नए साल में AC सहित ये होम अप्लायंसेज होंगे महंगे! तांबे की कीमतों ने बढ़ाया बोझ; जेब पर कितना पड़ सकता है असर?

अगर आप नए साल में AC, मिक्सर-ग्राइंडर, कुकवेयर या बाथवेयर खरीदने की सोच रहे हैं, तो तैयार रहें महंगाई के लिए. तांबे की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जिसके चलते कंपनियां 5 फीसदी से 8 फीसदी तक कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं. जानिए किन प्रोडक्ट्स पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर.

बढ़ेंगी एसी और किचन अप्लायंसेज की कीमतें Image Credit: @AI/Money9live

AC Kitchen Appliances Cost Rose as Copper Surge: अगर आप नए साल में एयर कंडीशनर (AC), मिक्सर-ग्राइंडर, किचन अप्लायंसेज, कुकवेयर या बाथवेयर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. बीते कुछ महीनों में तांबा यानी Copper की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिससे इन प्रोडक्ट्स को बनाने वाली कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई है. और जब कंपनियों की लागत पर बोझ बढ़ता है तो उसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ता है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा तांबा

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने तांबे की कीमत $12,000 प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई. यह 2009 के बाद तांबे में सबसे बड़ी सालाना तेजी मानी जा रही है. तांबे के साथ-साथ एल्युमिनियम जैसी अन्य इंडस्ट्रियल मेटल्स की कीमतों में भी मजबूती आई है, जिससे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर दबाव बढ़ गया है. MCX की बात करें तो आज यानी 3 जनवरी को कॉपर का रेट 1288.5 रुपये प्रति किलो पर था. इसके अलावा, COMEX पर तांबे की कीमत 72.265 डॉलर प्रति पाउंड हो गई.

कंपनियां बढ़ी लागत ग्राहकों पर डालने की तैयारी में

तांबा और उससे जुड़े मटीरियल जैसे पीतल कई इंडस्ट्रीज के लिए अहम कच्चा माल हैं. अप्लायंसेज, कुकवेयर और बाथवेयर कंपनियां अब बढ़ी हुई लागत को झेलने की स्थिति में नहीं हैं और कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं, ताकि मुनाफे पर असर न पड़े. ईटी ने अपनी एक रिपोर्ट में एक कंपनी के सीईओ के हवाले से लिखा है कि तांबे और एल्युमिनियम की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण अप्लायंसेज और कुकवेयर सेगमेंट में 5 से 7 फीसदी तक कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं. उन्होंने बताया कि मिक्सर-ग्राइंडर और न्यूट्री-ब्लेंड जैसे कई पॉपुलर अप्लायंसेज में तांबे की बड़ी हिस्सेदारी होती है, जिससे पूरी इंडस्ट्री पर लागत का दबाव बना हुआ है.

तांबे का विकल्प ढूंढना आसान नहीं

कंपनियों का कहना है कि हर जगह सस्ते विकल्प अपनाना संभव नहीं है. खासकर मोटर जैसे अहम कंपोनेंट्स में अब भी तांबे का इस्तेमाल जरूरी है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मोटर के मामले में तांबा आज भी सबसे भरोसेमंद और प्रभावी मटीरियल माना जाता है. देश के घरेलू बाजार में भी तांबे की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है. MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर शुक्रवार शाम तांबा करीब 1,300 रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गया, जो 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी को दिखाता है.

बाथवेयर इंडस्ट्री पर भी असर, पीतल हुआ महंगा

तांबे के साथ-साथ पीतल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे बाथवेयर सेगमेंट प्रभावित हुआ है. चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से अब तक पीतल की कीमतें 15 फीसदी से 18 फीसदी बढ़ चुकी हैं. उन्होंने बताया कि बाथवेयर इंडस्ट्री पहले ही चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में करीब 12 फीसदी तक कीमतें बढ़ा चुकी है. एयर कंडीशनर सेगमेंट में भी तांबे की कीमतों का सीधा असर दिख रहा है. AC सेगमेंट में इनपुट कॉस्ट 8 फीसदी से 10 फीसदी तक बढ़ गई है. इसके अलावा, नए एनर्जी एफिशिएंसी नियमों के चलते भी लागत बढ़ी है, जिसके चलते AC की कीमतों में 7 फीसदी से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है.

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