आ गया ‘शिवालिक’, जानें कितने घरों में जल सकता है चूल्हा; 40000 मीट्रिक टन LPG लेकर मुंद्रा पहुंचा टैंकर
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है. LPG टैंकर ‘शिवालिक’ 40,000 मीट्रिक टन गैस लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है. इस गैस से करीब लाखों घरेलू LPG सिलेंडर भरे जा सकते हैं, यानी लाखों घरों के चूल्हे जल सकते हैं.
Shivalik Ship LPG: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास अनिश्चितता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. भारत का झंडा लगा LPG टैंकर ‘शिवालिक’ लगभग 40,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर सोमवार यानी 16 मार्च शाम गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंच गया. यह जहाज उस अहम समुद्री रास्ते से होकर आया है, जहां हाल के दिनों में जियो पॉलिटिकल टेंशन की वजह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी. इस टैंकर के भारत पहुंचने से घरेलू गैस सप्लाई को बड़ा सहारा मिलेगा. दिलचस्प बात यह है कि इस जहाज में मौजूद गैस की मात्रा इतनी है कि उससे लाखों घरों के चूल्हे जल सकते हैं.
कितने घरों तक पहुंच सकती है यह गैस?
भारत में घरेलू इस्तेमाल के लिए आमतौर पर एक LPG सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम गैस भरी जाती है. अब अगर ‘शिवालिक’ टैंकर में लोड किए गए कुल गैस की गणना एलपीजी सिलेंडर से करें तो-
- कुल LPG लोड: 40,000 मीट्रिक टन
- 1 मीट्रिक टन = 1,000 किलोग्राम
इस हिसाब से जहाज पर लोड की गई कुल गैस की मात्रा 40,000 किलो है. इसे 1,000 से गुणा करने पर 4,00,00,000 किलोग्राम (4 करोड़ किलोग्राम) होता है. अब अगर इसे 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडरों में बदला जाए तो: 4,00,00,000 को 14.2 से डिवाइड करने पर लगभग 28,16,901 सिलेंडर होता है. यानी इस एक टैंकर में आई गैस से लगभग 28 लाख से ज्यादा घरेलू LPG सिलेंडर भरे जा सकते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो यह गैस करीब 28 लाख परिवारों के किचन तक एक सिलेंडर के रूप में पहुंच सकती है.
एनर्जी सेफ्टी के लिहाज से अहम
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है. इसी रास्ते से वैश्विक स्तर पर करीब 20 फीसदी तेल और गैस का व्यापार होता है. हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग से एनर्जी सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी. ऐसे माहौल में ‘शिवालिक’ का सुरक्षित भारत पहुंचना एनर्जी सप्लाई के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
दूसरा जहाज भी रास्ते में
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत के झंडे वाले दो LPG जहाजों- ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’को ईरानी अधिकारियों ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी थी. जहां शिवालिक 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया, वहीं दूसरा जहाज ‘नंदा देवी’ 17 मार्च तक भारत पहुंचने की उम्मीद जताई गई है.
भारतीय नाविक सुरक्षित
जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और हाल के दिनों में किसी अप्रिय घटना की रिपोर्ट नहीं मिली है. बताया गया कि फारसी खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे, जिनमें से ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं.
ईरान से बातचीत जारी
भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा था कि भारत ईरान के साथ बातचीत कर रहा है ताकि होर्मुज स्ट्रेट के जरिए समुद्री यातायात सुचारु बना रहे. उनके मुताबिक, इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को खुला रखना वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है और भारत “टकराव के बजाय संवाद” के रास्ते से समाधान निकालने में विश्वास करता है.
क्यों अहम है यह खेप?
भारत दुनिया के सबसे बड़े LPG उपभोक्ताओं में से एक है. घरेलू रसोई गैस की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर उज्ज्वला योजना के बाद करोड़ों नए परिवार LPG से जुड़े हैं. ऐसे में 40,000 मीट्रिक टन LPG की यह खेप न सिर्फ सप्लाई चेन को मजबूत करेगी, बल्कि आने वाले दिनों में बाजार में गैस उपलब्धता को भी स्थिर बनाए रखने में मदद करेगी.
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