भारत में 34 करोड़ LPG उपभोक्ता, जानें किस राज्य में सबसे ज्यादा कनेक्शन; शहर और गांव में खपत में बड़ा फर्क
भारत में LPG उपभोक्ताओं की संख्या 34 करोड़ के करीब पहुंच गई है. आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा गैस कनेक्शन हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में प्रति परिवार गैस की खपत शहरों की तुलना में काफी कम है.
LPG: भारत में खाना पकाने के लिए LPG गैस का इस्तेमाल पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है. खासकर ग्रामीण इलाकों में सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बाद गैस कनेक्शन की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है. इस योजना के तहत गरीब और ग्रामीण परिवारों को मुफ्त LPG कनेक्शन और सब्सिडी वाला सिलेंडर दिया गया. आज देश में करोड़ों घरों में LPG कनेक्शन पहुंच चुका है.
लेकिन हाल के आंकड़े बताते हैं कि गैस कनेक्शन बढ़ने के बावजूद हर घर में LPG का इस्तेमाल बराबर नहीं है. खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग शहरी क्षेत्रों की तुलना में कम गैस इस्तेमाल करते हैं. पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल यानी PPAC के आंकड़ों के मुताबिक भारत में LPG की कुल खपत पिछले तीन दशकों में कई गुना बढ़ चुकी है. इसके बावजूद कई ग्रामीण परिवार अब भी गैस के साथ-साथ लकड़ी या अन्य ईंधन का भी इस्तेमाल करते हैं.
देश में कितने हैं LPG उपभोक्ता
सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश में इस समय करीब 33.37 करोड़ LPG उपभोक्ता हैं. इनमें से लगभग 10.56 करोड़ कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं. यह योजना मुख्य रूप से गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए शुरू की गई थी. इसलिए इसके अधिकतर लाभार्थी गांवों में रहते हैं.
LPG की खपत में बड़ा इजाफा
पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले PPAC के आंकड़ों के अनुसार भारत में LPG की खपत पिछले 30 सालों में करीब छह गुना बढ़ी है. 1998-99 में देश में LPG की खपत लगभग 446 हजार मीट्रिक टन थी, जो बढ़कर 2025-26 में करीब 2754 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गई.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा उपभोक्ता
देश में सबसे ज्यादा LPG उपभोक्ता उत्तर प्रदेश में हैं. यहां करीब 4.87 करोड़ गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 1.88 करोड़ उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं. इसके बाद महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, बिहार और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी बड़ी संख्या में एलपीजी उपभोक्ता हैं.
शहर और गांव में खपत में बड़ा फर्क
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि शहरों में रहने वाले परिवार गांवों की तुलना में ज्यादा एलपीजी इस्तेमाल करते हैं.
उदाहरण के लिए दिल्ली में एक परिवार हर महीने औसतन 11.4 किलो गैस इस्तेमाल करता है. वहीं बिहार में औसत खपत करीब 6.7 किलो और उत्तर प्रदेश में करीब 7.7 किलो है. यानी कई ग्रामीण परिवार एक महीने में आधे सिलेंडर से भी कम गैस इस्तेमाल करते हैं.
क्यों कम है ग्रामीण इलाकों में खपत
ग्रामीण इलाकों में कई परिवार LPG के साथ-साथ लकड़ी या अन्य पारंपरिक ईंधन का भी इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा इनकम का स्तर भी खपत को प्रभावित करता है. जिन राज्यों की इनकम ज्यादा है, वहां परिवार आमतौर पर ज्यादा LPG का उपयोग करते हैं. इसी वजह से कुछ राज्यों में कुल LPG खपत ज्यादा होने के बावजूद प्रति परिवार गैस की खपत कम दिखाई देती है.
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