LPG संकट में हर हफ्ते 80 हजार लोग बदल रहे कनेक्शन, PNG के लाइन में अब भी इतने लोग; जानें 3 महीने वाला नियम

पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक 5 हफ्तों में 4 लाख से ज्यादा LPG कनेक्शन PNG में बदले गए हैं. इस दौरान 4.41 लाख नए उपभोक्ता जुड़े हैं. सरकार ने कहा LPG सप्लाई और क्रूड स्टॉक पर्याप्त हैं. PNG को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लागू की गई है.

PNG कनेक्शन होल्डर और LPG सिलेंडर Image Credit: @Money9live

LPG Connections Converted to PNG: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सरकार की तरफ से राहत वाली खबर है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पिछले पांच हफ्तों में 4 लाख से ज्यादा LPG कनेक्शनों को PNG में बदला गया है. इसके साथ ही हर दिन करीब 1 लाख 5 किलो वाले सिलेंडर भी दिए जा रहे हैं. इसके अलावा इसी अवधि में 4 लाख 41 हजार नए कंज्यूमर ने भी PNG के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है.

LPG सप्लाई पर सरकार का बड़ा भरोसा

पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेकेट्री सचिव सुजाता शर्मा ने इंटर-मिनिस्टेरियल प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि घरेलू LPG सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. उन्होंने यह भी बताया कि देश में LPG उत्पादन बढ़ाया गया है .

सरकार ने यह भी साफ किया कि देश में क्रूड ऑयल का स्टॉक पर्याप्त है और किसी तरह की तत्काल कमी की स्थिति नहीं है. इससे ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता कम हुई है.

वेस्ट एशिया संकट के बाद बढ़ा PNG पर जोर

मार्च में वेस्ट एशिया में जारी युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होने से LPG की कमी देखने को मिली थी. इसी के बाद सरकार ने घरों और कमर्शियल यूजर्स को PNG की तरफ शिफ्ट करने पर जोर बढ़ा दिया है. सरकार ने साफ किया है कि जिन इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा. अगर कोई उपभोक्ता तीन महीने के अंदर PNG नहीं लेता है, तो उसकी LPG सप्लाई बंद कर दी जाएगी. हालांकि जहां तकनीकी कारणों से पाइपलाइन देना संभव नहीं है, वहां NOC के आधार पर LPG जारी रहेगी.

LPG छोड़ने के लिए लॉन्च हुआ पोर्टल

सरकार ने एक पोर्टल भी शुरू किया है जहां PNG लेने वाले उपभोक्ता LPG छोड़ने की इच्छा जता सकते हैं. इसके बाद गैस एजेंसी घर से सिलेंडर वापस लेगी और सिक्योरिटी डिपॉजिट भी रिफंड किया जाएगा. 24 मार्च को जारी नए ऑर्डर के तहत पाइपलाइन नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने, मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाने और LPG से PNG की ओर बदलाव को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है.

इंडस्ट्री को कम, घरों को ज्यादा गैस

सरकार ने घरेलू उपयोग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए गैस सप्लाई को प्राथमिकता दी है. PNG और CNG सेगमेंट को पूरी सप्लाई दी जा रही है, जबकि इंडस्ट्री को औसतन 80 फीसदी गैस ही मिल रही है. सप्लाई स्थिर रखने के लिए अतिरिक्त LNG कार्गो भी मंगाए जा रहे हैं.

इसे भी पढ़ें- इंडस्ट्री को बड़ी राहत, सरकार ने LPG सप्लाई 70 फीसदी की; फार्मा और एग्रीकल्चर सेक्टर को मिलेगा फायदा