Tata Motors बढ़ाएगी कमर्शियल वाहनों की कीमत, इस तारीख से 1.5% तक महंगे होंगे CV; जानें कारण
बढ़ती कमोडिटी कीमतों और इनपुट लागत के दबाव के बीच Tata Motors ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1 अप्रैल 2026 से 1.5 फीसदी तक बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. ऑटो सेक्टर की कई दूसरी कंपनियां भी बढ़ती लागत के कारण कीमतों की समीक्षा कर रही हैं.
Tata Motors CV Price Hike: ऑटोमोबाइल सेक्टर में बढ़ती लागत का असर अब वाहनों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है. देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Tata Motors ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. कंपनी ने सोमवार को बताया कि 1 अप्रैल 2026 से कमर्शियल व्हीकल्स की कीमतों में अधिकतम 1.5 फीसदी तक की वृद्धि की जाएगी. कंपनी के मुताबिक यह कीमत बढ़ोतरी बढ़ती कमोडिटी कीमतों और इनपुट लागत के असर को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए की जा रही है. पिछले कुछ समय से कच्चे माल और अन्य उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका दबाव वाहन कंपनियों की कॉस्ट स्ट्रक्चर पर साफ दिखाई दे रहा है.
बढ़ती लागत से दबाव में कंपनियां
ऑटो कंपनियों के लिए स्टील, कॉपर, एल्यूमीनियम और अन्य धातुओं की कीमतों में तेजी उत्पादन लागत को बढ़ा रही है. टाटा मोटर्स ने भी इसी वजह से कीमतों में संशोधन का फैसला लिया है. इससे पहले फरवरी में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPVL) ने भी संकेत दिए थे कि कंपनी जल्द ही अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शैलेश चंद्रा ने कहा था कि पिछले करीब एक साल से कंपनी को इनपुट लागत के मामले में दबाव का सामना करना पड़ रहा है.
खासतौर पर कीमती धातुओं और कॉपर की कीमतों में तेजी ने लागत को बढ़ा दिया है. उन्होंने बताया था कि कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी का असर कंपनी की कुल आय का लगभग 2 फीसदी से ज्यादा तक पहुंच चुका है, जो अब इतना बड़ा हो गया है कि कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया है.
दूसरी कंपनियां भी बढ़ा रही हैं कीमतें
टाटा मोटर्स ही नहीं, बल्कि कई दूसरी ऑटोमोबाइल कंपनियां भी लागत बढ़ने के कारण वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं या उसका ऐलान कर चुकी हैं. जर्मन लग्जरी कार निर्माता Audi ने भी घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल 2026 से अपनी कारों की कीमतों में 2 फीसदी तक की बढ़ोतरी करेगी. कंपनी के अनुसार यह बढ़ोतरी बढ़ती इनपुट लागत और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव के प्रभाव को संतुलित करने के लिए की जा रही है. यह बढ़ोतरी कंपनी की पूरी मॉडल रेंज पर लागू होगी.
मारुति सुजुकी भी कर सकती है कीमतों की समीक्षा
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी भी कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना पर विचार कर रही है. कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक कच्चे माल, खासकर कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछाल लागत बढ़ा रहा है. मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग और सेल्स) पार्थो बनर्जी ने कहा कि कंपनी कमोडिटी बाजार की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है. उन्होंने बताया कि कीमती धातुओं की कीमतों में असाधारण वृद्धि देखने को मिल रही है और अगर यह रुझान जारी रहता है तो भविष्य में कीमतों में संशोधन पर विचार किया जा सकता है.
इंडस्ट्री पर बढ़ती लागत का असर
वैश्विक स्तर पर कमोडिटी कीमतों में बढ़ोतरी, जियो पॉलिटिकल टेंशन और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां ऑटो इंडस्ट्री की लागत को प्रभावित कर रही हैं. ऐसे में कई कंपनियां बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी का रास्ता चुन रही हैं. आने वाले महीनों में अगर कच्चे माल की कीमतों में कमी नहीं आती है, तो ऑटो सेक्टर में और कंपनियों द्वारा भी कीमत बढ़ाने की घोषणा देखने को मिल सकती है.
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