Sign In

By signing in or creating an account, you agree with Associated Broadcasting Company's Terms & Conditions and Privacy Policy.

Budget 2026 News: रियल एस्टेट सेक्टर की GST में राहत की मांग, बजट में क्या पूरी होंगी उम्मीदें

Union Budget 2026-27 LIVE Updates in Hindi: अमेरिकी टैरिफ के बीच एक्सपोर्ट के लिए खड़ी हुई चुनौतियों के बीच यह बजट बेहद खास है. क्योंकि देश के कई सेक्टर्स को बजट से काफी उम्मीदें हैं. साथ ही आम आदमी भी टकटकी लगाए हुए है कि इस बार उससे हिस्से में क्या आएगा.

बजट से उम्मीदें Image Credit: Money9 Live

Summary

  1. MSME सेक्टर को क्या हैं उम्मीदें
  2. भारत में इनकम टैक्स का सबसे सख्त दौर
  3. क्रिप्टो पर कम होगा टैक्स का बोझ
  4. FDI-FPI और निजी निवेश पर रहेगा फोकस
  5. AI स्किलिंग पर निवेश बढ़ाने की मांग

Live Coverage

The liveblog has ended.
  • Jan 30 2026 08:30 PM IST

    MSME सेक्टर को क्या हैं उम्मीदें

    AdCounty Media के को-फाउंडर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, अभिनव आर. जैन ने कहा, ‘ मीडिया और डिजिटल सर्विस MSME को उम्मीद है कि बजट 2026 में डेटा-ड्रिवन, आसान फाइनेंसिंग सॉल्यूशन के जरिए ‘मिसिंग मिडिल’ की समस्या से छुटकारा मिलेगा. हमें न सिर्फ MSE और एक्सपोर्टर्स के लिए क्रेडिट गारंटी लिमिट को बढ़ाकर क्रमशः ₹10 करोड़ और ₹20 करोड़ करने की जरूरत है, बल्कि एक कॉमन डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी जरूरत है जो GST, ई-इनवॉइसिंग, ITR और बैंक स्टेटमेंट से कैश फ्लो डेटा को मिलाकर ₹50 लाख तक के तुरंत, बिना गारंटी वाले लोन दे सके. GST 2.0 में सरलीकरण ₹5 करोड़ से कम टर्नओवर के लिए तिमाही फाइलिंग और AI-पावर्ड कंप्लायंस टूल्स—से एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ 40% कम हो जाएगा. फिनटेक के जरिए ₹10,000 करोड़ का MSME ग्रोथ फ़ंड, साथ ही मेंटरशिप को बढ़ाने के लिए डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफ़ॉर्मेशन सेल, न सिर्फ 5 मिलियन नए एंटरप्रेन्योर्स को सशक्त बनाएगा, बल्कि GDP में सेक्टर के 30% योगदान को भी मान्यता देगा.

  • Jan 30 2026 08:01 PM IST

    भारत में इनकम टैक्स का सबसे सख्त दौर

    बजट 2026 से पहले इनकम टैक्स को लेकर चर्चा तेज है. जहां 2025 के बजट में मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिली और 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री कर दी गई, वहीं कभी भारत में इनकम टैक्स बेहद ज्यादा हुआ करता था. 1970 के दशक में इंदिरा गांधी के दौर में सबसे ऊंची टैक्स दर 97.5 फीसदी तक पहुंच गई थी, जिससे लोगों को कमाई का बहुत छोटा हिस्सा ही मिलता था. इस नीति से टैक्स चोरी बढ़ी और अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ. बाद में सरकार ने टैक्स दरें घटाईं. वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश होने वाले बजट में इनकम टैक्स में कटौती की उम्मीद कम है.

  • Jan 30 2026 07:16 PM IST

    क्रिप्टो पर कम होगा टैक्स का बोझ

    1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026-27 से क्रिप्टो निवेशकों को बड़ी उम्मीदें हैं. भारत में क्रिप्टोकरेंसी को Virtual Digital Assets (VDA) माना जाता है, जिसकी परिभाषा Finance Act 2022 के तहत तय की गई है. फिलहाल क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स और 1% TDS लागू है, जबकि नुकसान को किसी अन्य आय से एडजस्ट करने की अनुमति नहीं है. हालांकि क्रिप्टो अवैध नहीं है, लेकिन इसके लिए स्पष्ट नियमों की कमी है. ऐसे में बजट 2026 से टैक्स में राहत, खासकर 1% TDS को कम करने और नियमों में स्पष्टता की उम्मीद जताई जा रही है.

  • Jan 30 2026 06:37 PM IST

    FDI-FPI और निजी निवेश पर रहेगा फोकस

    बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर निमेश चंदन के मुताबिक, यह बजट बाजारों के लिहाज से बेहद अहम मोड़ पर आ रहा है. निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार किस तरह वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए उन सेक्टर्स को सपोर्ट करती है, जो अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि बजट में सबसे अहम पहलू यह होगा कि वित्त मंत्री विदेशी निवेश (FDI और FPI) को लंबे समय तक आकर्षित करने के लिए क्या कदम उठाती हैं. मजबूत और स्थायी विदेशी निवेश से बाजारों और अर्थव्यवस्था दोनों को सहारा मिल सकता है. निमेश चंदन के अनुसार, सरकार ने पिछले एक साल में घरेलू मांग को बढ़ावा देने और भारत को अपने समकक्ष देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं. अब खपत में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखने लगे हैं, लेकिन इसके साथ-साथ निजी क्षेत्र के पूंजी निवेश (Private Capex) को प्रोत्साहित करने के लिए और प्रोत्साहनों की उम्मीद है.

  • Jan 30 2026 05:44 PM IST

    AI स्किलिंग पर निवेश बढ़ाने की मांग

    लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल के एक बजट पोल में आगामी बजट में AI स्किलिंग के लिए निवेश में 40 फीसदी बढ़ोतरी की मांग की गई है. काउंसिल का कहना है कि AI आधारित स्किलिंग पर ज्यादा खर्च से देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वर्कफोर्स को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा.

    लॉजिस्टिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल के इस पोल में 10 शहरों और 160 कंपनियों को शामिल किया गया. सर्वे में कहा गया कि AI-driven स्किलिंग और ट्रेनिंग पर निवेश बढ़ाने से जॉब जेनरेशन को मजबूती मिलेगी और भारत की वर्कफोर्स को ग्लोबल लेवल पर ज्यादा कॉम्पिटिटिव बनाया जा सकेगा.

  • Jan 30 2026 05:08 PM IST

    Budget 2026: घटेगी इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की कीमत

    दुनिया भर में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. Brandworks Technologies के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर निकिता कुमावत के अनुसार, इसकी मुख्य वजह सेमीकंडक्टर और चिप जैसे अहम कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत है, जो AI की बढ़ती मांग और सप्लाई-चेन की चुनौतियों से जुड़ी है, न कि सीधे तौर पर उपभोक्ताओं पर लगाए गए किसी टैक्स से. बजट 2026 में सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने के लिए इस दिशा में कदम उठा सकती है. इसका फोकस लंबे समय में वैल्यू क्रिएशन पर है, ताकि देश आयात पर निर्भरता कम कर सके और मजबूत उत्पादन क्षमता विकसित कर सके.

  • Jan 30 2026 04:22 PM IST

    दिसंबर तक भारत का राजकोषीय घाटा 8.55 लाख करोड़ रुपये

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक यानी पहले नौ महीनों में भारत का राजकोषीय घाटा 8.55 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पूरे साल के अनुमान का 54.5 फीसदी है. यह राजकोषीय घाटा पिछले साल की समान अवधि में दर्ज 56.7 फीसदी के मुकाबले कम रहा है. अप्रैल से दिसंबर के दौरान सरकार की कुल प्राप्तियां 25.25 लाख करोड़ रुपये रहीं, जबकि कुल खर्च 33.80 लाख करोड़ रुपये रहा. ये आंकड़े इस वित्त वर्ष के बजट लक्ष्य के क्रमशः 72.2 फीसदी और 66.7 फीसदी हैं.

  • Jan 30 2026 03:31 PM IST

    राजकोषीय घाटे से ज्यादा डेट-टू-जीडीपी रेशियो पर नजर

    आगामी बजट 2026-27 में सरकार का फोकस अब राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के बजाय डेट-टू-जीडीपी रेशियो को आसान बनाने पर रहने की संभावना है. वर्तमान में यह रेशियो करीब 56 फीसदी है. आम तौर पर 3 से 4 फीसदी का राजकोषीय घाटा एक बढ़ती और विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए संतुलित और उपयुक्त माना जाता है, जिससे आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बना रहे. संशोधित Fiscal Responsibility and Budget Management (FRBM) Act के तहत 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद के 4.5 फीसदी से नीचे रखा गया था.

  • Jan 30 2026 02:17 PM IST

    Budget 2026: कटौती पर ध्‍यान देने की जरूरत

    आंकड़ों के मुताबिक AY 2024-25 में करीब 72% टैक्सपेयर्स ने नए टैक्स रिजीम के तहत रिटर्न फाइल किया. हालांकि नई व्यवस्था में कई कटौतियां शामिल नहीं हैं, लेकिन संशोधित टैक्स स्लैब और दरों के चलते कई करदाताओं पर कुल टैक्स बोझ कम हुआ है. टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि Budget 2026 में होम लोन पर ब्याज कटौती और सेक्शन 80C जैसी सीमाओं की दोबारा समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि ये मौजूदा समय की हाउसिंग लागत और निवेश की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप हो सकें.

  • Jan 30 2026 01:08 PM IST

    किसानों के आय में असमानता और जोखिम बरकरार, बजट से क्या मांग

    मोदी सरकार के दौर में किसानों की औसत आमदनी बढ़ने के संकेत सरकारी आंकड़ों में मिलते हैं, जिसमें पशुपालन, मत्स्य और बागवानी की अहम भूमिका रही है. लेकिन स्वतंत्र रिपोर्टें बताती हैं कि यह बढ़त राज्यों में असमान रही और आय दोगुनी होने का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हुआ. ऊपर से जलवायु जोखिम, बढ़ती लागत और बाजार कीमतें चुनौती बनी हुई हैं. एक्सपर्ट मानते हैं कि 1 फरवरी का बजट सिंचाई, MSP और टिकाऊ खेती पर ठोस फैसलों से ही किसानों को वास्तविक राहत दे पाएगा.

    खबर को विस्तार से पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें- मोदी सरकार में किसान की जेब कितनी भरी? बजट से सिंचाई, MSP और लागत घटाने की मांग

  • Jan 30 2026 12:23 PM IST

    Budget 2026: बजट में fiscal prudence और US टैरिफ से प्रभावित सेक्टर्स को सपोर्ट

    बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर निमेश चंदन ने कहा है कि ये बजट मार्केट्स के लिए बहुत क्रिटिकल टाइम पर आ रहा है. ज्यादातर निवेशक बजट से ये देखना चाहते हैं कि वित्त मंत्री फिस्कल प्रूडेंस (खर्च पर काबू) कैसे बनाए रखते हुए उन सेक्टर्स को सपोर्ट करती हैं जो यूएस टैरिफ्स से प्रभावित हुए हैं. सबसे अहम बात ये होगी कि सरकार कितने मजबूत कदम उठाती है ताकि इकोनॉमी में लंबे समय तक चलने वाला FDI (फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट) और FPI (फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट) का फ्लो आकर्षित हो सके.

    पिछले साल सरकार ने घरेलू डिमांड को बढ़ावा देने के लिए बहुत काम किया है और भारत को अपने पीयर ग्रुप में सबसे तेज बढ़ने वाली इकोनॉमी बनाए रखा है. कंजम्पशन अब रिकवरी के संकेत दिखा रहा है लेकिन प्राइवेट कैपेक्स (निजी पूंजी निवेश) को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव्स की बहुत जरूरत है. बजट से उम्मीद है कि गवर्नमेंट कैपेक्स पर फोकस जारी रहेगा और डिफेंस पर खर्च भी बढ़ेगा.

  • Jan 30 2026 11:39 AM IST

    फैशन से लेकर ब्यूटी प्रोडक्ट पर हो एकसमान GST

    Womancart के मैनेजिंग डायरेक्टर Madhu Sudan Pahwa ने यूनियन बजट को लेकर कहा है कि भारत के रिटेल और कंज्यूमर कॉमर्स सेक्टर की अगली ग्रोथ के लिए सरकार से कुछ खास नीतियां बनाने की उम्मीद है. क्विक कॉमर्स और हाइपरलोकल रिटेल अब मेट्रो शहरों से बाहर भी तेजी से फैल रहे हैं, इसलिए लास्ट-माइल इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्बन वेयरहाउसिंग और लोकल फुलफिलमेंट हब में निवेश पर फोकस होना चाहिए.

    उन्होंने कहा कि फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल कैटेगरी में जीएसटी को आसान और एकसमान करना बहुत जरूरी है. अभी कई अलग-अलग जीएसटी स्लैब होने से ब्रांड्स को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों में काम करने में मुश्किल होती है. इन्वेंटरी-बेस्ड और भारतीय डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स को ज्यादा सपोर्ट चाहिए, जैसे वर्किंग कैपिटल आसानी से मिलना, MSME से जुड़े फायदे और ग्रोथ इंसेंटिव.

  • Jan 30 2026 10:52 AM IST

    Budget 2026: 2030 तक AI भारत की GDP में अहम योगदान

    राघव गुप्ता, सीईओ, फ्यूचरेंस ने कहा—

    बजट 2026 की ओर देखते हुए भारत के पास यह बड़ा अवसर है कि वह केवल बड़े स्तर पर AI स्किलिंग से आगे बढ़कर नतीजों पर आधारित टैलेंट ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में कदम बढ़ाए. भारत के पास पहले से ही वैश्विक AI टैलेंट का करीब 16 फीसदी हिस्सा है, लेकिन कई इंडस्ट्री रिपोर्ट्स बताती हैं कि एडवांस्ड डिजिटल और AI भूमिकाओं के लिए 25 फीसदी से भी कम ग्रेजुएट्स जॉब-रेडी हैं.

    यह अंतर इरादों या दाखिलों की कमी का नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यान्वयन और प्रैक्टिकल एक्सपोज़र की कमी का है. अनुमान है कि वर्ष 2030 तक AI भारत की GDP में 450 अरब डॉलर से अधिक का योगदान देगा. ऐसे में बजट में इंडस्ट्री और अकादमिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग, अनुभव आधारित शिक्षा और कंपनियों को AI अपनाने के साथ-साथ अपने कर्मचारियों के प्रशिक्षण में निवेश के लिए प्रोत्साहन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

    AI इंफ्रास्ट्रक्चर, एप्लाइड रिसर्च और संरचित अप्रेंटिसशिप जैसे कार्यक्रमों को समर्थन देने वाली नीतियां रोजगार योग्यता को काफी हद तक बेहतर बना सकती हैं.

  • Jan 30 2026 10:10 AM IST

    Budget 2026: विदेशी निवेश पर फोकस जरूरी

    SAMCO Group के फाउंडर और सीईओ Jimeet Modi ने बजट को लेकर अपनी राय रखी. उन्‍होंने कहाकि ग्लोबल निवेशक पूंजी आवंटन का फैसला लॉन्ग-टर्म थ्‍योरी के आधार पर नहीं, बल्कि जोखिम के हिसाब से डॉलर रिटर्न को देखकर करते हैं. इस पैमाने पर भारतीय इक्विटीज समय के साथ कई प्रमुख वैश्विक बाजारों के मुकाबले पिछड़ी हैं, जहां उतार-चढ़ाव ज्यादा और रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न कमजोर रहे हैं. घरेलू रिटेल निवेश ने बाजारों को स्थिर रखने में मदद जरूर की है, लेकिन विदेशी निवेश की निरंतर भागीदारी पूरी तरह नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेगी.आने वाला बजट भारत की निवेश आकर्षण क्षमता को बढ़ाने का मौका देता है.
    सबसे बड़ी चिंता यह नहीं है कि पूंजी भारत से बाहर जा रही है, बल्कि यह है कि वैश्विक पूंजी कहीं और निवेश के अवसर तलाशना ना शुरू कर दे.

  • Jan 30 2026 09:45 AM IST

    बजट 2026 से रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को क्या उम्मीदें?

    प्री-बजट 2026 को लेकर रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में उम्मीदें तेज हैं. Epitome के CEO जिगर सांघवी का कहना है कि मल्टी-सिटी प्रीमियम डाइनिंग ब्रांड्स पर बढ़ते किराए, कच्चे माल, ऊर्जा और अनुपालन लागत का दबाव है. ऐसे में GST का सरलीकरण और इनपुट टैक्स क्रेडिट की वापसी से सेक्टर को राहत मिलेगी और रोजगार, ट्रेनिंग व सर्विस क्वालिटी में निवेश बढ़ेगा.

    वहीं Jugnu के को-फाउंडर विक्की बचानी के मुताबिक, गोवा जैसे पर्यटन आधारित बाजारों में बजट 2026 से स्थिर टैक्स नीति, आसान GST स्ट्रक्चर और संगठित फाइनेंस की उम्मीद है. इससे रेस्टोरेंट ब्रांड्स बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सेवाएं दे सकेंगे.

  • Jan 30 2026 08:52 AM IST

    Budget 2026: सरकार, रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूत करने वाले सुधारों को प्राथमिकता दे सकती है

    विकास भसीन, मैनेजिंग डायरेक्टर, साया ग्रुप ने कहा—

    जैसे-जैसे हम केंद्रीय बजट 2026 की ओर बढ़ रहे हैं, हमें उम्मीद है कि सरकार रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूत करने वाले सुधारों को प्राथमिकता देती रहेगी, ताकि आम नागरिकों के जीवन में पॉजिटिव बदलाव आ सके. रियल एस्टेट सेक्टर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत में रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है.

    इस सेक्टर को सपोर्ट देने से सरकार उन परिवारों और श्रमिकों को मजबूती दे सकती है, जो देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं. साथ ही, इससे अपने घर का सपना देखने वाले लोगों को सुरक्षित और लंबे समय का स्थायित्व भी मिलेगा.

    हमारी सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि सरकार ऐसे बुनियादी ढांचे में निवेश जारी रखे, जो लोगों को सही मायनों में जोड़ता हो—जिससे शहर अधिक रहने योग्य, सुविधाजनक और सभी के लिए सुलभ बन सकें. इसके अलावा क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) जैसी योजनाओं का दायरा बढ़ाना एक संवेदनशील और पॉजिटिव कदम होगा, जिससे और ज्यादा परिवारों के लिए घर खरीदने का सपना सच हो सके.

  • Jan 30 2026 08:19 AM IST

    Budget 2026: इस बार के बजट में साइबर सुरक्षा पर जोड़!

    साइबरसिक्योरिटी सेक्टर के एक्सपर्ट और साइबल कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सेल्स दीपेश रंजन ने कहा है कि भारत अब दुनिया का बड़ा डिजिटल पावरहाउस बन रहा है. इसलिए 2026 के प्री-बजट में साइबर सुरक्षा को बहुत मजबूत करने का मौका है. एआई क्लाउड और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज बढ़ने से साइबर खतरे अब सिर्फ आईटी का मसला नहीं रहे. ये देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं. बजट 2026 में एडवांस्ड थ्रेट इंटेलिजेंस एआई आधारित साइबरसिक्योरिटी प्लेटफॉर्म और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर ज्यादा निवेश होगा. साथ ही साइबर स्किल डेवलपमेंट और जागरूकता प्रोग्राम पर भी फोकस होना चाहिए ताकि बिजनेस सरकार और आम लोग आसानी से नए डिजिटल खतरे पहचान सकें और उनसे बच सकें. बजट में मजबूत साइबरसिक्योरिटी फ्रेमवर्क आने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और भारत डिजिटल ट्रस्ट व सिक्योरिटी में दुनिया में आगे निकलेगा.

  • Jan 30 2026 07:45 AM IST

    Budget 2026: GPU इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की उम्मीद

    CoRover के फाउंडर और CEO अंकुश सभरवाल ने आने वाले केंद्रीय बजट को लेकर कहा कि सरकार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को भारत के भविष्य के विकास के लिए एक बुनियादी डिजिटल ढांचे के रूप में देखना चाहिए. उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले ही IndiaAI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कदम उठाए हैं. अब जरूरत है कि देश में बने बड़े मॉडल यानी LLM, एजेंट आधारित AI प्लेटफॉर्म और भारत की जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए स्वदेशी AI सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए खास प्रोत्साहन दिए जाएं. उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट में GPU इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा पैसा दिया जाएगा. साथ ही बैंकिंग और स्वास्थ्य जैसे नियंत्रित क्षेत्रों के लिए टेस्टिंग यानी सैंडबॉक्स सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी. सभरवाल ने कहा कि अगर सरकार प्रतिभा विकास, नियमों को आसान बनाने और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे तो भारत हर नागरिक तक AI पहुंचा सकता है और 2026 तक दुनिया में एप्लाइड AI का बड़ा केंद्र बन सकता है.

  • Jan 30 2026 07:10 AM IST

    Budget 2026: GDP ग्रोथ का ये है अनुमान

    बजट से पहले 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश किया गया. इसमें अनुमान जताया गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में 7.4% की दर से बढ़ेगी, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में ग्रोथ 6.8% से 7.2% के दायरे में रह सकती है. यह वृद्धि रेगुलेटरी सुधारों, मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फाउंडेशन और प्राइवेट सेक्टर निवेश को दोबारा गति देने पर जोर के कारण संभव बताई गई है.

  • Jan 30 2026 06:27 AM IST

    Budget 2026: इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर को लागत राहत और तेज मंजूरी की उम्मीद

    भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बजट 2026 से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं. अपर्णा एंटरप्राइज की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, अपर्णा रेड्डी ने कहा सड़क, मेट्रो, एयरपोर्ट और आवासीय परियोजनाओं का दायरा बढ़ रहा है, लेकिन बढ़ती लागत और प्रक्रियात्मक देरी सेक्टर की रफ्तार कम कर रही है. स्टील, सीमेंट, एल्यूमिनियम, ईंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और लकड़ी जैसी सामग्री महंगी हो गई है, वहीं जमीन अधिग्रहण और नगर निकायों की मंजूरियों में भी समय लग रहा है. ऐसे में हमें को उम्मीद है कि बजट में निर्माण सामग्री पर जीएसटी घटे, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिले और मंजूरी प्रक्रियाओं को तेज किया जाए. साथ ही, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और किफायती आवास योजनाओं के लिए ज्यादा आवंटन से रुकी परियोजनाओं को नई जान मिल सकती है, जिससे रोजगार और शहरी विकास दोनों को सहारा मिलेगा.

Budget 2026 News LIVE: गुरुवार 29 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वे 2025-26 पेश कर दिया गया, जिसमें पिछले साल की आर्थिक स्थिति का ओवरव्यू और आगे के रास्ते के लिए सुझाव की तस्वीर नजर आई. जियो-पॉलिटिकल टेंशन और आर्थिक उथल-पुथल वाली दुनिया में भारत एक ग्लोबल ब्राइट स्पॉट के रूप में खड़ा है. साथ ही मजबूत, स्थिर और तेजी से आगे बढ़ रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी 2026 को संसद की पटल पर देश का बजट पेश करेंगी. अमेरिकी टैरिफ के बीच एक्सपोर्ट के लिए खड़ी हुई चुनौतियों के बीच यह बजट बेहद खास है. क्योंकि देश के कई सेक्टर्स को बजट से काफी उम्मीदें हैं. साथ ही आम आदमी भी टकटकी लगाए हुए है कि इस बार उससे हिस्से में क्या आएगा.