीं संभव नहीं है. देश की समृद्धि किसान की समृद्धि के बिना संभव नहीं है. किसानों को समृद्ध करने के लिए जरूरी है कि खेती में  निवेश किया जाए. इसी वजह से एग्रीश्योर फंड और कृषि निवेश पोर्टल शुरू किया गया है. कृषि क्षेत्र के विकास और विस्तार के लिए अब इस क्षेत्र में सरकार के साथ ही निजी निवेश भी जरूरी है. इस तरह से ये दोनों पहल एक-दूसरे के पूरक के तौर पर काम करेंगी.

कृषि निवेश पोर्टल 

कृषि निवेश पोर्टल असल में किसानों, कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप और निवेशकों को एक जगह लाने वाला मंच है. इसके जरिये तीनों आपस में जुड़ सकते हैं. इसके अलावा तीनों हितधारकों से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी भी यहां उपलब्ध कराई गई है. पोर्टल पर बताया गया है कि कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग में निवेश करने वालों के लिए यह पोर्टल सिंगल स्टॉप समाधान है. पोर्टल पर जाने के लिए https://krishinivesh.gov.in/#/ पर क्लिक करें.  

पोर्टल से क्या फायदा होगा

इस पोर्टल के जरिये निवेशकों को विभिन्न कृषि योजनाओं, सब्सिडी और निवेश के अवसरों की सटीक जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी, जिससे देश के कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा. पोर्टल पर एक ही जगह 7 मंत्रालयों की 15 योजनाओं, 233 वित्तीय संस्थानों, 187 करोड़ रुपये की 31 हजार से ज्यादा परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध है. इसके अलावा पोर्टल पर निवेश के अवसरों तलाश रहे लोगों के लिए प्रमुखता से एक विकल्प दिया है, जिसे क्लिक कर वे निवेश के मौके तलाश सकते हैं.

क्या है एग्रीश्योर फंड

एग्रीश्योर कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नवीन, प्रौद्योगिकी संचालित, उच्च जोखिम, उच्च प्रभाव वाली गतिविधियों का समर्थन करने के लिए एक फंड है. भारत सरकार और नाबार्ड इस फंड के प्रायोजक ​​हैं. 750 करोड़ रुपये के फंड में भारत सरकार और नाबार्ड की हिस्सेदारी 250-250 करोड़ रुपये है, जबकि 250 करोड़ रुपये निजी निवेशकों से जुटाए जाएंगे.

कौन काम ले पाएगा फंड की रकम

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक यह फंड देश के कृषि क्षेत्र की समृद्धि में अहम भूमिका निभाएगा. खासतौर पर किसानों के जीवन को आसान करने वाले और उत्पादकता बढ़ाने वाले स्टार्टअप्स को इस फंड से वित्त पोषण मिलेगा. यह फंड मॉडर्न उपकरणों, ट्रेनिंग और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाओं के साथ किसानों और उद्यमियों की मदद करेगा. यह फंड सेबी के साथ श्रेणी-II वैकल्पिक निवेश फंड के रूप में पंजीकृत किया गया है. नाबार्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नैबवेंचर्स लिमिटेड इस फंड की निवेश प्रबंधक है. कंपनी की वेबसाइट यहां चेक करें www.nabventures.in

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