विराट ने देसी कंपनी के लिए PUMA के ठुकराए 300 करोड़, यहां लगाए ₹2058 करोड़; शार्क टैंक के जज भी मुरीद

Virat Kohli क्रिकेट से कमाई करने के साथ-साथ लंबे समय से निवेश भी करते आ रहे हैं. उन्होंने कई ब्रांड्स में पैसा लगाया है, लेकिन उनका सबसे चर्चित बिजनेस कदम है उनका खुद का एथलेटिक और लाइफस्टाइल ब्रांड वन8. वन8 की शुरुआत साल 2017 में जर्मनी की स्पोर्ट्स कंपनी Puma के साथ हुई थी.

Agilitas Sports Image Credit: Canva/Money9 live

Virat Kohli: आज के दौर में सेलेब्रिटी सिर्फ विज्ञापन तक सीमित नहीं हैं. अब वे बिजनेस और निवेश की दुनिया में भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. क्रिकेट के मैदान पर भारत का नाम रोशन करने वाले विराट कोहली भी अब इसी राह पर आगे बढ़ चुके हैं. करोड़ों रुपये की ब्रांड डील ठुकराकर उन्होंने एक भारतीय स्पोर्ट्सवियर कंपनी में निवेश का फैसला लिया है.

विराट का यह कदम सिर्फ एक बिजनेस डील नहीं माना जा रहा, बल्कि भारत के बदलते स्टार्टअप और बिजनेस माहौल का संकेत भी माना जा रहा है. खास बात यह है कि इस फैसले पर देश के जाने-माने उद्यमी और शार्क टैंक इंडिया के जज रितेश अग्रवाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि विराट का फैसला दिखाता है कि भारत में बिजनेस करने का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है.

विराट कोहली का बिजनेस सफर

Virat Kohli क्रिकेट से कमाई करने के साथ-साथ लंबे समय से निवेश भी करते आ रहे हैं. उन्होंने कई ब्रांड्स में पैसा लगाया है, लेकिन उनका सबसे चर्चित बिजनेस कदम है उनका खुद का एथलेटिक और लाइफस्टाइल ब्रांड वन8. वन8 की शुरुआत साल 2017 में जर्मनी की स्पोर्ट्स कंपनी Puma के साथ हुई थी. दोनों के बीच आठ साल का करार था, जो अप्रैल 2025 में खत्म हुआ.

300 करोड़ की डील छोड़कर भारतीय कंपनी को चुना

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Puma ने विराट कोहली को एक और आठ साल के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की डील ऑफर की थी. लेकिन विराट ने इस ऑफर को स्वीकार नहीं किया. इसके बजाय उन्होंने एक भारतीय स्पोर्ट्सवियर कंपनी Agilitas Sports के साथ जुड़ने का फैसला किया. यह कंपनी साल 2023 में शुरू हुई थी और तेजी से आगे बढ़ रही है.

वन8 अब अगिलिटास के साथ

प्यूमा से अलग होने के बाद वन8 ब्रांड को अगिलिटास स्पोर्ट्स ने अपने साथ जोड़ लिया. विराट कोहली अब इस कंपनी में निवेशक भी हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, विराट ने अगिलिटास स्पोर्ट्स में करीब 40 करोड़ रुपये का निवेश किया है और वह इसमें माइनॉरिटी शेयरहोल्डर बन गए हैं. जून 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगिलिटास स्पोर्ट्स की वैल्यूएशन करीब 2,058 करोड़ रुपये है.

रितेश अग्रवाल की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर Ritesh Agarwal ने अपनी राय रखी. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि विराट का फैसला इस बात का संकेत है कि भारत का बिजनेस माहौल मजबूत हो रहा है. रितेश ने बताया कि जब विराट से कभी पूछा गया कि अगर वह क्रिकेटर नहीं होते तो क्या बनते, तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया था कि वह बिजनेसमैन बनते. रितेश के मुताबिक, इतने बड़े खिलाड़ी का खुद का पैसा किसी भारतीय कंपनी में लगाना यह दिखाता है कि भारत में बिजनेस को लेकर भरोसा बढ़ा है.

स्टार्टअप और भारतीय ब्रांड्स को बढ़ावा

रितेश अग्रवाल, जो OYO Rooms के सीईओ हैं और Shark Tank India में जज भी हैं, मानते हैं कि इस तरह के फैसले भारतीय स्टार्टअप्स के लिए बड़ा संदेश देते हैं. उनका कहना है कि जब बड़े नाम भारतीय कंपनियों पर भरोसा दिखाते हैं, तो इससे पूरे इकोसिस्टम को ताकत मिलती है. विराट कोहली का 300 करोड़ की विदेशी डील छोड़कर एक भारतीय स्पोर्ट्सवियर कंपनी में निवेश करना सिर्फ एक बिजनेस फैसला नहीं है. यह भारत के बढ़ते स्टार्टअप कल्चर और देसी ब्रांड्स पर बढ़ते भरोसे की कहानी भी है.

ये भी पढ़ें- टियर-3 कॉलेज के स्टूडेंट ने 12 लाख सैलरी को 2 साल में ₹24 LPA तक पहुंचाया, जॉब भी नहीं बदली, शेयर की जर्नी स्टोरी