RBI ने बैंक डिविडेंड को PAT के 75 फीसदी पर सीमित करने का दिया प्रस्ताव, जानिए क्या है इसका मतलब
साथ ही बैंकों का उस अवधि के लिए एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पॉजिटिव होना चाहिए, जिसके लिए डिविडेंड का प्रस्ताव दिया गया है. ड्राफ्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक को डिविडेंड के वितरण या मुनाफे के रेमिटेंस पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मंगलवार को बैंकों द्वारा डिविडेंड के लिए नियम प्रस्तावित किए, जिसमें शेयरधारकों को भुगतान उनके नेट प्रॉफिट के 75 फीसदी तक सीमित किया गया है. फिलहाल यह लिमिट 40 फीसदी है. PTI की रिपोर्ट के अनुसार, रिजर्व बैंक ‘डिविडेंड’ को इक्विटी शेयरों पर देय राशि के रूप में परिभाषित करता है और इसमें अंतरिम डिविडेंड शामिल है, लेकिन परपेचुअल नॉन-कम्यूलेटिव प्रेफरेंस शेयरों (PNCPS) पर डिविडेंड शामिल नहीं है.
डिविडेंड भुगतान के कैलकुलेशन
RBI ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक – डिविडेंड की घोषणा और मुनाफे के प्रेषण पर विवेकपूर्ण मानदंड) निर्देश, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें अधिकतम पात्र डिविडेंड भुगतान की गणना के लिए एक नई कार्यप्रणाली का प्रस्ताव दिया गया है. PTI के अनुसार, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को डिविडेंड की घोषणा या मुनाफे के रेमिटेंस के प्रस्ताव पर विचार करते समय लंबी अवधि की विकास योजनाओं और पूंजी स्थिति पर विचार करना चाहिए.
पॉजिटिव होना चाहिए PAT
साथ ही बैंकों का उस अवधि के लिए एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पॉजिटिव होना चाहिए, जिसके लिए डिविडेंड का प्रस्ताव दिया गया है. PTI के अनुसार, भारत में ब्रांच मोड में काम कर रहे विदेशी बैंक का उस अवधि के लिए PAT पॉजिटिव होना चाहिए, जिसके लिए प्रॉफिट हेड ऑफिस को भेजा जाना है.
ड्राफ्ट में कहा गया है, ‘भारत में शामिल कोई बैंक निर्धारित सीमाओं तक डिविडेंड घोषित और भुगतान कर सकता है, लेकिन कुल मिलाकर उस अवधि के PAT के 75 फीसदी से ज्यादा नहीं, जिसके लिए डिविडेंड प्रस्तावित किया जा रहा है.’ इस पर RBI ने 5 फरवरी तक टिप्पणियां मांगी हैं.
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसे सिस्टमैटिकली महत्वपूर्ण बैंकों को अगर वे अपने एडजस्टेड नेट प्रॉफ़िट का 100% डिविडेंड देना चाहते हैं, तो उन्हें और भी मजबूत CET1 रेश्यो रखने होंगे. उदाहरण के लिए SBI को इसके लिए कम से कम 20.8% CET1 रेश्यो की जरूरत होगी, जबकि शेयरहोल्डर्स को अधिकतम भुगतान करने के लिए HDFC और ICICI के लिए न्यूनतम CET1 रेश्यो क्रमशः 20.4% और 20.2% होंगे.
रिजर्व बैंक के पास सुरक्षित रहेगा अधिकार
ड्राफ्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक को डिविडेंड के वितरण या मुनाफे के रेमिटेंस पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा. RBI ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और स्थानीय क्षेत्र के बैंकों के मामले में PAT के 80 फीसदी की उच्च सीमा का प्रस्ताव दिया है.
एक अलग घटनाक्रम में RBI ने मंगलवार को कहा कि शेड्यूल कमर्शियल बैंकों का सुपरवाइजरी डेटा क्वालिटी इंडेक्स स्कोर अप्रैल-जून अवधि में 89.9 की तुलना में सितंबर 2025 तिमाही में बढ़कर 90.7 हो गया है.
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