Auto Companies क्यों फेल हो रही हैं? AI होने के बाद भी Delay!
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग, जो रिकॉर्ड बिक्री के साथ तेजी से बढ़ रहा है, नवीनतम तकनीकों जैसे एआई, डिजिटल ट्विन और सिमुलेशन सॉफ्टवेयर में भारी निवेश कर रहा है. इसके बावजूद, नई गाड़ियों के लॉन्च में औसतन 9 से 15 महीने की देरी हो रही है, और कुछ मामलों में यह 18 से 24 महीने तक खिंच जाती है. यह स्थिति तब है जब भारतीय बाजार में ग्राहकों की कोई कमी नहीं है.
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, समस्या तकनीक में नहीं, बल्कि कंपनियों की आंतरिक प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली में है. डिजाइन, इंजीनियरिंग और मार्केटिंग जैसी टीमें अक्सर अलग-अलग प्राथमिकताओं पर काम करती हैं, जिससे बार-बार डिजाइन में बदलाव होते हैं और लागत कम करने के निर्णय लिए जाते हैं. ये बदलाव परियोजना को जटिल बनाते हैं और लॉन्च की समय-सीमा को लगातार आगे बढ़ाते रहते हैं.
