सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद अब ट्रंप का बड़ा ऐलान, कहा- किसी न किसी रूप में फिर से लागू होंगे टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा “रेसिप्रोकल टैरिफ” रद्द किए जाने के बाद कहा है कि उनकी सरकार दूसरे तरीके से टैरिफ लागू करेगी. ट्रंप का दावा है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों की रक्षा के लिए जरूरी है. इसी बीच अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों के खिलाफ अनुचित व्यापार प्रथाओं की जांच भी शुरू की है.

ट्रंप टैरिफ Image Credit: @Money9live

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ रद्द किए जाने के बाद भी ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर नए तरीके से टैरिफ लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साफ किया है कि वह दूसरे देशों पर टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की अपनी नीति से पीछे हटने वाले नहीं हैं. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके “रेसिप्रोकल टैरिफ” को रद्द किए जाने के लगभग एक महीने बाद ट्रंप ने कहा है कि वह टैरिफ को किसी अन्य रूप में फिर लागू करेंगे. आइये उनका पूरा प्लान जानते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर सोमवार को ट्रंप ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन देशों और कंपनियों के पक्ष में जाता है जो दशकों से अमेरिका का फायदा उठाते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अदालत ने खुद यह माना है कि राष्ट्रपति के पास दूसरे तरीके से टैरिफ लगाने का पूरा अधिकार है और उनकी सरकार इस दिशा में काम भी शुरू कर चुकी है.

  • ट्रंप ने कहा कि अदालत के फैसले से विदेशी देशों को फायदा हो सकता है
  • राष्ट्रपति ने दोहराया कि टैरिफ किसी न किसी रूप में फिर लागू किए जाएंगे
  • उनका दावा है कि इससे अमेरिकी उद्योगों को संरक्षण मिलेगा
  • प्रशासन ‘अनुचित व्यापारिक प्रथाओं’ के खिलाफ कदम उठाने की तैयारी कर रहा है

खरबों डॉलर का नुकसान

ट्रंप के अनुसार, इस मामले में खरबों डॉलर का दांव लगा है. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार का मकसद अमेरिकी उद्योगों को बचाना और उन देशों के खिलाफ कदम उठाना है, जो अमेरिका के साथ अनुचित व्यापारिक व्यवहार करते हैं.

भारत समेत 16 देशों पर जांच

इसी बीच अमेरिका ने कई बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ नई जांच शुरू की है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने भारत, चीन, यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया और मैक्सिको समेत 16 देशों पर “अनुचित व्यापार प्रथाओं” की जांच शुरू की है.

जुलाई तक आ सकता है फैसला

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस जांच में सरकारी सब्सिडी, उत्पादन क्षमता, मजदूरी और निर्यात पैटर्न जैसे पहलुओं की समीक्षा की जाएगी. ट्रेड प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि सेक्शन 301 जांच जुलाई से पहले पूरी करने की योजना है, जिसके बाद नए टैरिफ लगाने की सिफारिश की जा सकती है.

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