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Economic Survey Budget 2026: संभावित ग्रोथ रेट में बढ़ोतरी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, सर्वे में नजर आई विकसित भारत की तस्वीर

सर्वे के मुताबिक सरकार FY26 में 4.4 प्रतिशत फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य पर बनी हुई है. वहीं लेबर कोड लागू होने से फॉर्मल नौकरियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है. साथ ही सर्वे ने यह भी बताया है कि 40 फीसदी गिग वर्कर्स की मासिक कमाई 15 हजार रुपये से कम है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. ऐसे में उनके लिए न्यूनतम कमाई तय करने पर जोर दिया गया है.

economic survey 2026 Image Credit: canva/chatgpt AI image

Summary

  1. Economic Survey 2026: न्यूक्लियर एनर्जी कानून से क्लीन एनर्जी को मजबूती
  2. Economic Survey 2026 में ऋग्वेद, रामायण और आधुनिक विचारकों का जिक्र
  3. विनिवेश के लिए सुझाया गया नया तरीका
  4. बजट से जम्मू कश्मीर को औद्योगिक पैकेज की उम्मीद: उमर अब्दुल्ला
  5. मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट में कॉम्पिटिशन

Live Coverage

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  • Jan 29 2026 07:39 PM IST

    Economic Survey 2026: न्यूक्लियर एनर्जी कानून से क्लीन एनर्जी को मजबूती

    इकोनॉमिक सर्वे 2025–26 के मुताबिक, न्यूक्लियर एनर्जी के उत्पादन और इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाला शांति एक्ट क्लीन एनर्जी सेक्टर में एक अहम कदम है. यह कानून रिन्यूएबल एनर्जी में आने वाली ऊर्जा सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा. सरकार का मानना है कि सोलर और विंड जैसी ऊर्जा के साथ न्यूक्लियर पावर संतुलन बनाकर भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित कर सकती है. सर्वे के अनुसार, भारत की मौजूदा न्यूक्लियर क्षमता 8.7 गीगावॉट से अधिक है, जबकि देश का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करना है.

  • Jan 29 2026 07:06 PM IST

    Economic Survey 2026 में ऋग्वेद, रामायण और आधुनिक विचारकों का जिक्र

    Economic Survey में इस बार अलग तरह के संदर्भ देखने को मिले हैं. सर्वे में ऋग्वेद और रामायण जैसे प्राचीन ग्रंथों से लेकर मार्क टली और व्लादिमीर लेनिन जैसे आधुनिक विचारकों तक का जिक्र किया गया है.

    सर्वे में ऋग्वेद के एक श्लोक के जरिए मिलकर चलने, एक सोच रखने और साझा लक्ष्य पर काम करने की बात कही गई है. वहीं रामायण को कठिन हालात में सही रणनीति अपनाने का उदाहरण बताया गया है.

  • Jan 29 2026 06:05 PM IST

    विनिवेश के लिए सुझाया गया नया तरीका

    इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज में विनिवेश के लिए एक नया तरीका सुझाया है. यह वैल्यू बढ़ाने के लिए मार्केट के हिसाब से हिस्सेदारी कम करने और गवर्नेंस सुधारों का सुझाव देता है. इस रणनीति का मकसद पब्लिक कैपिटल को भविष्य के ग्रोथ सेक्टर में फिर से लगाना है. सर्वे में गहरी हिस्सेदारी कम करने के लिए ओनरशिप लिमिट पर फिर से सोचने की भी सिफारिश की गई है. इस कदम से कमाई बढ़ सकती है और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को सपोर्ट मिल सकता है.

  • Jan 29 2026 04:07 PM IST

    बजट से जम्मू कश्मीर को औद्योगिक पैकेज की उम्मीद: उमर अब्दुल्ला

    जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि बेरोजगारी की समस्या का समाधान केवल सरकारी नौकरियों से संभव नहीं है और इसके लिए मजबूत औद्योगिक विकास जरूरी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी केंद्रीय बजट में जम्मू कश्मीर के लिए एक बड़ा औद्योगिक पैकेज दिया जाएगा, जिससे यूनियन टेरिटरी में निवेश बढेगा, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

  • Jan 29 2026 03:32 PM IST

    मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट में कॉम्पिटिशन

    भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार, अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अगर देश मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट में कॉम्पिटिशन हासिल कर पाता है, तो अगले कुछ सालों में संभावित ग्रोथ 7.5-8% तक बढ़ने की उम्मीद है. CEA नागेश्वरन ने आगे कहा कि अगर हम मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट में कॉम्पिटिशन हासिल कर पाते हैं और जमीन और लागत सब्सिडी के क्षेत्रों में और प्रोसेस रिफॉर्म करते हैं और मैन्युफैक्चरिंग की लागत कम करते हैं, तो यह 7% बढ़कर 7.5-8% भी हो सकता है.

  • Jan 29 2026 03:25 PM IST

    दुनिया ट्रेड वॉर और मिलिट्री संघर्षों को देख रही है

    मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने कहा कि दुनिया ट्रेड वॉर, मिलिट्री संघर्षों को देख रही है, इसका कारण पर्सनैलिटी नहीं हैं. ये उन फैसलों के नतीजे हैं जो हमने 15-18 साल पहले लिए थे और इसलिए ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी है. इसके नतीजे 5-10 साल तक हमारे साथ रहेंगे. जब हम अपने पॉलिसी ऑप्शन और प्राथमिकताओं को देखते हैं, तो हमें इसे मानकर चलना होगा.

    CEA का कहना है कि पिछले पांच सालों में भारत की सालाना ग्रोथ रेट 29% रही है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में सालाना ग्रोथ रेट 29% रही है. यह दिखाता है कि सिस्टम में आर्थिक गतिविधि और इन्वेस्टमेंट खर्च के लिए भरपूर रिसोर्स उपलब्ध हैं.

  • Jan 29 2026 03:02 PM IST

    Economic Survey 2026: सरकार यूरिया के बढ़ाए दाम, किसानों को भरपाई के लिए DBT से मिले कैश

    आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सरकार को सलाह दी गई है कि वह यूरिया की रिटेल कीमत में मामूली बढ़ोतरी करे और उतनी ही राशि किसानों को सीधे नकद के रूप में ट्रांसफर करे. सर्वेक्षण का मानना है कि इससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी, फसल उत्पादन बेहतर होगा और किसानों को संतुलित उर्वरक इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. इसके साथ ही सर्वे ने क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन पर भी जोर दिया है.

  • Jan 29 2026 02:22 PM IST

    Economic Survey 2026: 40% गिग वर्कर्स के लिए न्यूनतम भुगतान तय करने की जरूरत

    Economic Survey 2025-26 में गिग इकॉनमी की जमीनी हकीकत सामने रखी गई है. सर्वे के मुताबिक देश के करीब 40 फीसदी गिग वर्कर्स की मासिक कमाई 15,000 रुपये से भी कम है. सर्वे का कहना है कि गिग वर्कर्स के लिए न्यूनतम प्रति घंटा या प्रति टास्क कमाई तय करने पर विचार होना चाहिए, जिसमें वेटिंग टाइम भी शामिल हो. इससे गिग और रेगुलर नौकरी के बीच सैलरी का फर्क कम हो सकता है.

    सर्वे के अनुसार भारत में गिग वर्कर्स की संख्या FY21 के 77 लाख से बढ़कर FY25 में 1.2 करोड़ हो चुकी है. अनुमान है कि 2029-30 तक गिग वर्क भारत की वर्कफोर्स का 6.7 फीसदी हिस्सा बनेगा और GDP में 2.35 लाख करोड़ रुपये का योगदान देगा. सरकार का फोकस अब गिग वर्क को मजबूरी नहीं, बल्कि बेहतर विकल्प बनाने पर है.

  • Jan 29 2026 02:13 PM IST

    Economic Survey 2025-26: FY26 में 4.4% फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य पर सरकार, कैपेक्स 22.6% तक बढ़ा

    सर्वे के मुताबिक केंद्र सरकार FY26 में GDP के 4.4 फीसदी के फिस्कल डेफिसिट टारगेट को हासिल करने की दिशा में सही रास्ते पर है. सर्वे में कहा गया है कि सरकार ने फिस्कल कंसॉलिडेशन के साथ पब्लिक इनवेस्टमेंट को संतुलित रखा है, जिसे बाजारों और रेटिंग एजेंसियों ने भी सराहा है.

    FY20 से FY25 के बीच केंद्र सरकार के कुल खर्च में कैपिटल एक्सपेंडिचर का हिस्सा 12.5 प्रतिशत से बढ़कर 22.6 प्रतिशत हो गया, जबकि GDP के अनुपात में प्रभावी कैपेक्स 2.6 फीसदी से बढ़कर 4 प्रतिशत तक पहुंच गया. नवंबर 2025 तक केंद्र का फिस्कल डेफिसिट बजट अनुमान का 62.3 फीसदी रहा.

    FY21 में जहां फिस्कल डेफिसिट GDP का 9.2 फीसदी था, वहीं FY25 में यह घटकर 4.8 फीसदी रह गया और FY26 के लिए 4.4 फीसदी का लक्ष्य रखा गया है. सर्वे में बताया गया कि बेहतर खर्च गुणवत्ता और घटता रेवेन्यू डेफिसिट सरकार को ज्यादा निवेश की गुंजाइश दे रहा है. बाजारों में घटती बॉन्ड यील्ड्स और रेटिंग अपग्रेड्स सरकार की फिस्कल अनुशासन नीति पर भरोसे का संकेत हैं.

  • Jan 29 2026 02:07 PM IST

    Economic Survey 2025-26: तांबा और रेयर मिनरल्स बने ग्लोबल पावर का हथियार, सप्लाई पर बढ़ा दबाव

    Economic Survey 2025-26 में कहा गया है कि ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन अब सिर्फ टेक्नोलॉजी से नहीं, बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स पर नियंत्रण से तय हो रहा है. सर्वे के मुताबिक तांबा, लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और रेयर अर्थ एलिमेंट्स अब लो-कार्बन इकॉनमी और एनर्जी सिक्योरिटी के लिए नए “चोकपॉइंट” बन गए हैं.

    इंडोनेशिया, कांगो और चिली में खदानों से जुड़ी दिक्कतों के चलते तांबे की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है, जबकि पावर ग्रिड और डेटा सेंटर्स से मांग लगातार बढ़ रही है. कई देशों द्वारा क्रिटिकल मिनरल्स के एक्सपोर्ट पर रोक से सप्लाई का जोखिम और बढ़ गया है.

    सर्वे में चेतावनी दी गई है कि विकसित देशों द्वारा तय किए जा रहे सख्त स्टैंडर्ड और ESG नियम विकासशील देशों के लिए बाधा बन सकते हैं. इससे वे सिर्फ कच्चा माल निर्यात करने तक सीमित रह सकते हैं और लागत भी बढ़ेगी. भारत ने इस संतुलन के लिए नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों पर जोर दिया है, ताकि आत्मनिर्भरता और ग्लोबल इंटीग्रेशन दोनों साथ चल सकें.

  • Jan 29 2026 01:59 PM IST

    Economic Survey 2026: लेबर कोड से महिलाओं और गिग वर्कर्स की सुरक्षा होगी मजबूत

    सर्वे के मुताबिक लेबर कोड्स देश में फॉर्मल रोजगार को बढ़ावा देने और महिलाओं व गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा. चारों लेबर कोड्स अगले कुछ महीनों में लागू होने की उम्मीद है.

    सर्वे के अनुसार हाल के वर्षों में भारत में रोजगार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. e-Shram पोर्टल के जरिए जनवरी 2026 तक 31 करोड़ से ज्यादा असंगठित कामगारों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें 54 प्रतिशत महिलाएं हैं. लेबर कोड्स के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक मान्यता मिली है और सोशल सिक्योरिटी का दायरा बढ़ाया गया है. सर्वे का कहना है कि अब फोकस नौकरियों की संख्या के साथ-साथ काम की गुणवत्ता पर भी है.

  • Jan 29 2026 01:55 PM IST

    Economic Survey 2026: FTA नेटवर्क से भारत को नए बाजारों से मिलेगी ताकत

    Eco Survey 26 के मुताबिक भारत द्वारा किए गए Free Trade Agreements (FTAs) देश की ट्रेड रणनीति को मजबूती दे रहे हैं और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय कंपनियों को भरोसेमंद बाजार उपलब्ध करा रहे हैं. सर्वे में कहा गया है कि भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच ट्रेड परफॉर्मेंस बनाए रखने के लिए विविधीकृत व्यापार रणनीति अपना रहा है.

    भारत ने UK, UAE, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ, ओमान और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ FTA पूरे किए हैं. इन समझौतों से एक्सपोर्ट पर फोकस करने वाली कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने में मदद मिल रही है.

  • Jan 29 2026 01:49 PM IST

    Economic Survey 2026: अमेरिका और यूरोप में 50% हुआ दवाओं का एक्सपोर्ट, फार्मा में AI को शामिल करने पर जोर

    सर्वे के मुताबिक भारत का फार्मा सेक्टर अब सिर्फ ज्यादा मात्रा में दवाएं बनाने की जगह वैल्यू-ड्रिवन मॉडल की ओर बढ़ रहा है. सर्वे में कहा गया है कि उद्योग अब कॉम्प्लेक्स जेनरिक्स, बायोसिमिलर्स और इनोवेशन पर ज्यादा फोकस कर रहा है, ताकि वैल्यू चेन में ऊपर जाया जा सके.

    भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक है और वैश्विक जेनरिक दवाओं की करीब 20 फीसदी मांग पूरी करता है. FY25 में सेक्टर का टर्नओवर 4.72 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि FY15 से FY25 के बीच फार्मा एक्सपोर्ट 7 फीसदी CAGR से बढ़ा है. भारत ने FY25 में 191 देशों को दवाओं का निर्यात किया, जिसमें 50 फीसदी से ज्यादा एक्सपोर्ट अमेरिका और यूरोप जैसे सख्त रेगुलेटेड बाजारों में गया.

    फार्मा एक्सपोर्ट वैल्यू में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी 3 प्रतिशत है और रैंक 11वीं है. वहीं मेडिकल डिवाइसेज एक्सपोर्ट FY21 के 2.5 अरब डॉलर से बढ़कर FY25 में 4.1 अरब डॉलर हो गया है. सर्वे के मुताबिक मेडिकल डिवाइसेज सेक्टर में AI और 3D प्रिंटिंग जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी अपनाकर आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत है.

  • Jan 29 2026 01:33 PM IST

    Economic Survey 2026: बार-बार बदलती कृषि निर्यात नीति से बिगड़ रहा भरोसा, 100 अरब डॉलर एक्सपोर्ट का मौका खतरे में

    कृषि निर्यात नीति में बार-बार होने वाले बदलाव भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं. सर्वे के मुताबिक घरेलू कीमतों और उत्पादन में उतार-चढ़ाव के चलते सरकार अक्सर अल्पकालिक उद्देश्यों के लिए निर्यात पर रोक, न्यूनतम निर्यात मूल्य जैसे कदम उठाती है. इससे घरेलू महंगाई पर तो अस्थायी नियंत्रण मिलता है, लेकिन सप्लाई चेन प्रभावित होती है और विदेशी खरीदार दूसरे देशों की ओर रुख कर लेते हैं.

    सर्वे ने चेताया है कि एक बार जो एक्सपोर्ट मार्केट हाथ से निकल जाता है, उसे दोबारा पाना आसान नहीं होता, जिससे भारत की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है. जबकि भारत को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों का बड़ा स्रोत माना जाता है.

    Economic Survey के अनुसार अगले चार वर्षों में कृषि, मरीन और फूड-बेवरेज सेक्टर से 100 अरब डॉलर के निर्यात की क्षमता है. इसके लिए घरेलू जरूरतों और निर्यात के बीच संतुलन जरूरी है, ताकि किसानों को वैश्विक बाजार से बेहतर आय मिल सके.

  • Jan 29 2026 01:23 PM IST

    Economic Survey: महंगाई में हल्की बढ़ोतरी का अनुमान, RBI के दायरे में रहने की उम्मीद

    सर्वे के मुताबिक आने वाले वित्त वर्ष में देश की महंगाई धीरे-धीरे बढ़ सकती है, लेकिन इसके Reserve Bank of India के तय दायरे में बने रहने की उम्मीद है. सर्वे में कहा गया है कि वैश्विक कमोडिटी कीमतों में नरमी, खाने-पीने की चीजों की महंगाई में कमी और कमजोर रुपया मिलकर महंगाई के रुख को तय करेंगे.

    RBI के अनुमान के अनुसार FY27 की पहली तिमाही में महंगाई 3.9 फीसदी और दूसरी तिमाही में 4 फीसदी रह सकती है. वहीं International Monetary Fund का अनुमान है कि FY26 में औसतन महंगाई 2.8 फीसदी रहेगी, जो FY27 में बढ़कर 4 फीसदी तक पहुंच सकती है.

    सर्वे में यह भी बताया गया है कि अगले दो साल में महंगाई धीरे-धीरे 4 फीसदी की ओर बढ़ेगी. कमजोर रुपया आयातित महंगाई का जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन कच्चे तेल समेत वैश्विक कमोडिटी कीमतों में नरमी के चलते इसका असर सीमित रहने की संभावना है.

    हालांकि, सोना, चांदी और तांबे जैसी कीमती और बेस मेटल्स की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे कोर इंफ्लेशन पर दबाव रह सकता है. Economic Survey के मुताबिक कुल मिलाकर महंगाई पर नजर तो रहेगी, लेकिन हालात फिलहाल नियंत्रण में रहने के संकेत दे रहे हैं.

  • Jan 29 2026 01:11 PM IST

    Economic Survey 2025-26: भारतीय गाड़ियों की दुनिया में बढ़ी मांग, 33% बढ़ा ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री प्रोडक्शन

    Economic Survey 2025-26 के मुताबिक भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए अच्छी खबर है. सर्वे में कहा गया है कि गाड़ियों के बढ़ते निर्यात से यह साफ होता है कि दुनियाभर के बाजारों में भारत में बनी गाड़ियों को तेजी से स्वीकार किया जा रहा है. FY25 में पैसेंजर, कमर्शियल, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट को मिलाकर 53 लाख से ज्यादा गाड़ियां एक्सपोर्ट की गईं. वहीं 2025-26 की पहली छमाही में भी एक्सपोर्ट में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई है.

    सर्वे के अनुसार, कोरोना के बाद मांग में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है, जिसका सीधा असर उत्पादन और बिक्री पर पड़ा है. पिछले एक दशक में, यानी FY15 से FY25 के बीच, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का कुल उत्पादन करीब 33 प्रतिशत बढ़ा है. यह ग्रोथ घरेलू मांग के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में भारत की मजबूत होती पकड़ को भी दिखाती है. ऑटो इंडस्ट्री देश के कुल GST कलेक्शन में लगभग 15 प्रतिशत का योगदान करता है.

    Economic Survey में यह भी कहा गया है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बाजार बन चुका है, जबकि पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल्स के मामले में भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार है. इसके साथ ही सरकार की PLI स्कीम, EV से जुड़ी योजनाएं और बैटरी स्टोरेज प्रोग्राम जैसे कदमों से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के रजिस्ट्रेशन में भी हाल के वर्षों में तेजी आई है.

    मार्च 2024 में शुरू की गई इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाली स्कीम से भी सेक्टर को मजबूती मिली है.

  • Jan 29 2026 01:05 PM IST

    Economic Survey 2026: आयरन ओर के मामले में भारत आत्मनिर्भर

    सर्वे में यह भी बताया गया कि भारत आयरन ओर के मामले में लगभग आत्मनिर्भर है, लेकिन कॉकिंग कोल के लिए आयात पर निर्भरता अब भी एक बड़ी चिंता है. इसी जोखिम को कम करने के लिए सरकार ने 2022 में मिशन कोकिंग कोल शुरू किया, जिसका लक्ष्य 2030 तक घरेलू उत्पादन को 140 मिलियन टन तक पहुंचाना है.

  • Jan 29 2026 01:03 PM IST

    Economic Survey 2025-26: स्टील सेक्टर पर दबाव, सस्ती विदेशी स्टील से बढ़ी चुनौती

    Economic Survey 2025-26 में सरकार ने माना है कि देश का स्टील सेक्टर इस समय अंतरराष्ट्रीय कीमतों के फर्क और कच्चे माल की सुरक्षा जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है. सर्वे के मुताबिक भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड स्टील उत्पादक है और इंफ्रास्ट्रक्चर व इंडस्ट्रियल विकास में स्टील सेक्टर की अहम भूमिका बनी हुई है.

    पिछले पांच साल में कंस्ट्रक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से मजबूत मांग के चलते स्टील उद्योग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. हालांकि FY26 के दौरान (अप्रैल–अक्टूबर) भारत नेट स्टील आयातक रहा. इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्टील की कम कीमतें रहीं, जिससे एक्सपोर्ट पर मार पड़ी और सस्ती विदेशी स्टील का आयात बढ़ा.

    उत्पादन के आंकड़ों की बात करें तो FY26 में अप्रैल से अक्टूबर के बीच क्रूड स्टील उत्पादन 11.7 प्रतिशत, फिनिश्ड स्टील उत्पादन 10.8 प्रतिशत और खपत 7.8 प्रतिशत बढ़ी है. सर्वे के मुताबिक ये आंकड़े बताते हैं कि घरेलू मांग मजबूत है, लेकिन वैश्विक कीमतों का दबाव अब भी स्टील सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.

  • Jan 29 2026 12:53 PM IST

    Economic Survey 2026: अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता इस साल हो सकती है पूरी

    अमेरिका के साथ चल रही व्यापार समझौते को लेकर बातचीत इस साल पूरी होने की उम्मीद है. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, यह समझौता बाहरी मोर्चे पर बनी अनिश्चितता को कम करने में मददगार साबित हो सकता है.

    सर्वेक्षण में कहा गया है कि मौजूदा वैश्विक हालात भारत के लिए तत्काल किसी बड़े मैक्रोइकोनॉमिक संकट की बजाय बाहरी अनिश्चितताओं के रूप में सामने आ रहे हैं. प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों में सुस्त आर्थिक वृद्धि, टैरिफ से जुड़ी व्यापारिक बाधाएं और पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव समय-समय पर भारत के निर्यात और निवेशकों की धारणा पर दबाव बना सकते हैं.

    हालांकि, सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि अमेरिका के साथ जारी व्यापार वार्ताएं यदि इस वर्ष पूरी हो जाती हैं, तो इससे बाहरी मोर्चे पर अनिश्चितता काफी हद तक कम हो सकती है.

    भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत मार्च 2025 से जारी है. अब तक इस संबंध में छह दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं. बातचीत की रफ्तार धीमी रहने की एक बड़ी वजह यह है कि ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 से भारतीय उत्पादों पर 50% तक का भारी टैरिफ लगा रखा है.

    दिसंबर 2025 में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) के डिप्टी यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव एंबेसडर रिक स्विट्जर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर आया था. यह यात्रा अमेरिकी बाजार में भारतीय वस्तुओं पर 25% टैरिफ और रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर लगाए गए अतिरिक्त 25% जुर्माने के बाद अमेरिकी अधिकारियों की दूसरी भारत यात्रा थी.

  • Jan 29 2026 12:42 PM IST

    वित्त वर्ष 2027 में 6.8-7.2 % रहेगी GDP ग्रोथ रेट

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2026 पेश किया. सर्वे के मुताबिक भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.8 से 7.2 फीसदी तक रहने का अनुमान है. बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद यह आंकड़ा पाजिटिव माना जा रहा है.

  • Jan 29 2026 12:09 PM IST

    Economic Survey 2026: संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश

    भारतीय संसद में वर्तमान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इकोनॉमिक सर्वे पेश कर दिया है. यह सर्वे पिछले वित्त वर्ष की अर्थव्यवस्था का पूरा रिपोर्ट कार्ड जैसा है जिसमें विकास दर मुद्रास्फीति रोजगार निर्यात जैसे कई महत्वपूर्ण आंकड़े और विश्लेषण होते हैं.

  • Jan 29 2026 12:02 PM IST

    Economic Survey 2026: बुलियन इंडस्ट्री पर क्या है एक्सपर्ट की राय

    रेनिशा चेनानी, हेड ऑफ रिसर्च, ऑगमॉन्ट ने कहा—

    बुलियन इंडस्ट्री से जुड़े हितधारकों की मांग है कि सोने के आयात शुल्क को मौजूदा 6% से घटाकर 4% या उससे कम किया जाए, ताकि सोना आम लोगों के लिए सस्ता हो सके और तस्करी पर लगाम लगे. इसके साथ ही कस्टम और टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने की जरूरत है, जिसमें कम टैरिफ स्लैब और स्पष्ट प्रक्रियाएं हों, जिससे अनुपालन आसान हो और पूरी वैल्यू चेन में तरलता बढ़ सके.

    इंडस्ट्री सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) स्कीम को दोबारा आकर्षक बनाने की भी मांग कर रही है. इसके तहत टैक्स-फ्री ब्याज, लंबी अवधि और डिजिटल फॉर्मेट की सुविधा देकर घरेलू सोने के मोनेटाइजेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है.

    फाइनेंशियलाइजेशन को प्रोत्साहित करने के लिए गोल्ड ETF पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में छूट की मांग की गई है. सप्लाई साइड पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड ट्रेडिंग को सरल बनाने, घरेलू बाजार में रिवर्स जॉब वर्क की अनुमति देने और कच्चे माल की उपलब्धता आसान करने के लिए कुछ शुल्कों में छूट की भी मांग की गई है.

    इसके अलावा दुबई से सोने के आयात पर मिलने वाले 1% कस्टम ड्यूटी लाभ को आगे बढ़ाने, ज्वेलरी सेक्टर को रोजगार और मांग बढ़ाने के लिए लगातार नीतिगत समर्थन देने, बेहिसाब कारोबार पर सख्त नियंत्रण और भारत में गोल्ड माइनिंग से जुड़े नियमों को सरल बनाने की भी मांग की गई है, ताकि घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा सके.

  • Jan 29 2026 11:21 AM IST

    Economic Survey 2026: Budget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर की उम्मीदें

    Turtlemint के Chairperson, MD & CEO धीरेंद्र मह्यावंशी के मुताबिक, भारत का इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन इकोसिस्टम तेजी से बदलाव के दौर में है. रेगुलेटरी सुधारों और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल ने इस सेक्टर को नई दिशा दी है. FDI सीमा को 100% तक बढ़ाना और Sabka Bima Sabki Raksha Act का लागू होना इस बात का संकेत है कि सरकार बीमा पहुंच बढ़ाने और डिस्ट्रीब्यूशन को मजबूत करने को लेकर गंभीर है.

    बजट 2026 से उम्मीद है कि टेक्नोलॉजी-ड्रिवन डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल्स को और नीतिगत समर्थन मिलेगा, जिससे बीमा तक लोगों की पहुंच तेजी से बढ़ेगी. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, API-आधारित पार्टनरशिप, एम्बेडेड इंश्योरेंस और POSP मॉडल जैसे इनोवेशन कम लागत में बड़े स्तर पर इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन को संभव बना रहे हैं.

  • Jan 29 2026 10:40 AM IST

    Economic Survey 2026: दो हिस्‍सों में बंटा होता है सर्वे रिपोर्ट

    इकोनॉमिक सर्वे को दो हिस्सों A और B में बांटा गया है. भाग A में पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान हुए मैक्रोइकोनॉमिक विकास और भारतीय अर्थव्यवस्था की व्यापक समीक्षा शामिल होती है. वहीं भाग B में अर्थव्यवस्था से जुड़े खास सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाती है.

  • Jan 29 2026 09:32 AM IST

    Economic Survey 2026: क्या होता है Economic Survey?

    Economic Survey केंद्र सरकार की ओर से हर साल Union Budget से पहले जारी की जाने वाली एक आधिकारिक रिपोर्ट होती है. इसे भारत में वित्त मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किया जाता है. इसमें देश की आर्थिक स्थिति की विस्तृत जानकारी दी जाती है, जैसे GDP ग्रोथ, महंगाई दर, रोजगार, कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र की स्थिति. साथ ही सरकारी नीतियों के प्रभाव और आने वाले वर्ष के लिए आर्थिक अनुमान के साथ सुझाव शामिल होते हैं. यह बजट निर्माण का आधार बनती है और देश की अर्थव्यवस्था की साफ-सुथरी तस्वीर पेश करती है. 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश होगा. इससे पहले 29 जनवरी यानी आज संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगा.

  • Jan 29 2026 09:10 AM IST

    Economic Survey 2026: MSME सेक्टर के लिए बजट से उम्मीद

    लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन, संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी, भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट (बीवाईएसटी) के मुताबिक, केंद्रीय बजट 2026 की ओर देखते हुए, अधिकांश एमएसएमई आगे विकास की उम्मीद कर रहे हैं, जो डिजिटल अपनाने, कौशल विकास, क्षमता विस्तार तथा कम जीएसटी और 12 लाख रुपये तक आयकर छूट जैसे प्रोत्साहनों से प्रेरित होगा.

    हालांकि सीजीटीएमएसई के विस्तार से प्रगति हुई है, फिर भी लगभग 30 लाख करोड़ रुपये का ऋण अंतर (क्रेडिट गैप) बना हुआ है. वर्तमान में केवल 16–19% एमएसएमई को ही औपचारिक ऋण की पहुंच है, जिसे 2028 तक कम से कम 25% तक बढ़ाना आवश्यक है ताकि “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को साकार किया जा सके.

  • Jan 29 2026 08:52 AM IST

    इन खास मुद्दों पर होगी चर्चा

    मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि संसद में इकोनॉमिक सर्वे की पेशगी सामान्य से अधिक समय तक चलेगी, क्योंकि इसमें बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. उन्‍होंने एक कॉलम में बताया कि इस साल की रिपोर्ट में तेज स्वदेशीकरण, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, व्यवसाय करने की लागत कम करना, AI आधारित दौर में रोजगार सृजन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे.

  • Jan 29 2026 08:23 AM IST

    क्‍या है GDP का अनुमान

    वित्त वर्ष 2025 के इकोनॉमिक सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 6.3 से 6.8 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान लगाया गया है. वहीं सर्वे में यह भी उम्मीद जताई गई है कि वित्त वर्ष 2026 में महंगाई दर RBI के 4 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुरूप बनी रहेगी.

  • Jan 29 2026 07:39 AM IST

    कैसे डाउनलोड करें पीडीएफ?

    आर्थिक सर्वेक्षण यानी इकोनॉमिक सर्वे 2026 का दस्तावेज PDF फॉर्मेट में आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा. इसके लिए आप https://www.indiabudget.gov.in/economicsurvey/index.php पर विजिट कर सकते हैं. हालांकि पीडीएफ सर्वे पेश होने के बाद अपलोड किया जाएगा.

  • Jan 29 2026 07:37 AM IST

    कहां देखें लाइव सर्वे?

    इकोनॉमिक सर्वे का लाइव प्रसारण संसद टीवी, दूरदर्शन और केंद्रीय बजट की आधिकारिक वेबसाइट indiabudget.gov.in पर देखा जा सकता है. इसके अलावा, वित्त मंत्रालय और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लाइव वीडियो प्रसारित किया जाएगा. इसके अलावा आप मनी9 लाइव वेबसाइट और मनी9 के यूट्यूब चैनल पर भी इसे देख सकते हैं.

  • Jan 29 2026 07:34 AM IST

    11 बजे होगा पेश

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 29 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी. इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. ए. अनंत नागेश्वरन की ओर से एक प्रेस ब्रीफिंग की जाएगी, जिसमें वे अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख रुझानों की जानकारी देंगे.

Economic Survey 2026: वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने गुरुवार को संसद में Economic Survey 2025-26 पेश किया. सर्वे के मुताबिक सरकार FY26 में 4.4 प्रतिशत फिस्कल डेफिसिट के लक्ष्य पर बनी हुई है. वहीं लेबर कोड लागू होने से फॉर्मल नौकरियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है. साथ ही सर्वे ने यह भी बताया है कि 40 फीसदी गिग वर्कर्स की मासिक कमाई 15 हजार रुपये से कम है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. ऐसे में उनके लिए न्यूनतम कमाई तय करने पर जोर दिया गया है.